Fraud Builder: 50 साल के अधेड़ व्यक्ति ने एक झटके में कमाए 30 करोड़ रुपए, पुलिस जांच में हुए कई हैरान करने वाले खुलासे… जाने यहाँ पूरा मामला

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Fraud Builder: आर्थिक अपराध शाखा EOW ने एक 50 साल के अधेड़ व्यक्ति को गिरफ्तार किया है पकड़े गया व्यक्ति पर घर खरीदने वाले लोगों से 30 करोड रुपए हड़पने का आरोप है..आइए जानते है क्या है पूरा मामला…पढ़े पूरा.

Fraud Builder: 50 साल के व्यक्ति ने ठगे करोड़ों, पढ़ाई के बाद ही लगा!

दिल्ली पुलिस की EOW ब्रांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो की घर खरीदने वाले लोगों को चुना लगाने का काम करता था दिल्ली एनसीआर के एक बड़े रियल एस्टेट कंपनी से जुड़ा यह व्यक्ति BA तक पड़ा हुआ है पर इस व्यक्ति ने कई लोगों को बड़े-बड़े ख्वाब दिखा कर कितने ही करोड़ ठग चुका है 50 साल के सदैव व्यक्ति ने ग्रेजुएशन पूरी होने के बाद ही इस धंधे में कदम रख दिया जिसमें लोग खुद चलकर इसके पास आते पर व्यक्ति की असलियत कई सालों बाद सामने आई है गिरफ्तार किए गए व्यक्ति ने करोड़ों रुपए से लेकर लोगों को घर के नाम पर घूम रहा था जिसमें नोएडा एक्सटेंशन में आम्रपाली बिल्डर की तरह कई और Builder भी मौजूद है जो लोगों के पैसे लेने के बावजूद भी उन्हें फ्लैट मुहैया नहीं करवा पा रहे इन बिल्डरों ने कई लोगों से पैसे देकर उनके फ्लैट कैंसिल भी कर दिए हैं इन बीते कई सालों में दिल्ली एनसीआर के घर खरीदार करोड रुपए देने के बाद भी कोर्ट कचहरी के चक्कर निकाल रहे हैं इस समय मैं दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कार्य करते हुए शिकायत दर्ज होने पर गिरफ्तारी की है।

Fraud Builder: इस अधेड़ ने कैसे एक साथ इतने लोगों को लगाया चुना?

आर्थिक अपराध शाखा ने सुनील गुप्ता नामक एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है रियल एस्टेट कंपनी वर्धमान एसेट्स और डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और साथ ही जेस्था प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक Builder हरिंदर बशिष्ठ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि साल 2009 में वर्धमान एसेट्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड नोएडा एक्सटेंशन कैन नॉलेज पार्क थर्ड प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया था साल 2023 में कंपनी ने मुझसे संपर्क कर बताया कि एक आईटी पार्क विकसित करना है जिसके अंदर मॉल, आवासीय घर और भी कई रियल एस्टेट से जुड़ी चीज बनाएंगे तो मैं इस प्रोजेक्ट मैंने दो यूनिट अपनी बुक करवाई जिसके लिए सितंबर 2013 में बिल्डर बायर्स एग्रीमेंट बा हुआ परंतु वर्धमान वाले उनके द्वारा खरीदे गए फ्लैट और दुकान का बाद में कैंसिल करवा दिया गया।

Fraud Builder: अब तक दर्ज है 75 मामले, फिर भी लगातार चली ठगी

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के अनुसार अब तक बिल्डर के खिलाफ अब तक 75 से अधिक मामले दर्ज हैं दिल्ली पुलिस ने खरीदारों के साथ फ्रॉड करने के जुर्म में Builder हरिंदर को गिरफ्तार किया है और दिल्ली कोर्ट ने भी आरोपी को चार दिन तक पुलिस हिरासत पर भेजा है आरोपी कंपनी में वर्धमान एसेट्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने किसी अधिकार के बिना हस्ताक्षर कर शिकायतकर्ताओं को उनके द्वारा खरीदे गए फ्लैट और दुकानों के कुछ नुकसान निकाल कर कैंसिल कर दी है साथ में एक यूनिट को कई खरीदारों को बेचा और निवेशकों को धोखा दिया है।

दिल्ली पुलिस और नोएडा प्राधिकरण की जांच पड़ताल में सामने आया कि आरोपी अपनी कंपनी के खाते में पैसे की लेनदेन की बात भी करता था नोएडा प्राधिकरण की जांच में यह भी साबित हो गया कि आरोपी Builder कंपनी वर्धमान एसेट्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के पास लिज़ डिड की शर्तों के अनुसार ख़रीदारों के नाम पर BA करने का कोई अधिकार प्राप्त नहीं था 50 साल के हरिंदर वशिष्ठ ग्रेजुएट हैं और रियल स्टेट के कारोबार से बड़ा लंबा नाता रखते हैं बशिष्ठ वर्धमान एसेट्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और जेस्था प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक भी रहे हैं।

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