Rajasthan News Today : अलवर जिले के राईखेड़ा गांव में एक बहू ने गुस्से में आकर अपने ससुर, रिटायर्ड BSF हेड कांस्टेबल को पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जानें पूरा मामला, पुलिस जांच और पीड़ित की आपबीती।
राजस्थान के अलवर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय रिश्तों और घरेलू संबंधों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तिजारा थाना क्षेत्र के राईखेड़ा गांव में BSF से रिटायर्ड हेड कांस्टेबल लाल सिंह जोगी पर उनकी बड़ी बहू लक्षिता ने पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
इस घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है और लोग स्तब्ध हैं कि सिर्फ खाना मांगने पर एक बहू इतनी हिंसक कैसे हो सकती है।
Rajasthan News Today : घटना कैसे हुई?
यह मामला रविवार सुबह का है जब लाल सिंह जोगी ने अपनी बहू लक्षिता से नाश्ते के लिए कुछ खाने को कहा। लेकिन बहू ने साफ इंकार कर दिया। इस बात को लेकर दोनों में बहस शुरू हो गई, जो गाली-गलौज तक पहुंच गई।
लाल सिंह ने बताया कि वे बहू से खाना मांग रहे थे लेकिन बहू पहले से ही चिढ़ी हुई थी और जवाब देने के बजाय झगड़ने लगी। बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में लक्षिता ने घर में रखे पेट्रोल से उन्हें भिगो दिया और आग लगा दी।
हालत गंभीर लेकिन नियंत्रण में
सौभाग्य से, मौके पर मौजूद छोटी बहू और भतीजे ने तुरंत आग बुझाई और लाल सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी 40% से ज्यादा त्वचा झुलसी, लेकिन समय रहते इलाज मिलने से जान बच गई।
अभी वे स्थानीय सामान्य अस्पताल में भर्ती हैं और स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी, बहू पर लगे गंभीर आरोप
लाल सिंह ने पुलिस को दिए बयान में कहा:
“मैंने तो बस खाना मांगा था… पहले भी बहू अक्सर बहस करती थी, लेकिन आज तो मेरी जान लेने पर उतारू हो गई।”
पुलिस ने फिलहाल घरेलू हिंसा और हत्या के प्रयास के तहत मामला दर्ज कर लिया है और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ कर रही है।
थानाधिकारी तिजारा थाना ने बताया कि घटनास्थल से पेट्रोल की बोतल और जले हुए कपड़ों के अवशेष बरामद किए गए हैं। FIR दर्ज कर ली गई है और बहू से भी जल्द पूछताछ की जाएगी।
पहले भी होता रहा था पारिवारिक विवाद
पड़ोसियों और गांववालों के अनुसार, लाल सिंह और उनकी बहू के बीच पहले भी कहासुनी होती रही है। लेकिन किसी ने कभी ऐसा अंदेशा नहीं किया था कि मामला इस हद तक जा सकता है।
गांव के एक बुज़ुर्ग ने कहा,
“हमने ऐसा कभी नहीं सोचा था… लाल सिंह जैसे शांत इंसान के साथ इस तरह की घटना होगी। पूरा गांव स्तब्ध है।”
कानूनी प्रक्रिया और अगला कदम
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, IPC की निम्न धाराएं लागू की गई हैं:
- धारा 307 (हत्या का प्रयास)
- धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना)
- धारा 504 (जानबूझकर अपमान करना)
- धारा 506 (आपराधिक धमकी)
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो लक्षिता को कड़ी सजा हो सकती है। पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है और अगले 48 घंटों में पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की संभावना है।
लोगों की प्रतिक्रिया: बहू को सज़ा मिलनी चाहिए या मामला पारिवारिक समझा जाए?
इस घटना ने लोगों को दो गुटों में बांट दिया है।
एक ओर जहां कुछ लोग मानते हैं कि बहू का व्यवहार बर्बर था और सज़ा मिलनी चाहिए, वहीं कुछ लोग इसे पारिवारिक तनाव का नतीजा मान रहे हैं।
एक सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है:
“ऐसे मामलों में महिलाओं की ही नहीं, बुजुर्गों की भी सुरक्षा ज़रूरी है। घरेलू हिंसा दोनों तरफ से हो सकती है।”
निष्कर्ष: यह केवल एक घर की कहानी नहीं – यह समाज का चेहरा है
अलवर की यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे समाज में रिश्तों की गरिमा कितनी जल्दी टूट सकती है। जहां बुजुर्गों को आदर मिलना चाहिए, वहां उन पर हमला होना एक भयावह संकेत है।
अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या बहू को सज़ा मिलेगी या यह मामला भी अन्य घरेलू विवादों की तरह दबा दिया जाएगा।











