Rajasthan News Today : सरकारी स्कूल में छिपा था करोड़ों की शराब का जखीरा! पुलिस भी रह गई हैरान, देखें तस्करों की खौफनाक प्लानिंग

Rajasthan News Today

Rajasthan News Today : राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शराब तस्करों ने एक बंद पड़े सरकारी स्कूल को ही अवैध शराब का गोदाम बना डाला। जब पुलिस को इसकी भनक लगी और दरवाजा खोला तो भीतर जो नज़ारा था, उसने सबको दंग कर दिया। लाखों रुपये की हरियाणा निर्मित शराब इस स्कूल के एक कमरे में सहेज कर रखी गई थी।

शराब माफिया की चालाकी और पुलिस का छापा

यह पूरा मामला भीलवाड़ा जिले के करेड़ा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, करेड़ा के शिवपुर गांव में स्थित एक फार्म हाउस पर हरियाणा से लाई गई शराब के स्टॉक की डिलीवरी होने की सूचना पुलिस को मिली थी।

सूचना मिलते ही करेड़ा थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) की संयुक्त टीम ने फार्म हाउस पर छापा मारा, लेकिन वहाँ कुछ भी नहीं मिला। तभी मुखबिर से मिली एक और जानकारी ने मामले को पूरी तरह पलट दिया — अवैध शराब को एक बंद पड़े सरकारी स्कूल में छिपाया गया है।

स्कूल में मिला 31 लाख रुपये का शराब स्टॉक

पुलिस जब शिवपुर गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पहुंची और उसकी तलाशी ली गई, तो वहां का दृश्य हैरान कर देने वाला था। स्कूल के एक बंद कमरे में 353 कार्टन हरियाणा निर्मित शराब बरामद हुई।

इनकी अनुमानित बाजार कीमत 31 लाख 1760 रुपये आंकी गई है। शराब विभिन्न ब्रांड्स की थी और बेहद सुनियोजित तरीके से कमरे में रखी गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि तस्करों की प्लानिंग काफी मजबूत थी।

बंद स्कूल को बनाया शराब का गोदाम, ये थी तस्करों की चाल

जांच में सामने आया है कि यह स्कूल पहले से ही ‘मर्ज’ (विलय) के चलते बंद पड़ा था, और लंबे समय से इसका कोई उपयोग नहीं हो रहा था। तस्करों ने इसी का फायदा उठाकर इसे अपना ठिकाना बना लिया।

उन्हें विश्वास था कि सरकारी स्कूल होने के कारण वहां कोई नहीं आएगा, और शराब आराम से स्टोर की जा सकती है। लेकिन मुखबिर ने उनकी चाल पर पानी फेर दिया और पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर दी।

अब तस्करों की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह शराब किसने छिपाई, इसकी डिलीवरी किन गाड़ियों से हुई, और स्थानीय लोगों की क्या भूमिका रही। यह भी संदेह है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की मिलीभगत से ही यह सब संभव हो सका, क्योंकि बिना सहयोग के स्कूल का ताला खोलना और वहां इतनी बड़ी मात्रा में शराब रखना आसान नहीं होता।

राजस्थान में बढ़ती शराब तस्करी और पुलिस की चुनौतियाँ

राजस्थान में बीते कुछ महीनों में शराब तस्करी के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से अवैध शराब राजस्थान लाई जा रही है, जहां इसका खपत और मुनाफा दोनों अधिक है।

पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है लेकिन तस्कर नई-नई जगहों और तरीकों का इस्तेमाल करके पुलिस को चकमा देने की कोशिश करते हैं। स्कूल, फार्म हाउस, पुराने गोदाम, यहां तक कि एंबुलेंस और दूध के टैंकर तक शराब ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।

सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग, अब कार्रवाई तय

इस मामले में पुलिस अब सरकारी स्कूल भवन के दुरुपयोग के लिए भी संबंधित विभागों को सूचना देने वाली है। जिन तस्करों ने यह गोदाम बनाया, उनके खिलाफ NDPS एक्ट, एक्साइज एक्ट और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग की धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष: तस्करों की चालाकी के आगे आखिरकार पुलिस की सतर्कता भारी पड़ी

इस घटना से यह साफ हो गया है कि शराब माफिया कितने संगठित और स्मार्ट तरीके से काम कर रहे हैं, लेकिन अगर पुलिस सतर्क हो और मुखबिर तंत्र मजबूत बना रहे तो किसी भी अपराध को समय रहते रोका जा सकता है।

राज्य सरकार को अब यह सोचना होगा कि बंद पड़े सरकारी स्कूलों की निगरानी कैसे की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। साथ ही आमजन को भी सतर्क रहकर पुलिस की मदद करनी चाहिए, क्योंकि सूचना ही सबसे बड़ा हथियार है।

Join WhatsApp

Join Now