घर खरीदें या रुकें? प्रॉपर्टी रेट्स गिरेंगे या बढ़ेंगे, नाइट फ्रैंक और एनारॉक की रिपोर्ट्स से जानें सच

घर खरीदने का सपना देख रहे हैं, लेकिन यह समझ नहीं पा रहे कि अभी खरीदें या थोड़ा इंतजार करें? प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ेंगी या गिरेंगी, इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए दो प्रमुख रियल एस्टेट रिपोर्ट्स—नाइट फ्रैंक इंडिया और एनारॉक—ने ताजा आंकड़े पेश किए हैं। इन रिपोर्ट्स में अलग-अलग दावे किए गए हैं, जो घर खरीदारों के लिए फैसला लेना और भी मुश्किल बना रहे हैं। आइए, इन रिपोर्ट्स को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि आपके लिए क्या सही हो सकता है।

नाइट फ्रैंक इंडिया: बिक्री में मामूली बढ़ोतरी

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट ‘इंडिया रियल एस्टेट: आवास एवं कार्यालय (जनवरी-मार्च 2025)’ के मुताबिक, देश के आठ प्रमुख शहरों—मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई, अहमदाबाद और कोलकाता—में जनवरी-मार्च 2025 तिमाही में नए घरों की बिक्री में 2% की बढ़ोतरी हुई है। यह आंकड़ा 88,274 यूनिट्स तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राथमिक आवास बाजार में मांग स्थिर बनी हुई है।

नाइट फ्रैंक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल का कहना है, “कुछ क्षेत्रों में गर्मी की चिंताओं के बावजूद, रियल एस्टेट बाजार मजबूत बना हुआ है। प्रीमियम सेगमेंट की ओर बढ़ता रुझान यह दिखाता है कि लोग बेहतर लाइफस्टाइल और बड़ी जगह चाहते हैं।” यह रिपोर्ट प्रीमियम और लग्जरी घरों की मांग में स्थिरता का संकेत देती है।

एनारॉक: बिक्री में बड़ी गिरावट

दूसरी ओर, एनारॉक की रिपोर्ट कुछ अलग कहानी बयां करती है। इसके मुताबिक, 2025 की पहली तिमाही में सात बड़े शहरों—मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और कोलकाता—में घरों की बिक्री में 28% की गिरावट देखी गई। जहां 2024 की पहली तिमाही में 1.30 लाख से ज्यादा घर बिके थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 93,280 यूनिट्स रह गई।

एनारॉक की रिपोर्ट में सबसे बड़ी गिरावट हैदराबाद में दर्ज की गई, जहां बिक्री 49% कम हुई। वहीं, बेंगलुरु में सबसे कम 16% की गिरावट देखी गई। इसके अलावा, नए घरों के लॉन्च में भी 10% की कमी आई है। 2024 में 1.11 लाख नए घर लॉन्च हुए थे, जो 2025 में घटकर 1 लाख से थोड़ा ज्यादा रह गए। हालांकि, एनसीआर, बेंगलुरु और कोलकाता में सप्लाई बढ़ी है।

प्रॉपइक्विटी का दावा: 23% की गिरावट

प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट भी एनारॉक के करीब है। इसके अनुसार, 2025 की पहली तिमाही में आवास की मांग में 23% की कमी आई है। यह गिरावट खास तौर पर मध्यम और किफायती सेगमेंट में देखी गई, जहां कीमतों में तेजी और होम लोन की ब्याज दरों ने खरीदारों का हौसला तोड़ा।

तो क्या करें—खरीदें या रुकें?

इन रिपोर्ट्स से साफ है कि रियल एस्टेट बाजार में दो अलग-अलग ट्रेंड चल रहे हैं:

  1. प्रीमियम सेगमेंट में स्थिरता: नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट बताती है कि लग्जरी और प्रीमियम घरों की मांग बनी हुई है। अगर आपका बजट 2-5 करोड़ रुपये का है, तो अभी खरीदारी का सही समय हो सकता है।
  2. किफायती सेगमेंट में गिरावट: एनारॉक और प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट्स दिखाती हैं कि मध्यम और किफायती घरों की बिक्री घटी है। अगर आप इस सेगमेंट में घर ढूंढ रहे हैं, तो कुछ महीने रुकना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि सप्लाई बढ़ने और डिमांड कम होने से कीमतों में नरमी आ सकती है।

कीमतें गिरेंगी या बढ़ेंगी?

  • बढ़ोतरी की संभावना: नाइट फ्रैंक का मानना है कि प्रीमियम घरों की कीमतें स्थिर रहेंगी या मामूली बढ़ेंगी, क्योंकि डिमांड मजबूत है।
  • गिरावट की उम्मीद: एनारॉक और प्रॉपइक्विटी के आंकड़े संकेत देते हैं कि किफायती और मध्यम सेगमेंट में कीमतें स्थिर हो सकती हैं या हल्की गिरावट देखी जा सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां सप्लाई ज्यादा है।

निष्कर्ष

अगर आप प्रीमियम घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो अभी का समय ठीक है, क्योंकि बाजार स्थिर है। लेकिन अगर आपका बजट सीमित है और किफायती घर चाहिए, तो थोड़ा इंतजार करना बेहतर हो सकता है। आपकी जरूरत, बजट और शहर के हिसाब से फैसला लें। रियल एस्टेट में निवेश हमेशा लंबी अवधि का खेल होता है, इसलिए जल्दबाजी से बचें और सही मौके का इंतजार करें।

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