Rajasthan Big Update : राजस्थान में तीन संभाग और 9 जिलों के खत्म होने के निर्णय के पश्चात राजस्थान के निवासियों को आधार से लेकर जनाधार जैसे दस्तावेजों में अब परिवर्तन करना होगा इसके अलावा सरकारी भवनों का भी नाम बदल जाएगा।
Rajasthan New District Cancelled : रविवार को राजस्थान में तीन संभाग और नौ जिलों के खत्म होने की अधिसूचना जारी कर दी गई। जिसके चलते अब स्थानीय लोगों को आधार से लेकर जनाधार जैसे दस्तावेजों को परिवर्तन करना होगा। वही एक बार फिर से सरकारी भवनों का भी नाम बदल दिया जाएगा। आपको बता दें कि इन नए जिला मुख्यालय पर 12 विभागों की स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई थी लेकिन अब इन पदों के बारे में विभागों को एक बार फिर से संशोधन करना होगा।
तीन संभाग और नौ जिलों के खत्म होने के बाद अब स्थानीय लोगों पर इसके असर का भी आकलन करना शुरू कर दिया गया है गौरतलब है की रिकॉर्ड वापस जाने से कामकाज में फिर से देरी होगी और नए जिलों की स्टेशनरी व्यर्थ हो जाएगी।
प्रदेश में पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक सेवाओं की कमी भी है लेकिन जिले और संभाग के खत्म होने के बाद अब उनकी आवश्यकता भी सरकार को नहीं पड़ेगी जिससे सरकार को थोड़ा सा राहत होगी।
पाली निगम में भी होगा संकट:
तीन संभाग और नौ जिलों के खत्म होने के बाद अब नगर निगम में पाली पर भी संकट की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है अब जनसंख्या के आधार पर नियम बनाए रखना या हटाना सुनिश्चित होगा। और यहां तक की स्थानीय लोगों को पाली, सिरोही और जालौर के कार्य हेतु जोधपुर अब जाना होगा।
बांसवाड़ा के लोग जाएंगे उदयपुर:
आदिवासी क्षेत्र में योजनाओं के मॉनिटरिंग के हेतु संभाग बनाया गया था और वहां राजस्व की अपील भी सुनी जाने लगी थी। लेकिन अब बांसवाड़ा उदयपुर के लोगों को इसके लिए अब राजस्व की अपील के लिए उदयपुर जाना होगा। जिसकी दूरी बांसवाड़ा से 165 किलोमीटर है।
उभरते Rajasthan के समय एक करोड रुपए के म्ययो हुए लेकिन अब जिला स्तरीय की सुविधा और जिला मुख्यालय ना होने से इसका असर पड़ेगा। सरकारी जमीन भी जिला मुख्यालय कार्यालय के लिए आवंटित कर दी गई थी
दूदू : दूदू के जिला बनने के बाद यहां की जमीनों का भाव प्रति बीघा 20 लाख बढ़ गया था और हाईवे के पास की जमीन का भाव प्रति बीघा 40 लाख हो गया था लेकिन अब इसके जिला के दर्जा का खत्म होने के बाद अब यहां की जमीनों का भाव में कमी आएगी जिले में सुविधाओं के होने के कारण यहां कई सारे ऑटोमोबाइल बड़ी-बड़ी कंपनियां भी स्थापित कर दी गई थी लेकिन अब जिले का दर्जा खत्म होने के बाद इसका असर इन कंपनी और ऑटोमोबाइल दुकानों पर भी होगा।
अनुपगढ़ : अनूपगढ़ में भी जिला का दर्जा खत्म होने से इस पर असर होगा बता दें कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां विकास की मुख्य धारा कटी थी यहां जिला अस्पताल भी बनने वाला था।
शाहपुर : उदयपुर संभाग में भीलवाड़ा था तथा अजमेर संभाग में शाहपुर चला गया था यहां तक की जिला मुख्यालय परिसर के लिए जमीन भी निश्चित कर दी गई थी।
सांचौर : सबसे बड़ी विपत्ति तो सांचौर के स्थानीय लोगों के लिए आन पड़ी है जिनको अब जिले के कार्य के लिए 154 किलोमीटर के लिए जाना होगा।
अधिकारियों ने कहा दी जाएगी राहत :
अधिकारियों का साफ कहना है कि ऑनलाइन और परिवहन सुविधाओं के बढ़ने के कारण ज्यादा चिंता होने की आवश्यकता नहीं है अधिकारियों का कहना है की सुविधाओं के लिए अतिरिक्त कलेक्टर अतिरिक्त जिला मुख्यालय भी राहत के लिए चुना जाएगा।
यहां कड़ा विरोध आंदोलन की हो रही तैयारी:
गंगापुरसिटी : 9 जिले और तीन संभाग को खत्म किए जाने के पश्चात अब यहां के स्थानीय लोगों के द्वारा कड़ा विरोध की तैयारी शुरू हो गई है। यहां तक की सांचौर जिले में तो वहां के स्थानीय लोग मुख्यमंत्री के साथ मिलकर सांचौर जिले के बैनर तले एकत्रित हुए और विरोध करने में सम्मिलित हुए। यहां तक कि यहां के स्थानीय लोगों के द्वारा यहां पर ट्रेन को रोकने का भी प्रयास किया गया। रविवार को सवार में भी केकड़ी के जिले के दर्जे को खत्म करने के बाद विरोध किया गया।
इन दिनों से शुरू होगा आंदोलन: गंगापुर सिटी के जिले के दर्जे को खत्म होने के पश्चात यहां के उप नेता रामकेश मीणा की ओर ने विरोध किया है। 2 जनवरी से शहर के प्रबंधन और व्यावसायिक लोगों द्वारा विरोध के लिए तैयारी भी की जाएगी।
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अनूपगढ़ और दूदू में भी खतरनाक प्रदर्शन:
अनूपगढ़ और दूदू में भी में स्थानीय लोगों ने सरकार के खिलाफ खतरनाक प्रदर्शन किया यहां तक की चक्का जाम कर दिया। दूदू में जिले के दर्जे को खत्म होने के पश्चात स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन दिया। स्थानी लोगों के द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई बजारे बंद कर दी गई शाहपुर में भी प्रदर्शन किया गया यहां तक की हाई कोर्ट में याचिका दर्ज करने की अपील भी की गई।











