Rajasthan Biggest Cyber Fraud: बाप-बेटे ने मिलकर कमाए 10हज़ार करोड रुपए, घर से मिले लाखों कैश, जब पुलिस को मालूम हुआ कमाई का राज तो IPS तक के होश उड़े…जाने यहाँ पूरा मामला

Rajasthan Biggest Cyber Fraud

Rajasthan Biggest Cyber Fraud News: राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक बाप बेटे की जोड़ी ने ऐसा कारनामा करके दिखाया है की जिससे पुलिस तक हैरान हुई है इस बाप बेटे की जोड़ी ने अब तक 10हज़ार करोड रुपए कमा लिए आए दिन नए-नए फ्लैट खरीदने लग्जरी गाड़ियां लेनी और महंगी जिंदगी जीना इनके लिए आम हो गया था पुलिस ने जब दोनों को गिरफ्तार किया तो दोनों से असल राज सुन पुलिस SP तक के होश उड़ गए…पूरा मामला जानने के लिए पूरा पढ़े.

Rajasthan में 10 हज़ार करोड़ के साइबर फ़्रॉड का खुलासे के बाद सब हैरान

राजस्थान पुलिस ने शेयर मार्केट में फायदा दिलाने के नाम पर ₹10,000 करोड रुपए का साइबर फ्रॉड करने वाले बाप-बेटे की जोड़ी को गिरफ्तार कर लिया है इन दोनो बाप बेटों की जोड़ी ने पिछले 8 सालों से अपना काला धंधा जमा रखा था यह दोनों मोबाइल ऐप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में निवेश करने के नाम पर अपने जाल में फंसा लेते थे इन दोनों ने मिलकर अब तक सबसे ज्यादा महाराष्ट्र और कर्नाटक में अपनी इस साइबर ठगी को अंजाम दिया है इस Cyber Fraud के लिए उन्होंने मोबाइल एप बनाया था राजस्थान कि गंगानगर पुलिस ने अंबिका एनक्लेव सेकंड निवासी लाजपत आर्य और उसके बेटे दीपक आर्य को गिरफ्तार कर लिया है मामले में कई अन्य सदस्य इनके साथ जुड़े आरोपियों की तलाश अभी जारी है।

आरोपियों के पास से 10लाख कैश और 85 लाख की लग्ज़री गाड़ी ज़ब्त

पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 10 लाख रुपए कैश और साथ ही एक 85 लाख रुपए की लग्जरी गाड़ी बरामद की है साथ ही 6 मोबाइल फोन और तीन CPU बरामद किए हैं इन आरोपियों ने जयपुर और गंगानगर में करोड़ों रुपए के बंगले खरीद रखे थे Cyber Fraud के पैसों से दूसरी जगह कई प्रॉपर्टी खरीदी है पुलिस आरोपियों से निरंतर पूछताछ और जाँच-पड़ताल पर लगी है अभी पुलिस को उम्मीद है कि और भी कई खुलासे हो सकते हैं मिली जानकारी के अनुसार गैंग के चार आरोपी अब भी फरार चल रहे हैं और इनमें लाजपत आर्य का दूसरा बेटा अजैविक फरार है।

गंगानगर SP गौरव यादव ने बताया है कि आरोपियों ने कैपमोर एफएकसी नाम से एक ऐप बनाया था जिसमें आरोपी लोगों को शेयर मार्केट में निवेश करने के तरीके सीखाते थे जिसके लिए कर्नाटक और महाराष्ट्र के कई शहरों में सेमिनार तक आयोजित करवाए जाते थे इन सेमिनार में आरोपी ग्राहकों को आकर्षित करते थे और 15 20 दिन की ट्रेनिंग देते थे सिर्फ इतना ही नहीं इसके बदले वक़्त 10 से 15 हज़ार की रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर Cyber Fraud करते और फिर एप में निवेश करवाते थे।

आरोपी बड़े लालच से फंसा लेते Cyber Fraud में लोग

आरोपी अपने ऐप पर छोटे निवेश के खाता खोलते थे और विश्वास जीतने के लिए ₹1000 का खाता खोलकर लोगों को निवेश करवाते थे वही ग्राहक को हजार रुपए पर ₹500 का फ़ायदा दिखने लगता और वह हजार रुपये ₹1500 में बदलकर खाते में रिटर्न के तौर पर दिखने लगते थे इसके बाद लोगों को निवेशक के तौर पर इन पर भरोसा होता और वह बड़ी रकम के लिए मान जाते थे।

8 साल बाद कैसे खुला Rajasthan के सबसे बड़े Cyber Fraud का राज?

कर्नाटक निवासी कटप्पा बाबू चौहान ने सदर थाने में इन आरोपियों के खिलाफ 4.50 करोड़ रुपए की ठगी का मामला दर्ज करवाया था जब CO सिटी ट्रेनिंग IPS आदित्य ने जांच-पड़ताल चालू की तो उनके तक होश उड़ गए यह साइबर फ्रॉड बहुत बड़ा और अधिक निकला इस मामले से जुड़े कई आरोपियों की दुबई भाग जाने की जानकारी भी सामने आ रही है कटप्पा बाबू चौहान ने जो मोबाइल नंबर बताया उसे भारत सरकार के प्रतिबिंब ऐप पर चेक किया गया जांच में सामने आया कि इस नंबर पर कर्नाटक और महाराष्ट्र में पांच Cyber Fraud की शिकायत दर्ज की जा चुकी है जब पहली शिकायत की छानबीन की गई तो सामने 75 बैंक खाता आए और यह भी सामने आ गया कि इन खातों में करोड़ों रुपए की मोटी रकम ट्रांसफ़र की गई थी।

वही गंगानगर SP ने बताया कि मामले में अब तक दो मुक़दमे दर्ज किए जा चुके है वहीं एक पुरानी आबादी में और दूसरी सदर थाने में दोनों एफआईआर दर्ज हुई है गैंग के हर सदस्य का पता लगाने के लिए जांच पड़ताल अभी जारी है और इस Cyber Fraud गैंग से जुड़े सभी लोगों की चल-अचल संपत्ति की जानकारी न्यायिक अदालत में पेश की जाएगी अदालत के आदेश पर सभी संपत्ति को सीज किया जाएगा।

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