Rajasthan News : फर्जी SI मोना बुगालिया गिरफ्तार; राजस्थान पुलिस की वर्दी में चल रही थी चालबाजियां, सीकर में काट रही थी फरारी

Rajasthan News | मोना बुगालिया की कहानी : राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA) में खुद को सब-इंस्पेक्टर बताकर ट्रेनिंग लेने वाली फर्जी अधिकारी मोना बुगालिया आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गई है। पुलिस ने मोना को सीकर से गिरफ्तार किया है, जहां वह लंबे समय से किराये के मकान में रहकर फरारी काट रही थी।

मोना बुगालिया का नाम पिछले साल तब सामने आया था जब उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर RPA में SI बैच नंबर 48 में खुद को भर्ती करा लिया और बाकायदा प्रशिक्षण भी ले रही थी। मोना की यह साजिश तब सामने आई जब कुछ अन्य ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर को उस पर शक हुआ और उन्होंने अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

वर्दी में VIP की तरह करती थी एंट्री

मोना बुगालिया न केवल फर्जी SI बनकर ट्रेनिंग कर रही थी, बल्कि वह पुलिस वर्दी में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड करती थी। उसने वर्दी पहनकर मंदिरों में वीआईपी दर्शन किए, पूर्व डीजीपी की बेटी की शादी में शामिल हुई और तो और ADG स्तर के अधिकारियों के साथ टेनिस खेलती देखी गई।

फरार होने के बाद भी बदली लोकेशन, पुलिस को चकमा देती रही

सितंबर 2023 में जयपुर के शास्त्री नगर थाने में मोना के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन इसके बाद वह फरार हो गई। पुलिस की कई कोशिशों के बावजूद वह गिरफ्त में नहीं आई। वह लगातार अपनी लोकेशन बदलती रही ताकि पुलिस की नजर में न आ सके। आखिरकार पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि वह सीकर में एक मकान में रह रही है। इसी आधार पर पुलिस ने गुरुवार देर रात को उसे गिरफ्तार कर लिया।

छापे में मिलीं थानेदार की वर्दी और लाखों रुपये

पुलिस ने जयपुर स्थित उसके पुराने ठिकाने पर जब छापा मारा था, तब वहां से तीन पुलिस वर्दी और करीब सात लाख रुपये नगद बरामद हुए थे। पुलिस को शक है कि मोना ने इन पैसों का इस्तेमाल अपने फर्जी नेटवर्क को मजबूत करने और रौब जमाने के लिए किया होगा।

Rajasthan News : कौन है मोना बुगालिया?

मोना का असली नाम मूली देवी बताया जा रहा है और वह नागौर की रहने वाली है। वह किसी भी सरकारी चयन प्रक्रिया से नहीं गुजरी, न ही उसने कोई भर्ती परीक्षा पास की थी। उसने फर्जी कागजात बनवाकर खुद को RPA में बतौर सब-इंस्पेक्टर भर्ती करवा लिया और महीनों तक प्रशिक्षण भी लिया।

पुलिस के लिए भी बनी थी सिरदर्द

मोना की गिरफ्तारी से पहले पुलिस के लिए वह एक बड़ी सिरदर्द बन गई थी। उसकी चालाकी और हिम्मत देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान हैं कि कैसे एक आम महिला पूरे सिस्टम को गच्चा देकर RPA में घुस गई और बड़े-बड़े अफसरों को भी झांसे में लेती रही।

अब क्या होगी कार्रवाई?

पुलिस ने मोना बुगालिया को गिरफ्तार कर जयपुर लाया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या मोना अकेले यह सब कर रही थी या उसके पीछे कोई संगठित गैंग है।

एविएशन और पुलिस सेक्टर में बढ़ते फर्जीवाड़ों पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर से सरकारी संस्थाओं की सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेजों के सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस प्रकार से मोना ने RPA जैसी संवेदनशील जगह पर घुसपैठ की, वह सिस्टम की कमजोरी को उजागर करता है।

निष्कर्ष:

मोना बुगालिया की गिरफ्तारी ने न केवल राजस्थान पुलिस बल्कि पूरे देश में कानून व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ऐसे में जरूरी है कि RPA जैसी संस्थाओं में दस्तावेजों की सख्त जांच हो और इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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