Viral Crime News : एक शर्मनाक और झकझोर देने वाला मामला महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर जिले से सामने आया है। यहां एक ढोंगी बाबा ने “भूत-प्रेत भगाने और संतान प्राप्ति” के नाम पर लोगों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया। इस ढोंगी बाबा का नाम संजय पगार (उम्र 49 वर्ष) है और यह वैजापुर तहसील के शिऊर गांव में पिछले कई सालों से लोगों को अंधविश्वास के जाल में फंसा रहा था।
पेशाब पिलाता, जूता चबवाता! महाराष्ट्र में ‘बाबा’ के नाम पर चल रहा था डरावना तमाशा– वायरल
Viral : पेशाब पिलाता, डंडों से पीटता, औरतों को करता था छूने की कोशिश
इस बाबा की असली पहचान तब उजागर हुई जब उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिख रहा है कि बाबा लोगों को डंडों से पीट रहा है, पुरुषों और महिलाओं दोनों को। इतना ही नहीं, वह अपना पेशाब बोतल में भरकर उन्हें पीने के लिए मजबूर करता है और कहता है, “यही इलाज है, इसी से संतान होगी या बुरी आत्मा भागेगी।”
महिलाओं के साथ बाबा के व्यवहार ने सबको शर्मसार कर दिया। वह उनके शरीर को गलत ढंग से छूता, गंदी-गंदी गालियां देता और अपने पैर उनके मुंह में डालने की कोशिश करता।
“जूतों को चबाओ… ये प्रसाद है”
इस ढोंगी बाबा की एक और हैरान कर देने वाली हरकत थी—लोगों को अपने गंदे जूते चबाने के लिए मजबूर करना। वह कहता था, “जूतों में शक्ति है, इसे चबाने से बीमारी दूर होती है।” लोग, जो अंधविश्वास से जकड़े थे, उसकी हर बात को मानते जा रहे थे।
भूत-प्रेत, नशा छुड़वाना, शादी में बाधा जैसे इलाज का बहाना
बाबा खुद को सिद्ध तांत्रिक बताता और कहता कि वह भूत प्रेत, नशा छुड़वाने, संतान प्राप्ति, वैवाहिक जीवन की समस्या जैसे मामलों में चमत्कारिक इलाज करता है। इसी बहाने वह ग्रामीणों से हजारों रुपये वसूलता और उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता।
लोगों की आंखें तब खुलीं जब…
अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (MANS) के कार्यकर्ताओं को इस बाबा की हरकतों की खबर मिली। उन्होंने गांव में जाकर बाबा की गतिविधियों को कैमरे में रिकॉर्ड किया। वीडियो में बाबा का असली चेहरा सामने आ गया।
इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस में शिकायत की और बाबा के खिलाफ केस दर्ज करवाया। वीडियो सामने आने के बाद बाबा अपने कुछ अनुयायियों के साथ फरार हो गया है।
पुलिस कर रही है तलाश
छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने बाबा संजय पगार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वह जल्द ही बाबा को गिरफ्तार करेगी और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्या कहती है अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति?
समिति के कार्यकर्ताओं का कहना है कि महाराष्ट्र जैसे पढ़े-लिखे राज्य में आज भी इस तरह की घटनाएं होना दुखद है। सरकार और प्रशासन को ऐसे पाखंडियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और जनजागरूकता फैलानी चाहिए।
निष्कर्ष:
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि आज भी भारत में अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं। जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे और अंधश्रद्धा के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, ऐसे ढोंगी बाबा समाज में ज़हर घोलते रहेंगे। यह मामला चेतावनी है कि अंधविश्वास के खिलाफ अब सख्त कानून लागू करने और सामाजिक जागरूकता फैलाने का वक्त आ चुका है।












