Cyber Fraud Alert: अब इन लोगों की खैर नहीं! सरकार तैयार कर रही लिस्ट, 3 साल तक नहीं मिलेगा नया सिम कनेक्शन देश में साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच सरकार एक बड़ा कदम उठाने वाली है. भारत सरकार ने उन लोगों को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी पूरी कर ली है, जो दूसरों के नाम पर सिम खरीदते हैं या फ्रॉड मैसेज भेजते हैं.इन्हें साइबर सुरक्षा के लिए खतरा मानकर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा. इतना ही नहीं, ऐसे लोगों को 3 साल तक कोई नया सिम लेने पर भी रोक लगाई जा सकती है. Cyber Fraud रोकने की दिशा में यह बड़ा कदम हो सकता है.. आइए जानते है क्या है पूरा मामला… पढ़े पूरी जानकारी
Cyber Fraud Alert: साइबर अपराधों को लेकर अब एक्शन में है सरकार
सीएनबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, सरकार के दूरसंचार विभाग ने ब्लैकलिस्ट बनानी चालू कर दी है. इस सरकारी लिस्ट में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए जाएंगे, जो दूसरों के नाम पर सिम खरीदते हैं या Cyber Fraud वाले मैसेज भेजते हैं. जिन लोगों के नाम इस ब्लैकलिस्ट में आएंगे, उनके मौजूदा सिम कार्ड ब्लॉक कर दिए जाएंगे और वो 6 महीने से लेकर 3 साल के समय तक कोई भी नया सिम कार्ड नहीं खरीद पाएंगे।
- किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर सिम लेने पर सरकार एक्शन लेगी।
- Cyber Fraud वाले मैसेज भेजने पर सरकारी एक्शन होगा।
भारत सरकार नोटिस के ज़रिए लेगी 7 दिन में जवाब वरना ब्लेकलिस्ट!
Cyber Fraud भारत सरकार ब्लैकलिस्ट में नाम डालने से पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस कर जवाब मांगेगी. जवाब देने के लिए उनके पास 7 दिन का समय होगा. वहीं व्यापक जनहित को देखते हुए बिना नोटिस दिए भी किसी व्यक्ति को ब्लैकलिस्ट में शामिल किया जा सकता है।
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Cyber Fraud को रोकने के लिए किस प्रकार के कदम उठा रही है सरकार?
भारत सरकार साइबर क्राइम पर रोक लगाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। कुछ दिनो पहले ही जागरुकता फैलाने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को Cyber Fraud से बचाव के कदमों वाली कॉलर-ट्यून चलाने के निर्देश दिए गए थे. यह अभियान सरकार द्वारा 3 महीने तक चलाया जाएगा. इसके साथ ही सरकार ने संसद में बताया है कि उन्होंने साइबर अपराधों को नियंत्रित करने के प्रयास में 15 नवंबर, 2024 तक 6.69 लाख सिम कार्ड और 1,32,000 आईएमईआई नंबर को ‘ब्लॉक’ कर दिया है।












