Rajasthan News Today : राजस्थान इस वक्त कुदरत के कहर का सामना कर रहा है। जुलाई के महीने में जब राज्य में बारिश औसतन कम होती है, इस बार हालात बिल्कुल उलट हैं। कई जिलों में बारिश के पिछले रिकॉर्ड टूट चुके हैं, और अब नदियां व बांध भी उफान पर हैं। टोंक, कोटा, झालावाड़, धौलपुर से लेकर बूंदी और प्रतापगढ़ तक पानी का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है।
Rajasthan News : बीसलपुर बांध में खोले गए 6 गेट – 72,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
टोंक जिले के प्रमुख जलस्रोत बीसलपुर बांध का जलस्तर सोमवार को खतरे की सीमा को पार कर गया। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए इसके 6 गेट खोल दिए, जिससे करीब 72 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बांध के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में चेतावनी जारी की गई है और SDRF को अलर्ट पर रखा गया है।
कोटा बैराज से 3 लाख क्यूसेक पानी की निकासी, 12 गेट खोले गए
कोटा क्षेत्र में भी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। चंबल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। कोटा बैराज इस सीजन में तीसरी बार छलका है। सोमवार को 12 गेट खोलकर 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह स्थिति downstream शहरों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। धौलपुर में चंबल का जलस्तर 131.20 मीटर दर्ज किया गया है, जो कि खतरे के निशान 130.79 मीटर से ऊपर है।
झालावाड़ में कालीसिंध बांध के 5 गेट खुले, 75,521 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
राजस्थान के झालावाड़ जिले और मध्यप्रदेश से सटे क्षेत्रों में भी जोरदार बारिश हो रही है। इससे कालीसिंध बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सोमवार को 5 गेट खोलकर 75,521 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके अलावा भीमसागर बांध के भी 4 गेट खोले गए हैं और छापी बांध के 5 गेट भी खुले हैं।
बूंदी के गुड़ा बांध के 12 गेट खुले, नवनेरा एबरा बांध से भी 2 लाख क्यूसेक निकासी
ईआरसीपी के अंतर्गत आने वाले कालीसिंध नदी पर बने नवनेरा एबरा बांध के 10 गेट खोलकर दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसी तरह बूंदी जिले के गुड़ा बांध के 12 गेट खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग ने यहां के आसपास के गांवों को सतर्क कर दिया है।
करौली, प्रतापगढ़ और धौलपुर में नदियां उफान पर, स्कूलों की छुट्टियां घोषित
करौली के पांचना बांध से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। यहां 2 गेट से 1300 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। प्रतापगढ़ जिले का भंवर सेमला बांध तेजी से भर रहा है और इसका जलस्तर 12.80 मीटर तक पहुंच चुका है, जबकि इसकी कुल क्षमता 14.70 मीटर है। किसी भी समय इसके गेट खोले जा सकते हैं।
धौलपुर में चंबल नदी के खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी है। इसी तरह भरतपुर, बीकानेर, जयपुर और अजमेर संभागों में 28 से 30 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
रेगिस्तान में समंदर का नजारा – 100 से ज्यादा सड़कें बंद, कई गांवों का संपर्क टूटा
राजस्थान के कई शहरों में जलजमाव और नदी-नालों के उफान के कारण 100 से अधिक सड़कों पर आवागमन बंद है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई गांवों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने NDRF और SDRF की टीमों को तैनात कर राहत कार्य शुरू कर दिए हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर – सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किए जा रहे लोग
राज्य सरकार और जिला प्रशासन हर जिले में हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। जल संसाधन विभाग ने सभी प्रमुख बांधों की निगरानी तेज कर दी है। जहां भी जलस्तर खतरे के निशान के करीब है, वहां स्थानीय लोगों को अस्थायी शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है।
निष्कर्ष: राजस्थान में बारिश ने बदले हालात, खतरे की घंटी बज चुकी है!
राजस्थान, जो सामान्यतः सूखे और गर्म मौसम के लिए जाना जाता है, इस बार अत्यधिक वर्षा से बेहाल है। बांधों से पानी की निकासी, नदियों के उफान और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति आने के बाद प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी है। अगर बारिश ऐसे ही जारी रही, तो आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।











