Rajasthan : 301 बांग्लादेशी घुसपैठिए निकाले गए! राजस्थान से शुरू हुआ सबसे बड़ा ऑपरेशन, जानें कितने अभी भी छिपे हैं देश में

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Rajasthan : राजस्थान में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जोधपुर से शुक्रवार को 153 बांग्लादेशियों को पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया, और इससे पहले 14 मई को 148 को निकाला गया था। यानी अब तक 301 घुसपैठियों को बाहर भेजा जा चुका है। यह डिपोर्टेशन अभियान न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता को दर्शाता है।

राजस्थान बना केंद्र – क्यों यहीं से शुरू हुआ डिपोर्टेशन ऑपरेशन?

राजस्थान के 17 जिलों में बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध मौजूदगी की पुष्टि के बाद गृह मंत्रालय ने ऑपरेशन शुरू किया। ये नागरिक भारत में फर्जी कागजात बनवाकर वर्षों से रह रहे थे।

पुलिस की जांच के अनुसार, इनमें से कई नागरिकों ने राशन कार्ड, आधार कार्ड और यहां तक कि सरकारी योजनाओं (जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना) का फायदा भी उठाया। यह न सिर्फ सुरक्षा संकट पैदा करता है बल्कि योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों के हक पर भी डाका है।

राजस्थान : कैसे किया गया डिपोर्टेशन – पूरी प्रक्रिया का खुलासा

153 बांग्लादेशी नागरिकों को शुक्रवार सुबह जोधपुर एयर फोर्स एयरबेस लाया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच इन्हें इंडियन एयरलाइंस के जरिए पश्चिम बंगाल भेजा गया, जहां से आगे बांग्लादेश की सीमा तक पहुंचाया जाएगा।

जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक राजीव पचार ने इस अभियान की निगरानी की। उन्होंने बताया कि राजस्थान में एक अस्थायी डिटेंशन सेंटर मंडोर में बनाया गया है जहाँ इन नागरिकों को अस्थायी रूप से रखभी कितने और बचे हैं? खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट चौंकाने वाली!

सूत्रों के अनुसार, राजस्थान में 1008 से ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की जा चुकी है, जो अवैध रूप से रह रहे हैं।

अजमेर, सीकर, अलवर, टोंक और जयपुर जैसे जिलों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अजमेर में अब तक 3 दर्जन से ज्यादा घुसपैठिए पकड़े जा चुके हैं, जिनमें कई महिलाएं हैं जिन्होंने स्थानीय लोगों से शादी भी कर ली थी।

कानूनी और सामाजिक असर – लोन, बीमा और सरकारी दस्तावेजों पर खतरा

ये घुसपैठिए भारतीय नामों से लोन लेते थे, बीमा पॉलिसी कराते थे और जनधन योजना, उज्ज्वला योजना जैसे सरकारी लाभ भी उठा रहे थे। इससे न सिर्फ देश को आर्थिक नुकसान होता है बल्कि असली जरूरतमंदों को उनका हक नहीं मिल पाता।

Rajasthan : बड़ा सवाल – सुरक्षा पर कितना खतरा?

भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ऐसी घुसपैठ देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। कई मामलों में इन लोगों के संबंध आतंकी संगठनों से भी जुड़े पाए गए हैं। यही वजह है कि गृह मंत्रालय ने राज्यों को इस अभियान में तेजी लाने का आदेश दिया है।

जनता के लिए संदेश – सतर्क रहें, रिपोर्ट करें

सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अपने स्तर पर कार्य कर रही हैं लेकिन जनता को भी जिम्मेदारी निभानी होगी। यदि आपके आस-पास कोई संदिग्ध नागरिक हो जो वर्षों से बिना उचित दस्तावेजों के रह रहा हो, तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें।

निष्कर्ष: राजस्थान बना अवैध घुसपैठ पर सबसे सख्त राज्य

राजस्थान सरकार और पुलिस प्रशासन ने एक मिसाल पेश की है। 301 बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर भेजना कानून व्यवस्था को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और संभावना है कि आने वाले हफ्तों में 700 से ज्यादा अवैध नागरिकों को और डिपोर्ट किया जाएगा।

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