Aaj Ka Panchang 8 Jan: आज के दिन का पंचांग के साथ दिन की पूरी कुंडली, साथ ही ऐसे प्राकृतिक नियमों का करें पालन ( भाग – 3), जैविक घड़ी पर आधारित दिनचर्या व जिनसे जीवन में ब्रह्मचर्य पालन, कुछ उपाय स्वस्थ रहने के शास्त्रों के अनुसार दी गई है आज के दिन का शुभ मुहूर्त और राहु काल के बारे में दी गई है जिन्हें उपयोग करके आप अपने दिन को और मंगल और शुभ बनाए..आइए जानते है क्या है पूरी जानकारी…अधिक पढ़े.
Aaj Ka Panchang 8 Jan: आज का हिन्दू पंचांग शास्त्रों के अनुसार
दिनांक – 08 जनवरी 2025
दिन – बुधवार
विक्रम संवत् – 2081
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शिशिर
मास – पौष
पक्ष – शुक्ल
तिथि – नवमी दोपहर 02:25 तक, तत्पश्चात दशमी
नक्षत्र – अश्विनी शाम 04:29 तक तत्पश्चात भरणी *
योग – सिद्ध रात्रि 08:23 तक, तत्पश्चात साध्य
राहु काल – दोपहर 12:47 से दोपहर 02:08 तक
सूर्योदय – 07:26
सूर्यास्त – 06:06
दिशा शूल – उत्तर दिशा में
ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:37 से 06:30 तक
अभिजीत मुहूर्त – कोई नहीं
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:20 जनवरी 09 से रात्रि 01:13 जनवरी 09 तक
विशेष – नवमी को लौकी खाना गौमाँस के समान त्याज्य है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
Aaj Ka Panchang 8 Jan: प्राकृतिक नियमों का करें पालन, बना रहेगा स्वस्थ जीवन ( भाग – 3)
6] आवेगों को न रोकें : कक्षा में पढ़ते समय कई विद्यार्थी मल-मूत्र के आवेगों को रोके रखते हैं । अधिक समय तक मल को रोकने से वह सड़ने लगता है तथा आगे चलकर उसका निष्कासन करनेवाले अंग दुर्बल हो जाते हैं और निष्कासन-समय होने पर भी हमें संकेत नहीं दे पाते, जिससे कब्ज, पेट के रोग, कृमि, जोड़ों का दर्द, सिरदर्द, यकृत व गुर्दों के रोग जैसी अनेक बीमारियाँ हो सकती हैं । शौच आदि से निवृत्त होकर ही विद्यालय या कार्यालय जायें तथा मल-मूत्र को न रोकें ।
7] ब्रह्मचर्य पालन : जिन्हें बल, बुद्धि, स्वास्थ्य, एकाग्रता व प्रसन्नता चाहिए हो, उन्नत जीवन जीना हो तथा जीवन के महानतम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति करना हो, उन्हें वीर्यक्षय न हो इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए । जो फ़िल्में, सीरियल, अश्लील वेबसाइट्स देखते हैं, कामोत्तेजक साहित्य पढ़ते हैं, लड़कियों लड़कों से व मजाक या स्पर्श करते हैं वे उपरोक्त बातों में सफल नहीं हो पाते और पतन, तबाही के शिकार हो जाते हैं । उनका जीवन ओज-तेजहीन, उत्साह व शक्ति हीन होने लगता है तथा नपुंसकता की तरफ घसीटा जाता है । अत: ‘दिव्य प्रेरणा-प्रकाश’ पुस्तक का नित्य पठन कर ब्रह्मचर्य का दृढ़ता से पालन करें ।
8] जैविक घड़ी पर आधारित दिनचर्या : अच्छे स्वास्थ्य की उत्तम कुंजी है जैविक घड़ी पर आधारित दिनचर्या । इसके अंतर्गत प्रात: 3 से 5 बजे के बीच प्राणायम, 5 से 6 के बीच मलत्याग, 6 से 1 के बीच सम्भव हो तो दूध ( भोजन से 2 घंटे पूर्व) या फलों के रस का सेवन, 1 से 11 के बीच भोजन, शाम 5 से 6 के बीच भोजन, रात्रि 6 से 1 के बीच अध्ययन तथा ९ से ३ बजे तक नींद लेना विशेष लाभकारी है । पूज्य बापूजी द्वारा बतायी गयी यह दिनचर्या सर्वांगीण विकास में बहुत सहायक है ।














