Keral News: भारत में तीन तलाक को लेकर कानून के सख्त प्रावधानों के बावजूद केरल के कोल्लम जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अब्दुल बासित नामक व्यक्ति ने फोन पर अपनी पत्नी को तीन बार तलाक कहकर विवाह खत्म करने की कोशिश की। इसके बाद, पत्नी की शिकायत पर बासित को तुरंत गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया अब इस मामले में कई खुलासे..आइए जानते है क्या है पूरा मामला…पढ़े पूरा.
Keral News: क्या है पूरा मामला? जाने
Keral के कोल्लम जिले के महीनापल्ली निवासी अब्दुल बासित ने अपनी 20 साल की पत्नी को फोन पर तीन तलाक दे दिया। पत्नी की शिकायत के अनुसार:
- बासित ने अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाकर दूसरी शादी कर ली।
- दूसरी पत्नी को एक अलग मकान में किराए पर रखा।
- मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के कारण दोनों के बीच विवाद बढ़ा।
- पत्नी ने बासित पर धमकी देने और दूसरी शादी करने की योजना बनाने का आरोप भी लगाया।
झगड़े के बाद पत्नी मायके लौट गईं। इसके बाद, 19 जनवरी को बासित ने फोन पर तीन तलाक देकर रिश्ते को खत्म करने की धमकी दी। पत्नी ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर बासित को गिरफ्तार किया गया।
Keral News: तीन तलाक कानून क्या कहता है?
2019 में लागू हुए मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम के तहत:
- तीन तलाक को अपराध घोषित किया गया है।
- यह गैर-कानूनी और दंडनीय है, जिसके लिए 3 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
- कानून के अनुसार, तलाक केवल कानूनी प्रक्रिया से ही वैध हो सकता है।
Keral News: पुलिस ने कैसी की कार्रवाई
कोल्लम पुलिस ने अब्दुल बासित पर मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। फिलहाल, बासित 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।
Keral News से समाज के लिए क्या संदेश?
यह मामला दिखाता है कि भारत में महिलाओं के अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने के लिए कानून कितने महत्वपूर्ण हैं। तीन तलाक कानून ने महिलाओं को एक मजबूत कानूनी हथियार दिया है। इस तरह की घटनाएं न केवल महिलाओं को जागरूक करती हैं, बल्कि समाज में कानून के प्रति सम्मान बढ़ाने का काम भी करती हैं।
Keral News: निष्कर्ष
तीन तलाक का यह मामला हमें यह समझने का मौका देता है कि कैसे कानून समाज में बदलाव ला सकते हैं। महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए और किसी भी अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस करना चाहिए। यह घटना न्याय और कानून की जीत को दर्शाती है।












