Pathan Khan ISI Spy Update : 3 बार पाकिस्तान जाकर करता था बॉर्डर की जासूसी, जानिए कैसे बना खतरनाक जासूस! – जासूस बन गया ISI का खुफ़ीया एजेंट?  लोकल बस से बॉर्डर की निगरानी, 3 बार पाकिस्तान का दौरा, पट्ठान खान की 12 साल की गददारी जासूसी की चौकाने वाली सच्चाई!

Pathan Khan ISI Spy Update

Pathan Khan ISI Spy Case Update : राजस्थान के जैसलमेर जिले से हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए शख्स का नाम पठान खान है, जो जैसलमेर के मोहनगढ़ क्षेत्र का रहने वाला है। राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस ब्रांच ने उसे पकड़कर जयपुर लाया है और अब उससे गहन पूछताछ की जा रही है। इस गिरफ्तारी ने न केवल स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

तीन बार पाकिस्तान की यात्रा, हर बार नई ट्रेनिंग

जानकारी के मुताबिक, पठान खान अब तक तीन बार पाकिस्तान का दौरा कर चुका है। वर्ष 2010, 2013 और 2018 में वह विजिट वीजा पर अपने रिश्तेदारों से मिलने के बहाने पाकिस्तान गया था। लेकिन इन यात्राओं के पीछे की सच्चाई चौंकाने वाली है। वहां उसकी मुलाकात ISI के अधिकारियों और एजेंट्स से हुई, जिन्होंने उसका ब्रेनवॉश कर उसे भारतीय सेना और बॉर्डर इलाकों की गोपनीय जानकारी हासिल करने का टास्क सौंपा।

पठान खान को जासूसी के लिए विशेष ट्रेनिंग दी गई जिसमें मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया या सीक्रेट चैनलों के माध्यम से पाक एजेंसी को भेजने की तकनीकें शामिल थीं। उसे बताया गया कि सूचनाएं जुटाने के बाद कैसे सबूत मिटाने हैं ताकि वह कभी पकड़ा न जा सके।

पैसे और मोबाइल फोन के लालच में बना देशद्रोही

पठान खान को ISI ने मोटी रकम और सुविधाएं देने का लालच दिया। उसे एक स्मार्टफोन और भारतीय नंबरों की सिम कार्ड्स भी उपलब्ध कराई गईं ताकि वह आसानी से ISI के एजेंट्स के संपर्क में रह सके। उसके काम का मुख्य तरीका था सीमावर्ती इलाकों में लोकल बसों से सफर करना और वहां की गतिविधियों की जानकारी मोबाइल फोन से रिकॉर्ड करना।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पठान खान बेहद शातिर था। वह बस में बैठकर मोबाइल फोन कान पर लगाकर ऐसा दिखाता था कि किसी से बात कर रहा है, जबकि असल में वह बॉर्डर इलाकों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा होता था। उसके इस तरीके ने उसे कई सालों तक सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचाए रखा।

12 साल से देश के खिलाफ कर रहा था काम

राजस्थान इंटेलिजेंस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पठान खान करीब 12 साल से ISI के लिए काम कर रहा था। वह सीमावर्ती इलाकों की सामरिक गतिविधियों, सेना की तैनाती, वाहनों की मूवमेंट और अन्य संवेदनशील जानकारियों को रिकॉर्ड कर पाकिस्तान भेजता था। उसकी गतिविधियों पर पिछले कुछ समय से नजर रखी जा रही थी, और हाल ही में उसे संदिग्ध गतिविधियों के चलते ट्रैक किया गया।

उसके पाकिस्तान जाने की जानकारी, जीवनशैली में बदलाव और संदिग्ध कॉल्स ने इंटेलिजेंस अफसरों को अलर्ट कर दिया। उसके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद उसे ट्रैप किया गया और अब उसे जयपुर लाकर पूछताछ की जा रही है।

सोशल मीडिया बना जरिया, ISI से कनेक्शन साबित

पठान खान ने सूचनाओं को साझा करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया। वह कभी-कभी सीधे व्हाट्सएप कॉल्स या अन्य एन्क्रिप्टेड ऐप्स से पाक एजेंट्स के संपर्क में रहता था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि पठान खान ने ISI को भारतीय सेना के कैंप, पेट्रोलिंग रूट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में कई गोपनीय जानकारियां साझा की थीं।

राजस्थान पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या पठान खान के साथ और भी लोग इस नेटवर्क में शामिल हैं। जांच का दायरा अब अन्य सीमावर्ती जिलों और ISI के नेटवर्क की गहराई तक बढ़ाया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों का सख्त रवैया, हाई अलर्ट पर बॉर्डर

इस गिरफ्तारी के बाद भारत-पाक बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। BSF और अन्य इंटेलिजेंस एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और पुराने संदिग्धों की फाइलें फिर से खोली जा रही हैं।

इस केस को लेकर ACB, RAW और IB जैसी एजेंसियां भी एक्टिव हो गई हैं। संयुक्त टीमों के जरिए पूछताछ जारी है और पठान खान के डिजिटल डिवाइसेज की फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि उसके नेटवर्क के अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।

देशद्रोह के आरोप में दर्ज होगा केस, हो सकती है उम्रकैद

पठान खान के खिलाफ देशद्रोह, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और अनाधिकृत सूचनाएं साझा करने जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है। यदि उस पर लगे आरोप कोर्ट में साबित होते हैं तो उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है।

राजस्थान पुलिस ने जनता से अपील की है कि सीमावर्ती इलाकों में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस या खुफिया एजेंसियों को दें। यह केस एक बड़ा उदाहरण है कि कैसे एक आम दिखने वाला व्यक्ति भी दुश्मन देश के लिए काम कर सकता है।

निष्कर्ष : Pathan Khan ISI Spy History

पठान खान की गिरफ्तारी ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI अब भी भारत में अपने एजेंट्स को एक्टिव रखने में जुटी हुई है। यह केस न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है कि आंतरिक सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब यह जांच का विषय है कि पठान खान जैसे और कितने एजेंट्स भारत में एक्टिव हैं और उनके पीछे कौन से मास्टरमाइंड्स काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now