जयपुर, 13 फरवरी 2025: Rajasthan के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के किसानों और व्यापारियों के लिए सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कृषक उपज मंडी समितियों में 24 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को मंजूरी दी है।
इस योजना के तहत, लालसोट, भवानीमंडी, देवली और कोटपुतली की कृषक उपज मंडी समितियों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 7.27 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, लूणकरनसर, श्रीकरणपुर, Bikaner (अनाज), Pugal Road (अनाज), Khajuwala, श्रीमाधोपुर, Nokha, श्रीडूंगरगढ़ और Padampur मंडी समितियों में संपर्क मार्गों के निर्माण के लिए 16.73 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
Rajasthan में किसानों और व्यापारियों को होगा बड़ा लाभ
इस योजना से मंडियों में आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी, जिससे किसानों और व्यापारियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा। साथ ही, संपर्क मार्गों के निर्माण से कृषि उत्पादों की ढुलाई में आसानी होगी, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और ईंधन की लागत भी कम होगी।
राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य मुख्यमंत्री शर्मा ने हाल ही में एक अन्य कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार अर्थव्यवस्था को दोगुना करने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। इसके लिए सरकार और निजी क्षेत्र विभिन्न क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में योजनाबद्ध तरीके से निवेश को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Genpact Global Meet में मुख्यमंत्री का संबोधन जयपुर में आयोजित Genpact Global Meet के दौरान मुख्यमंत्री ने Genpact के 20 वर्षों के सफर की सराहना की। उन्होंने कहा कि Jaipur और Jodhpur में कार्यरत लगभग 8,000 कर्मचारियों में से 90% से अधिक स्थानीय हैं, जिससे Rajasthan में रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही, Genpact “Rising Rajasthan Summit” में निवेश करके हजारों लोगों को रोजगार देने की योजना बना रहा है।
बड़े प्रोजेक्ट्स और निवेश को प्रोत्साहन मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को ध्यान में रखते हुए Invit और HAM जैसे मॉडल्स के आधार पर बड़े प्रोजेक्ट्स को लागू कर रही है। “Rising Rajasthan Summit” में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू साइन किए गए हैं। इसके अलावा, Data Center Policy, AVGC-XR Policy और Rajasthan Investment Promotion Policy जैसी नीतियां लागू की गई हैं ताकि निवेशकों को अधिक सुविधाएं मिल सकें।
इंफ्रास्ट्रक्चर और जल उपलब्धता पर विशेष ध्यान Rajasthan सरकार ने अपने पहले बजट में पूंजीगत व्यय को 65% तक बढ़ा दिया है और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बड़े निवेश किए जा रहे हैं। Apple, Microsoft, Oracle, Cisco और Adobe जैसी कंपनियों के साथ साझेदारी कर युवाओं को उच्च गुणवत्ता की ट्रेनिंग दी जा रही है।
जल संकट से निपटने के लिए “Ramjal Setu Link Project” के तहत Madhya Pradesh और केंद्र सरकार के साथ समझौते किए गए हैं, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 10,000 करोड़ रुपये होगी। साथ ही, भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए Atal Ground Water Scheme, मुख्यमंत्री जल आत्मनिर्भरता अभियान और Karmabhoomi से Matribhoomi जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
निवेशकों को Rajasthan में अवसरों का लाभ उठाने की अपील मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आग्रह किया कि वे Rajasthan सरकार की नीतियों का अधिकतम लाभ उठाएं और Rajasthan में निवेश करें। Rajasthan देश का सबसे बड़ा राज्य है और इसमें खनन, पर्यटन, वस्त्र, परिधान, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। ऊर्जा क्षेत्र में सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए विभिन्न केंद्रीय कंपनियों के साथ समझौते किए हैं।
Rajasthan सरकार की इन पहलों से राज्य के किसानों, व्यापारियों और निवेशकों को व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे को नया आयाम मिलेगा।











