₹324 से टूटकर ₹3 पर आ गया यह शेयर, संकट में फंसी कंपनी को अब खरीदेंगे अडानी! दिखाई दिलचस्पी

हाइलाइट्स:

  • अडानी ग्रुप ने जेपी एसोसिएट्स (JAL) को खरीदने के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जमा किया
  • JAL पर 55,493.43 करोड़ रुपये का भारी कर्ज
  • अधूरे हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के जल्द पूरे होने की उम्मीद

नई दिल्ली: कर्ज के बोझ तले दबी और दिवालियापन प्रक्रिया से गुजर रही जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) को खरीदने में अडानी ग्रुप ने दिलचस्पी दिखाई है। सूत्रों के अनुसार, अडानी ग्रुप ने JAL को दिवाला प्रक्रिया के तहत अधिग्रहण करने के लिए औपचारिक रुचि (EOI) जताई है। यह कंपनी सीमेंट, बिजली, होटल, कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में काम करती है। माना जा रहा है कि अडानी ग्रुप के आने से JAL के रुके हुए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को तेजी मिल सकती है, जिससे हजारों बायर्स को राहत होगी।

JAL पर कितना कर्ज?

20 फरवरी 2025 तक JAL पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कुल कर्ज 55,493.43 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। हाल ही में कुछ बैंकों ने अपना कर्ज नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) को बेच दिया, जो फंसे हुए कर्जों को संभालने वाली संस्था है।

दिवालियापन प्रक्रिया का हाल

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), इलाहाबाद बेंच ने 3 जून 2024 को JAL को कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) में शामिल करने का आदेश दिया था। NCLT ने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी को “चलते हुए व्यवसाय” के रूप में पूरी तरह खरीदा जाना चाहिए, न कि इसके हिस्सों को अलग-अलग बेचा जाए।

JAL के पास क्या-क्या है?

JAL के कारोबार में रियल एस्टेट, सीमेंट उत्पादन और कंस्ट्रक्शन शामिल हैं। इसके प्रमुख प्रोजेक्ट्स में:

  • ग्रेटर नोएडा में जेपी ग्रीन्स
  • नोएडा में जेपी ग्रीन्स विशटाउन
  • जेवर एयरपोर्ट के पास जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी

इसके अलावा, कंपनी के पास होटल, बंद पड़े सीमेंट प्लांट और चूना पत्थर की खदानें भी हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल आय का 14% रियल एस्टेट से आया था।

बायर्स के लिए राहत की उम्मीद

JAL के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स अधूरे पड़े हैं, जिसके कारण हजारों बायर्स फ्लैट्स का इंतजार कर रहे हैं। हाल ही में यमुना अथॉरिटी (YEIDA) ने 7,000 बायर्स के लिए फ्लैट्स पूरे करने की योजना बनाई थी। अब अडानी ग्रुप के इस कदम से इन प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने की संभावना बढ़ गई है। YEIDA 28 मार्च को होने वाली बोर्ड बैठक में इस पर अंतिम फैसला ले सकती है।

अडानी ग्रुप का मास्टर प्लान

सीमेंट और कॉपर जैसे क्षेत्रों में विस्तार के बाद अडानी ग्रुप अब JAL के अधिग्रहण से रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। अगर यह डील सफल होती है, तो अडानी ग्रुप न केवल JAL के कर्ज को संभाल सकता है, बल्कि इसके अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा कर निवेशकों और बायर्स का भरोसा भी जीत सकता है।

शेयर बाजार में असर

इस खबर के बाद JAL के शेयरों में गिरावट देखी गई। गुरुवार सुबह 9:30 बजे शेयर 4.84% गिरकर 3.34 रुपये पर पहुंच गया, जिसमें 5% का लोअर सर्किट लगा। बुधवार को भी शेयर में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई थी।


निष्कर्ष:
अडानी ग्रुप का JAL को खरीदने का कदम न केवल कंपनी के लिए बल्कि इसके बायर्स और निवेशकों के लिए भी उम्मीद की किरण ला सकता है। यह डील रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ी हलचल मचा सकती है।

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