Rajasthan Cyber Operation: राजस्थान की जोधपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है जिसमें जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के द्वारा चलाए जा रहे साइबर शील्ड ऑपरेशन के तहत एक बहुत बड़े Cyber फ्रॉड मामले का खुलासा किया है जोधपुर पुलिस के इस ऑपरेशन में चार दिन में ही यह खुलासा कर एक बहुत बड़ी जीत हासिल की है पुलिस ने इस मामले से जुड़े 15 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है जिसमें 11 महिलाएं शामिल बताई जा रही है..आइए जानते है क्या है पूरा मामला…पढ़े पूरा.
Rajasthan Cyber Operation: 4 दिन में 4 मामलों का खुलासा किया !
राजस्थान जोधपुर पुलिस की जागरूकता से साइबर ठग हुए जोधपुर के डीएसपी पश्चिम राजश्री राज वर्मा ने साइबर क्राइम या ठगी को बेहद गंभीरता से लेते हुए एक साइबर टीम गठित करके ऐसा ऑपरेशन किया की चार दिन में ही 7 करोड़ से अधिक है ठगी के मामले का खुलासा कर दिया है जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के ऑपरेशन Cyber सील्ड के तहत 4 दिन तक लगातार जांच पड़ताल करने के बाद जोधपुर पुलिस ने इस मामले में साइबर फ्रॉड करने वालों का खुलासा करते हुए 15 आरोपी गिरफ्तार किए है बताया जा रहा है कि इनमें 11 महिलाएं और चार युवक शामिल हैं।
Rajasthan Cyber Operation: 4हज़ार किलोमीटर दूर से दबोचा आरोपी
जोधपुर पुलिस कमिश्नर पश्चिम राजश्री राज वर्मा ने बताया कि साइबर सील्ड ऑपरेशन के चलते चार बड़े साइबर ठगी के मामलों का खुलासा किया है जिनमें दो मामलों में फर्जी चलने वाले कॉल सेंटर का खुलासा किया गया है और 13 आरोपियों की गिरफ्तारी भी की गई है साथ ही एक अन्य मामले में सोशल मीडिया के जरिए क्रिप्टो युएसडीटी के अवैध लेनदेन पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को पकड़ा है वही बात की जाए आखरी चौथ Cyber मामले में जिसमें जोधपुर पुलिस ने 4000 किलोमीटर दूरी तय करके पश्चिम बंगाल के कोलकाता के नजदीक मिदनापुर जिले से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है इस व्यक्ति ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को फ़्रेंड्स क्लब के नाम पर झांसा देकर करीब 42 लाख रुपए से अधिक की ठगी को अंजाम दिया था।
कार मालिकों को सर्विस के नाम पर ठगते Cyber अपराधी
जोधपुर वेस्ट डीसीपी ने मीडिया को बताया कि इन मामलों में पुलिस ने लगभग 10 क्रेडिट कार्ड और 37 एटीएम कार्ड साथ ही 52 सिम कार्ड और 35 मोबाइल भी जप्त किए हैं साइबर सील्ड ऑपरेशन के तहत जोधपुर पुलिस ने 203 मोबाइल नंबर और 799 IMIE नंबरों को ब्लॉक करवाया है जो Cyber अपराध में सक्रिय बताए जा रहे थे जोधपुर भगत की कोठी थाना अधिकारी SI पदमा के नेतृत्व में टीम ने पुलिस DDP नगर के एक घर में चल रहे फ़र्ज़ी कॉल सेंटर पर रेड मारकर निवासी कंचन प्रजापत को गिरफ्तार करते हुए उसके पास से दो रजिस्टर व एक मोबाइल जप्त किया है।
वही बात की जाए संचालक की तो वह गौरव पंजाबी व अमित सिंह उर्फ़ हनी सिंह नेशनल ब्रेक डाउन सर्विस टू इंडिया नाम से फ़र्ज़ी कॉल सेंटर चल रहा था दोनों अभी पुलिस की गिरफ़्त से बाहर है।दोनों ही युवको ने कार कंपनियां और डीलरों के पास से नई कार खरीदने वाले लोगों का डाटा इकट्ठा लेकर या चुरा कर एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सर्विस की फर्जी कॉल सेंटर की 5 6 महिलाओं से जोड़ देते थे जो उन्हें मोबाइल पर संपर्क करती और कार खराब होने पर 3500 से ₹4000 में कार सर्विस देने के लिए झांसा देती थी ऑनलाइन रुपए जमा होने के बाद कुरियर के माध्यम से कार्ड भेज कर और सिम तोड़कर फेंक देती थी यह फर्जी कॉल सेंटर 1 साल से अधिक समय से इस Cyber ठगी को अंजाम दे रहा था जिस पर अब जोधपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जीत हासिल की है।
बूढ़े व्यक्ति को क्लब की सदयस्ता के नाम पर ठगे लाखों, फिर कैसे किया बलेकमैल?
जोधपुर के पास बाँसनी थाना क्षेत्र में 57 साल के एक एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ कॉल पर महिलाओं से संपर्क करवा कर फ्रेंड्स क्लब के नाम पर सदस्य दिलवाने का झांसा देते हुए 42 लाख रुपए से अधिक की ठगी की है जिसमें बुजुर्ग व्यक्ति को फ्रेंड्स क्लब के लिए प्रेरित कर उससे उसकी सदस्यता के लिए राशि जमा करवा दी गई जिसके बाद आरोपियों ने बुजुर्ग को कुछ ऐसे वीडियो भेज कर ब्लैकमेंल किया और 42 लाख रुपए से अधिक की ठगी को अंजाम दिया इस मामले में जोधपुर की बासनी थाना पुलिस ने जांच पड़ताल की तो सामने आया कि एक मुख्य आरोपी जो कि पश्चिम बंगाल के मिदनापुर क्षेत्र से यह सब संचालित कर रहा था तो बिना देर करते हुए बासनी थाना के SI सुरेश कुमार ने अपने नेतृत्व में एक टीम गठित कर पश्चिम बंगाल की ओर भेज दी इस पुलिस टीम ने 4000 किलोमीटर दूरी तय करके कोलकाता के नजदीक से आरोपी Cyber ठग अश्विनी ओझा को गिरफ्तार कर लिया है जिसके पास से ₹1 लाख कैश भी बरामद किए गए हैं यह सभी ऑपरेशन जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर सील्ड ऑपरेशन के तहत सफल हुए हैं और जोधपुर पुलिस ने एक बड़ी जीत हासिल करते हुए साइबर ठगो पर शिकंज करने का काम किया है।











