‘मेरी गोद में बैठ जाओ और…’, रजनीकांत-सलमान संग किया काम, डायरेक्टर का इरादा जान उल्टे पैर भागी थी एक्ट्रेस

बॉलीवुड और साउथ सिनेमा में कास्टिंग काउच का मुद्दा समय-समय पर चर्चा में रहा है। अब सलमान खान की फिल्म ‘सिकंदर’ से डेब्यू करने वाली एक्ट्रेस श्रेया गुप्ता ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में साउथ इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच का भयावह अनुभव साझा किया है। रजनीकांत और सूर्या जैसे सुपरस्टार्स के साथ काम कर चुकीं श्रेया ने बताया कि एक डायरेक्टर की गंदी नीयत को भांपकर वे वहां से भाग खड़ी हुई थीं। आइए जानते हैं उनकी पूरी कहानी।

चेन्नई में कास्टिंग काउच का सामना

बंगाली मूल की श्रेया गुप्ता का पालन-पोषण चेन्नई में हुआ। उन्होंने तमिल फिल्मों से अपने करियर की शुरुआत की थी। डीएन इंडिया को दिए इंटरव्यू में श्रेया ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा, “मुझे चेन्नई में कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा। उस वक्त कोई कास्टिंग डायरेक्टर नहीं होता था। डायरेक्टर और प्रोड्यूसर खुद ऑडिशन लेते थे। इसी वजह से मैं मुंबई आना चाहती थी और अपनी किस्मत आजमाना चाहती थी।”

उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया, “2014 में मैं अपनी मां के साथ एक डायरेक्टर के ऑफिस ऑडिशन के लिए गई थी। जब मैं केबिन में पहुंची, तो डायरेक्टर ने कहा, ‘मेरी गोद में बैठो और सीन दिखाओ।’ मैं तब बहुत छोटी थी और असहज हो गई। मैंने बहाना बनाया कि सीन तैयार करके अगले दिन आऊंगी और वहां से भाग गई।”

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मुंबई में मिली राहत

श्रेया ने कहा कि इस घटना के बाद उन्होंने फैसला किया कि इतनी पढ़ाई के बाद भी अगर ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा, तो वे मुंबई में ही मौका तलाशेंगी। मुंबई आने के बाद उन्हें कास्टिंग काउच जैसी किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। वे कहती हैं, “मुंबई में ऐसा कुछ नहीं हुआ। अब साउथ इंडस्ट्री में भी हालात काफी सुधर गए हैं।”

सलमान और रजनीकांत के साथ काम

श्रेया ने सलमान खान की ‘सिकंदर’ से पहले रजनीकांत की फिल्म ‘दरबार’ में काम किया था। इसके अलावा वे ‘वाराणम आयिरम’ और ‘मथियाल वेल’ जैसी तमिल फिल्मों में भी नजर आईं। सुपरस्टार्स के साथ काम करने के बावजूद उन्हें रिजेक्शन और संघर्ष का सामना करना पड़ा। वे बताती हैं, “साउथ में कई फिल्में करने के बाद भी मुंबई में मुझे फिर से शुरुआत करनी पड़ी। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने पहले क्या किया।”

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सिद्धांतों पर अडिग रहीं

अपने मुंबई के दिनों को याद करते हुए श्रेया ने कहा, “मुझे अपने बिल भरने थे। मेरे पास यह प्रिविलेज नहीं था कि घर बैठकर अच्छे मौके का इंतजार करूं। मैंने विज्ञापन, टीवी सीरियल्स—हर वो काम किया जो मुझे सस्टेन करने में मदद करे। लेकिन अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। मैंने न्यूडिटी को ना कहा, भले ही इससे देरी हुई।” उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें ‘सिकंदर’ जैसी बड़ी कमर्शियल फिल्म में मौका मिला।

‘सिकंदर’ में कट गया रोल

श्रेया ने ‘सिकंदर’ के डायरेक्टर एआर मुरुगदास का शुक्रिया अदा किया, लेकिन खुलासा किया कि उनका रोल फिल्म से काफी एडिट कर दिया गया। वे कहती हैं, “हमने 100 दिनों से ज्यादा शूटिंग की, लेकिन मेरा काफी हिस्सा एडिट हो गया। यह एक क्रिएटिव फैसला था, जिसका मैं सम्मान करती हूं। फिर भी, मुझे खुशी है कि ऐसी फिल्म में काम करने का मौका मिला।”

निष्कर्ष

श्रेया गुप्ता की कहानी संघर्ष, हिम्मत और सिद्धांतों की मिसाल है। कास्टिंग काउच जैसे कड़वे अनुभव से उबरकर उन्होंने न सिर्फ साउथ सिनेमा में अपनी जगह बनाई, बल्कि बॉलीवुड में भी कदम रखा। उनका यह खुलासा एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री की कड़वी सच्चाई को सामने लाता है, लेकिन यह भी दिखाता है कि साहस और मेहनत से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।

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