Ahmedabad : स्कूल जाती लड़की का पीछा कर रहे थे 2 लड़के, अब कोर्ट ने सुनाई ऐसी सजा कि कांप उठे सब! पढ़िए अहमदाबाद की ये चौंकाने वाली घटना – जानिए पूरा मामला

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Ahmedabad Crime News : लड़कियों का पीछा करना, उनकी निजता में दखल देना या जबरन बात करने की कोशिश करना एक ‘छोटी हरकत’ नहीं बल्कि बड़ा अपराध है — अहमदाबाद कोर्ट ने हाल ही में ऐसा ही सख्त संदेश दिया है। इस मामले में आरोपी को सीधे जेल भेज दिया गया। लेकिन इस घटना की हकीकत और भी चौंकाने वाली है। आइए जानते हैं पूरा मामला…

Ahmedabad : क्या हुआ था अहमदाबाद के गोमतीपुर में?

अहमदाबाद के गोमतीपुर इलाके में 14 वर्षीय एक नाबालिग छात्रा रोज़ स्कूल और ट्यूशन जाती थी। एक दिन नहीं, दो दिन नहीं, पूरे एक सप्ताह तक एक युवक और उसका नाबालिग साथी उसका पीछा करते रहे। उनकी हरकतें सिर्फ पीछा करने तक सीमित नहीं रहीं — वे लड़की को जबरन बातचीत के लिए मजबूर करने लगे। यह सिलसिला लगातार चलता रहा, जब तक कि एक दिन उन्होंने सारी हदें पार नहीं कर दीं।

सड़क पर जबरन बाइक पर बैठाने की कोशिश

घटना 17 जनवरी 2023 की है। आरोपी युवक मोहम्मद सुहेल अंसारी उर्फ सोनू (21) और उसका नाबालिग साथी एक दोपहिया वाहन पर आए और लड़की को जबरन बाइक पर बैठाने की कोशिश की। सोनू ने छात्रा का हाथ पकड़ने की भी कोशिश की। लेकिन होशियार लड़की किसी तरह खुद को छुड़ाकर वहां से भाग निकली और सीधा अपने घर पहुंची।

FIR दर्ज, पुलिस का एक्शन और गिरफ़्तारी

घबराई छात्रा ने घर पहुंचकर अपने पिता को पूरी घटना बताई। फिर क्या था — पिता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस हरकत में आई और दोनों आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया।

इन धाराओं में केस दर्ज हुआ

पुलिस ने सोनू के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया:

  • IPC की विभिन्न धाराएं (छेड़छाड़, पीछा करना, धमकी देना)
  • POCSO Act (Protection of Children from Sexual Offences Act)
  • SC-ST Atrocities Act (यदि पीड़िता अनुसूचित जाति/जनजाति से है)

ये धाराएं दिखाती हैं कि यह सिर्फ एक “छेड़खानी” नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है।

कोर्ट का सख्त रुख: एक साल की सजा

सुनवाई के दौरान अहमदाबाद की अदालत ने आरोपी की हरकत को ‘गंभीर मानसिक आघात पहुंचाने वाला अपराध’ बताया। कोर्ट ने कहा — “यह घटना पीड़िता की मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालने वाली है। आजकल ऐसे अपराधों की संख्या बढ़ती जा रही है, और यदि इनमें नरमी बरती गई, तो यह अपराधियों को बढ़ावा देगा।”

इस आधार पर अदालत ने मोहम्मद सुहेल अंसारी को एक साल की कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘पीछा करना’ अब सिर्फ हल्की शरारत नहीं मानी जाएगी।

क्यों यह मामला बना उदाहरण?

इस फैसले से समाज में एक सख्त संदेश गया है कि “पीछा करना, परेशान करना या दबाव बनाना अब माफ नहीं होगा।” अदालत ने बिना किसी रियायत के आरोपी को सजा दी है। यही वजह है कि यह मामला चर्चा का विषय बन गया है और देशभर में वायरल हो रहा है।

क्या आप भी कर रहे हैं ऐसी गलती? तो हो जाएं सावधान

कई बार युवा लड़के इस तरह की हरकतों को “इम्प्रेस करने” का तरीका मान लेते हैं, लेकिन कानून के हिसाब से ये गंभीर अपराध होते हैं। पीछा करना, बार-बार रास्ता रोकना, जबरन बात करना, गाड़ी में बैठाने की कोशिश करना – ये सब कानूनन अपराध हैं, और इसके लिए जेल जाना पड़ सकता है।

POCSO और SC/ST एक्ट क्यों लगे इस केस में?

POCSO एक्ट इसलिए लगा क्योंकि पीड़िता 14 साल की नाबालिग थी। और SC/ST एक्ट इसलिए जोड़ा गया क्योंकि प्रारंभिक रिपोर्ट्स में यह सामने आया कि पीड़िता अनुसूचित जाति से थी। इन दोनों कानूनों के तहत आरोपी को जमानत मिलने में भी मुश्किल होती है, और सजा अधिक कठोर हो सकती है।

क्या करें अगर आपके साथ ऐसा हो रहा हो?

यदि आप या आपके जानने वाले के साथ कोई इस तरह की हरकत कर रहा हो तो:

  • तुरंत परिवार को बताएं
  • नजदीकी थाने में FIR दर्ज कराएं
  • जितना संभव हो, उस व्यक्ति की फोटो या गाड़ी नंबर नोट करें
  • कभी भी अकेले जवाब देने की कोशिश न करें, पुलिस को सूचना दें

निष्कर्ष: समाज को चेतावनी

यह मामला सिर्फ अहमदाबाद का नहीं, पूरे समाज के लिए चेतावनी है। अगर आप भी सोचते हैं कि किसी लड़की का पीछा करना “मस्ती” है, तो समझ लीजिए कि ये मस्ती आपको जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है। अदालतें अब सख्त हो गई हैं, और कानून अपना काम कर रहा है।

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