Rajasthan News Today : झालावाड़ में शादी समारोह के दौरान जो हुआ, उसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। एक ओर जहां खुशियों की रौनक थी, वहीं दूसरी ओर अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी और देखते ही देखते समारोह मातम में बदल गया। डग कस्बे में गुरुवार को शादी समारोह में वीडियो शूट कर रहे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद भड़के ग्रामीणों ने दुकानों को आग के हवाले कर दिया, जिससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
शादी में आया था शूटिंग करने, मौत बन गई इंतजार में
डग कस्बे में शादी समारोह में वीडियो शूटिंग करने आए लसूडिया निवासी शंभू सिंह की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना उस वक्त हुई जब शादी का मंगल कलश लाने की रस्म चल रही थी। इस दौरान एक नीली कार वहां आई और जानबूझकर शंभू को टक्कर मारने की कोशिश की गई। जब वह पलटा, तभी कार का शीशा नीचे हुआ और बदमाश ने फायरिंग कर दी। गोली सीधे जाकर शंभू को लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा।
घटनास्थल पर अफरा-तफरी, कार सवार फरार
घटना होते ही वहां हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी मच गई। शादी का माहौल एक पल में मातम में बदल गया। कार सवार बदमाश फायरिंग के बाद मौके से फरार हो गए। घायल शंभू को तत्काल डग अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Rajasthan : गुस्साए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, भड़की हिंसा
घटना की खबर जैसे ही गांव में फैली, सैकड़ों ग्रामीण पुलिस थाने के सामने धरने पर बैठ गए। मांग की गई कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और बाजार में मौजूद कई दुकानों और गुमटियों में आग लगा दी गई।
पुलिस बल तैनात, अधिकारी मौके पर
जिले के रायपुर थाना अधिकारी बन्ना लाल भी इस दौरान हुई पत्थरबाजी में घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हालात को काबू में करने के लिए आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। कलेक्टर अजय सिंह राठौड़, कोटा के संभागीय आयुक्त और आईजी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
एक आरोपी गिरफ्त में, वाहन जब्त
पुलिस ने घटना के बाद कार्रवाई तेज की और देर शाम तक एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त वाहन भी बरामद कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
वारदात से उभरे सवाल, सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान
इस दिल दहला देने वाली घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक शादी समारोह में, जहां परिवार, बच्चे और महिलाएं मौजूद थीं, वहां इस तरह गोलीबारी होना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।
निष्कर्ष:
झालावाड़ की यह घटना केवल एक हत्या नहीं बल्कि समाज की उस विफलता को दर्शाती है जहां सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं और कानून का डर खत्म होता दिख रहा है। प्रशासन को न केवल आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ना होगा बल्कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम भी उठाने होंगे।











