Bollywood News : “6 असिस्टेंट, सुपरस्टार से ज़्यादा फीस: कहानी उस बंदर की, जिसने बॉलीवुड को दिखाया अपना असली टैलेंट – चंकी पांडे के साथ किया कांड!, सेट पर मचा था हंगामा!”

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Bollywood News Today : “1993 की फिल्म ‘आंखें’ के सेट पर एक बंदर ने गोविंदा और चंकी पांडे जैसे सुपरस्टार्स से भी ज़्यादा चर्चा बटोरी। जानिए इस फिल्म के पीछे का अनसुना और चौंकाने वाला किस्सा, जिसने बॉलीवुड को हैरान कर दिया।”

बॉलीवुड में कई फिल्मों ने समय के साथ इतिहास रचा है, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी होती हैं जो सिर्फ अपनी स्क्रिप्ट या एक्टिंग की वजह से नहीं बल्कि पर्दे के पीछे की कहानियों के लिए भी जानी जाती हैं। ऐसी ही एक फिल्म है 1993 की ब्लॉकबस्टर ‘आंखें’ — जिसमें गोविंदा और चंकी पांडे जैसे बड़े सुपरस्टार्स के होते हुए भी लाइमलाइट लूट ले गया एक बंदर!

बिल्कुल सही सुना आपने — एक बंदर, जिसकी फीस सुपरस्टार्स से भी ज़्यादा थी, जिसके लिए सेट पर 6 अलग-अलग असिस्टेंट रखे गए थे, और जिसकी हरकतों से पूरी यूनिट हैरान-परेशान थी।

Bollywood : फिल्म ‘आंखें’ का सुपरस्टार बंदर

डेविड धवन के निर्देशन में बनी ‘आंखें’ एक एक्शन-कॉमेडी फिल्म थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। इस फिल्म में गोविंदा ने डबल रोल निभाया था और उनके साथ थे चंकी पांडे, रीतु शिवपुरी, कादर खान और शिल्पा शिरोडकर। लेकिन पूरी फिल्म में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा एक बंदर, जिसने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया।

इस बंदर के लिए शूटिंग के दौरान सेट पर अलग-अलग 6 असिस्टेंट तैनात किए गए थे। उसे हिंदी नहीं आती थी क्योंकि वो चेन्नई से था, इसलिए हर निर्देश उसे तमिल भाषा में दिए जाते थे। चंकी पांडे ने खुद एक शो में बताया कि एक बार जब बंदर उनके कंधे पर बैठा तो अचानक उनके कान में पेशाब कर दी। सेट पर मौजूद लोग तमिल में कुछ कह रहे थे लेकिन चंकी को कुछ समझ नहीं आया और वो ये हरकत सह गए!

जानिए क्यों थी इतनी ज़रूरत बंदर की

‘आंखें’ फिल्म की स्क्रिप्ट में बंदर का किरदार इतना महत्वपूर्ण था कि उसके बिना कहानी अधूरी थी। फिल्म का एक गाना भी था – “बड़े कमाल का बंदर” जो सुपरहिट हुआ। बंदर के एक्सप्रेशन्स, टाइमिंग और कॉमिक पंच इतने परफेक्ट थे कि कई सीन में वो गोविंदा और चंकी से भी भारी पड़ गया।

शूटिंग में आईं ये बड़ी मुश्किलें

बंदर को ट्रेन करना ही सबसे बड़ी चुनौती थी। हर सीन के लिए उसके मूड का ध्यान रखना, उसे टाइम पर खाना देना, उसे सुलाना – ये सब किसी बच्चे की देखभाल से कम नहीं था। फिल्म के मेकर्स के मुताबिक शूटिंग कई बार इसलिए रुकी क्योंकि बंदर का मूड नहीं था या उसे थकान हो गई थी।

दिव्या भारती ने ठुकरा दी थी फिल्म

IMDb की रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म में चंकी पांडे के अपोजिट दिव्या भारती को कास्ट किया जाना था। लेकिन जब उन्हें पता चला कि उन्हें गोविंदा के साथ नहीं बल्कि चंकी के साथ स्क्रीन शेयर करना है तो उन्होंने इस फिल्म को ठुकरा दिया। मेकर्स ने उन्हें मनाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं मानीं। बाद में रीतु शिवपुरी को रोल मिला और उन्होंने इसे बखूबी निभाया।

हाई फीस और VIP ट्रीटमेंट

जहां बॉलीवुड के सितारे लाखों-करोड़ों की फीस लेते हैं, वहीं इस बंदर की फीस भी उस दौर में 1 लाख रुपये से ज़्यादा बताई जाती है – जोकि 90s के हिसाब से काफी बड़ी रकम थी। उसे स्पेशल ट्रेलर दिया गया था, दिन में कई बार मसाज, फल, ड्राई फ्रूट्स और विटामिन शेक्स दिए जाते थे। मेकर्स का कहना था कि फिल्म की हिटिंग बंदर के प्रदर्शन पर भी निर्भर थी, इसलिए उसके साथ कोई समझौता नहीं किया गया।

लोगों की प्रतिक्रिया और क्रेज

फिल्म के रिलीज़ के बाद दर्शकों ने बंदर के रोल की खूब तारीफ की। बच्चों में उसका खासा क्रेज था और कई मार्केटिंग आइटम्स भी उस पर बनाए गए। फिल्म का मर्चेंडाइज तक बंदर की तस्वीरों से भरा हुआ था। उस समय यह चर्चा आम थी कि यह बंदर आने वाले समय में और भी फिल्मों में नजर आएगा, लेकिन अफसोस कि वो ‘आंखें’ के बाद कहीं नजर नहीं आया।

आज की मार्केटिंग में भी होता है ऐसा मैजिक!

आज भी डिजिटल मार्केटिंग और कंटेंट क्रिएशन में ऐसे अनोखे एंगल्स का इस्तेमाल किया जाता है — जैसे एक बंदर का सुपरस्टार बन जाना — जो दर्शकों में क्रेज और कनेक्शन बना सके। ऐसे किस्से आज भी Social Media और YouTube Shorts पर वायरल हो सकते हैं।

निष्कर्ष:

‘आंखें’ फिल्म में एक बंदर का सुपरस्टार बनना सिर्फ एक मजेदार किस्सा नहीं है बल्कि बॉलीवुड के इतिहास का एक यादगार हिस्सा है। ऐसे किस्से हमें याद दिलाते हैं कि कभी-कभी इंसानों से ज्यादा स्टारडम किसी जानवर को भी मिल सकता है। और जब वो जानवर हो बंदर — तो मनोरंजन का स्तर वाकई ‘बंदर के करतब’ से कहीं ज़्यादा हो जाता है!

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