Bikaner Stray Cattle Viral Video : क्या आपकी सड़क पर चलना सुरक्षित है? बीकानेर की इस दिल दहला देने वाली घटना को देखकर आप भी डर जाएंगे। आवारा सांड ने एक मासूम दंपति पर किया जानलेवा हमला। पूरी घटना CCTV में कैद, वीडियो इंटरनेट पर हो गया वायरल।
Viral Video : बीकानेर की शांत सड़कों पर दहशत का मंजर
बीकानेर के धोबी धोरा इलाके से एक खौफनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक आवारा सांड ने बाइक सवार पति-पत्नी पर बीच सड़क पर हमला कर दिया। यह हादसा केवल कुछ सेकंड का था लेकिन इतना भयावह था कि देखने वालों की रूह कांप गई।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि यह पहली बार नहीं है जब किसी आवारा जानवर ने हमला किया हो, लेकिन इस बार घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मामला तूल पकड़ गया है।
क्या हुआ उस रात?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक और युवती बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। जैसे ही वे धोबी धोरा इलाके से गुजरे, अचानक एक सांड ने पीछे से दौड़कर हमला कर दिया। तेज रफ्तार में आ रही बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। युवक और युवती जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद सांड ने उन्हें पटक-पटक कर हमला करना शुरू कर दिया।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे युवक युवती को सांड बार-बार रौंदता रहा और राहगीरों की चीख-पुकार के बावजूद वह रुका नहीं।
राहगीर ने की मदद, खुद भी हुआ घायल
जब एक स्थानीय व्यक्ति ने दौड़कर उनकी मदद करनी चाही, तो सांड ने उस पर भी हमला कर दिया। अब इस हमले में तीन लोग घायल हैं और उन्हें तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां पर यह सवाल उठता है कि यदि मौके पर कोई बीमा (insurance) सुविधा या तुरंत स्वास्थ्य योजना (health yojana) लागू होती तो घायलों को और जल्दी मदद मिल सकती थी।
वायरल वीडियो ने मचाया सोशल मीडिया पर तूफान
घटना का वीडियो कुछ ही समय में वायरल हो गया। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोगों ने प्रशासन की कड़ी आलोचना की।
“शहर में जानवर घूम रहे हैं या आतंक फैला रहे हैं?”
“हमने बीमा लिया है, लेकिन क्या सड़क पर चलने की गारंटी कोई देगा?”
यह वीडियो बीकानेर का बताया जा रहा है। सरकारें हर वर्ष गौशालाओ पर होने वाले खर्च गिनवा रही है और शहर में आवारा पशु लोगो को निशाना बना रहे है
ताजा घटना बीकानेर के धोबी धोरा क्षेत्र की है, जहाँ बाइक सवार युवक युवती को आवारा पशु ने सड़क पर पटक पटक कर मारा, बचाने पहुँचे युवक को भी… pic.twitter.com/0CaXi0kpKK— Ajit Singh Rathi (@AjitSinghRathi) April 22, 2025
लोगों ने प्रशासन को टैग करते हुए पूछा कि जब हर साल लाखों रुपये आवारा पशुओं की देखरेख के नाम पर खर्च किए जाते हैं, तो फिर ये जानवर सड़क पर कैसे घूम रहे हैं?
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प्रशासन की सफाई – लेकिन सवालों के जवाब नहीं
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में stray cattle पकड़ने के लिए अलग टीम तैनात की गई है और रोजाना कार्यवाही की जाती है। लेकिन यह जवाब लोगों को संतुष्ट नहीं कर सका।
स्थानीय पार्षदों ने कहा कि हर कॉलोनी और बाजार में आवारा सांडों का आतंक है। बीकानेर जैसे बड़े शहर में सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने मांग की है कि सख्त नियम बनाकर इन जानवरों को सड़क से हटाया जाए।
अस्पताल की स्थिति भी सवालों के घेरे में
घायल युवक, युवती और राहगीर को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन परिजनों ने इलाज में देरी और व्यवस्थाओं की कमी का आरोप लगाया।
“अगर मेरे पति का हेल्थ इंश्योरेंस ना होता, तो शायद हमें प्राइवेट अस्पताल जाना पड़ता,” घायल महिला की बहन ने बताया।
यह बयान भी स्वास्थ्य योजनाओं और सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
हाई-रिज़्क एरिया घोषित होने की मांग
धोबी धोरा इलाके के स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इस क्षेत्र को हाई-रिज़्क जोन घोषित किया जाए और CCTV, stray animal patrol और 24×7 निगरानी की व्यवस्था की जाए। साथ ही, गोकशी और पशु कल्याण के नाम पर मिलने वाली सरकारी योजनाओं का ऑडिट किया जाए।
कानून क्या कहता है?
भारतीय दंड संहिता की धाराओं के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही से सार्वजनिक जीवन को खतरा होता है, तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में नगरपालिका को जवाबदेह ठहराया जा सकता है। लेकिन आज तक आवारा जानवरों की वजह से हुई दुर्घटनाओं में शायद ही किसी को सजा हुई हो।
क्या समाधान है?
- Stray Animal Insurance: कई राज्य इस पर काम कर रहे हैं कि यदि कोई आवारा पशु किसी को घायल करता है, तो सरकार बीमा योजना के तहत इलाज का खर्च वहन करेगी।
- स्मार्ट एनिमल शेल्टर: हर शहर में आधुनिक पशु आश्रय बनाए जाएं जहां GPS ट्रैकिंग से जानवरों पर नजर रखी जा सके।
- 24×7 हेल्पलाइन: आवारा जानवर दिखने पर तुरंत सूचना देने के लिए ऐप या कॉल सेंटर की सुविधा हो।
निष्कर्ष: सड़कों पर केवल वाहन नहीं, अब खतरा हैं सांड भी!
बीकानेर की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं है, यह एक चेतावनी है कि यदि हम अब भी नहीं जागे, तो कल यह हमला किसी और पर हो सकता है। सरकारी योजनाओं (Yojana), बीमा (Insurance), और अस्पताल (Hospital) की सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि सख्त अमल की ज़रूरत है।
वीडियो वायरल होने से भले प्रशासन हरकत में आए हो, लेकिन असली सवाल यही है — क्या हम अब भी सुरक्षित हैं?













