Rajasthan CM: राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर तीखे सियासी हमले किए, जिसका जवाब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने ही अंदाज में दिया। गहलोत ने मुख्यमंत्री की हिम्मत की तारीफ करते हुए उनके लंबे भाषण पर व्यंग्य किया और सरकार की घोषणाओं को खोखला बताया। साथ ही, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की अनुपस्थिति पर भी सफाई दी।
सीएम भजनलाल शर्मा के भाषण पर गहलोत का तंज
राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ढाई घंटे तक कांग्रेस पर जमकर हमले बोले और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। लेकिन उनके इस लंबे भाषण पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तंज कसा। उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री जी की हिम्मत की दाद देता हूं कि उन्होंने ढाई घंटे तक लगातार बोलने का साहस दिखाया। हंगामे के बावजूद वह रुके नहीं, लेकिन सवाल यह है कि उनकी बातों में कोई दम था या नहीं।”
गहलोत ने सरकार की घोषणाओं को खोखला बताते हुए कहा कि “बजट में जो भी घोषणाएं की गई हैं, उनमें कोई ठोस योजना या नई पहल नहीं है। मुख्यमंत्री ने केवल पुरानी बातें दोहराईं और कांग्रेस सरकार की योजनाओं का नया रूप देकर पेश किया।”
सीएम के भाषण को बताया बेअसर
Rajasthan CM: अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत के दौरान भजनलाल शर्मा के भाषण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, “मुख्यमंत्री जी का भाषण लंबा जरूर था, लेकिन उसमें कोई खास संदेश नहीं था। ढाई घंटे तक वे सिर्फ बातें करते रहे, मगर उनके भाषण में सार नहीं था।”
गहलोत ने आरोप लगाया कि “मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में सिर्फ आंकड़ों का खेल दिखाया और विपक्ष के किसी भी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। यह सिर्फ लीपापोती करने का प्रयास था।”
उन्होंने कहा कि सरकार जो भी दावे कर रही है, वे महज कागजों पर हैं। “अगर बजट घोषणाएं इतनी ही ठोस होतीं, तो आम जनता को अब तक इसका असर दिखता। लेकिन यह सरकार सिर्फ भाषणों तक सीमित है।”
डोटासरा की अनुपस्थिति पर गहलोत का जवाब
Rajasthan CM: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा अनुपस्थित रहे, जिससे कांग्रेस में आंतरिक मतभेदों की चर्चाएं तेज हो गईं। इस मुद्दे पर जब मीडिया ने गहलोत से सवाल किया तो उन्होंने इसे हल्के में लेते हुए कहा, “डोटासरा कहीं चले गए होंगे, इसलिए विधानसभा नहीं आए। इसमें कोई खास बात नहीं है।”
हालांकि, गहलोत का यह जवाब कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी की अटकलों को पूरी तरह से खारिज नहीं कर पाया। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर अंदरखाने मतभेद जारी हैं और डोटासरा की अनुपस्थिति इसी का संकेत हो सकती है।
Rajasthan CM: कांग्रेस ने किया सीएम के दावों का खंडन
गहलोत ने न केवल मुख्यमंत्री के भाषण पर सवाल उठाए, बल्कि उनकी घोषणाओं को भी अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि, “राजस्थान सरकार के वादों में कोई दम नहीं है। ये सभी योजनाएं सिर्फ जनता को भ्रमित करने के लिए लाई गई हैं।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय में शुरू की गई योजनाओं को नया नाम देकर पेश किया जा रहा है। “हमने पहले ही स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में कई योजनाएं लागू की थीं, जिन्हें अब भाजपा सरकार अपनी उपलब्धि बता रही है।”
राजनीतिक माहौल गरमाया
Rajasthan CM: सीएम भजनलाल शर्मा और अशोक गहलोत के बीच यह बयानबाजी राजस्थान की राजनीति में एक नई गर्माहट लेकर आई है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और गरमाने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान में अगले कुछ महीनों में कई बड़े राजनीतिक फैसले देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि सरकार और विपक्ष दोनों ही जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।
निष्कर्ष
Rajasthan CM: राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच राजनीतिक टकराव देखने को मिला। जहां सीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधा, वहीं गहलोत ने उनके भाषण को बिना किसी ठोस योजना वाला करार दिया।
डोटासरा की अनुपस्थिति पर भी कांग्रेस में चर्चाएं बनी हुई हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी खींचतान और क्या मोड़ लेती है।











