Bikaner Table Tennis Matter : बीकानेर में Table Tennis के खिलाड़ियों के साथ पुलिस बल बुलाकर किया गया दुर्व्यवहार बच्चों के साथ उनके माता- पिता को पुलिस थाने तक ले जाना निंदनीय घटना है..आइए जानते है पूरा मामला क्या है…अधिक पढ़े.
Bikaner में Table Tennis खिलाड़ियों के साथ अत्याचार
करणी सिंह स्टेडियम में लंबे समय से अभ्यासरत खिलाड़ियों ने अपने अभिभावकों की मार्फत जिलाधीश महोदया और पुलिस अधीक्षक को बताया कि 23/11/24 को अभ्यासरत खिलाड़ियों को सांय 7:20 के आसपास पुलिस बल बुला कर जबरन बाहर निकाल कर थाने ले जाया गया, ये खिलाड़ी केवल खेलने की प्रार्थना ही कर रहे थे तथा आश्चर्य की बात यह है कि बैडमिंटन हॉल खुला था रात 10.30 तक बैडमिंटन लगातार चलता रहता है , उल्लेखनीय बात यह है कि इन खिलाड़ियों में नेशनल मेडलिस्ट , राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं , इन खिलाड़ियों की तरफ से दुर्व्यवहार के दोषी पुलिस कर्मियों एवं अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ ज्ञापन सौंपा गया तथा इस तरह के दुर्व्यवहार एवं भेदभाव को समाप्त करवा कर टेबल टेनिस खिलाड़ियों को भी खेलने हेतु पर्याप्त समय उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
भारत में खिलाड़ियों का समान और भविष्य कहाँ है
भारत में खिलाड़ियों का समान और भावना की कदर करना तो जैसे ख़त्म सा हो गया है भारत में मेजर ध्यानचंद जैसे खिलाड़ी हुए है जिन्होंने देश का नाम पूरे विश्व में रोशन किया और खिलाड़ियों का गौरव बढ़ाया परंतु एक आज हम जिस मार्ग पर है और खिलाड़ियों से अपेक्षा करते की वो मेडल लाकर देवे तो हमें समाज में खिलाड़ियों की जगह और समान बनाना होगा क्योंकि जब आप किसी खिलाड़ी का समान करना नहीं जानते और उससे अपेक्षा करे की वो gold, silver जीते और उन देशों के खिलाड़ियों से मुक़ाबला करे जिनके पास एक अच्छा वातावरण और सुविधाए है और एक दूसरी तरफ़ भारत में खिलाड़ियों का समान तो दूर उनकी मूल आवश्यकताओं में दिक़्क़त करना और साथ खिलाड़ी के भविष्य के साथ राजनीति करना सामान्य हो गया है ऐसा ही कुछ मामला देश के वीर-वीरांगनाओं की भूमि Rajasthan के Bikaner से आया है जहाँ टेबल टेनिस खिलाड़ियों को पुलिस बल का दुरूप्रयोग कर खिलाड़ियों के साथ उनके अभिभावको को थाने तक जबरन लेकर गये और खिलाड़ियों के लिए बने stadium को खेल के लिए ही बंद कर देना उसके साथ ही भेदभाव करना एक तरफ़ जहाँ table tennis के हॉल को बंद कर देना और दूसरी तरफ़ पास ही बने बेडबिंटन के हॉल को चालू रखना कैसी मानसिकता है।











