Rajasthan Railways News: राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच 162 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक जल्द ही स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ से लैस होगा। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद पश्चिम मध्य रेलवे ने इस प्रोजेक्ट के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे अगले दो वर्षों में पूरा किया जाएगा।
इस परियोजना पर कुल 40.65 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ‘कवच’ भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना और ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से संचालित करना है। यह तकनीक खराब मौसम, कम दृश्यता और अन्य जोखिमों के बावजूद ट्रेनों को स्वचालित रूप से नियंत्रित करने में मदद करेगी।
इन स्टेशनों पर लगेगा ‘कवच’ उपकरण
इस परियोजना के तहत कोटा से मध्यप्रदेश के रूठियाई रेलवे स्टेशन के बीच 17 प्रमुख स्टेशनों पर ‘कवच’ उपकरण लगाए जाएंगे। ये स्टेशन हैं:
- धरनावदा
- मोतीपुरा चौकी
- भूलोन
- छाबड़ा गुगोर
- कैशोली
- सालपुरा
- अटरू
- पीपलोद रोड
- छजावा
- बारां
- सुन्दलक
- बिजौरा
- अन्ता
- भौंरा
- श्रीकल्याणपुरा
- दीगोद
- सोगरिया
यह रेलमार्ग कोटा, बारां और झालावाड़ के ताप बिजलीघरों के लिए कोयला आपूर्ति का प्रमुख मार्ग भी है, इसलिए इस पर ट्रेनों की सुरक्षा और संचालन में सुधार बेहद महत्वपूर्ण है।
Rajasthan Railways News – कवच से क्या होंगे फायदे?
भारतीय रेलवे द्वारा विकसित ‘कवच’ प्रणाली कई उन्नत सुविधाओं से लैस होगी:
- ट्रेन टकराव से बचाव: लोको पायलट को स्वचालित चेतावनी देकर संभावित दुर्घटनाओं को रोकेगा।
- रेड सिग्नल पास करने की घटनाओं पर रोक: ट्रेन को स्वचालित रूप से रोक देगा, जिससे मानवीय त्रुटि कम होगी।
- स्पीड कंट्रोल: आवश्यकता अनुसार ट्रेन की गति नियंत्रित करेगा।
- खराब मौसम में सुरक्षित यात्रा: घने कोहरे और बारिश में भी ट्रेन बिना रुकावट चल सकेगी।
- यात्री सुरक्षा में सुधार: यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
किन कार्यों को किया जाएगा शामिल?
‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली को लागू करने के लिए रेलवे द्वारा निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:
- प्रत्येक स्टेशन और ब्लॉक सेक्शन पर स्टेशन कवच की स्थापना।
- रेलवे ट्रैक पर RFID टैग लगाए जाएंगे।
- पूरे खंड में दूरसंचार टावरों की स्थापना की जाएगी।
- ट्रैक के साथ ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी।
दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर पहले से हो रहा है काम
भारतीय रेलवे ने ‘कवच’ प्रणाली को बड़े पैमाने पर लागू करने की योजना बनाई है। इससे पहले इसे दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर लागू किया गया था और अब नागदा से मथुरा तक का रेलवे ट्रैक भी ‘कवच’ से लैस किया जा चुका है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के इस 162 किमी रेलवे ट्रैक पर ‘कवच’ प्रणाली लागू होने से ट्रेनों की सुरक्षा और संचालन क्षमता में वृद्धि होगी।
निष्कर्ष
भारतीय रेलवे द्वारा ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली का विस्तार एक महत्वपूर्ण कदम है जो ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाएगा। राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच रेलवे ट्रैक को ‘कवच’ से लैस करने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी, ट्रेनों की गति बढ़ेगी और खराब मौसम में भी ट्रेनों का संचालन संभव होगा।
रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने की योजना बना रहा है। इससे रेलवे सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।











