India Pakistan War Latest News : ऑपरेशन सिंदूर की चोट से कांपा पाकिस्तान, अब जंग नहीं शांति चाहता है। जानिए DGMOs के बीच क्या हुई बातचीत और क्यों पाकिस्तान अब पीछे हटने को मजबूर हुआ।
नई दिल्ली / इस्लामाबाद: भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ा मोड़ सामने आया है। महज 48 घंटे के भीतर पाकिस्तान, जो अभी दो दिन पहले तक परमाणु हमले की गीदड़भभकियां दे रहा था, अब भारत के सामने झुक गया है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य अधिकारियों को फोन करके शांति की गुहार लगाई है। यह पहली आधिकारिक सैन्य बातचीत है जो जंग के बाद दोनों देशों के बीच हुई है।
जंग की शुरुआत और पाकिस्तान की हालत पतली
बता दें कि गुरुवार रात पाकिस्तान ने जम्मू, पंजाब और राजस्थान बॉर्डर पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत करारा जवाब दिया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य अड्डों को निशाना बनाया, जिनमें रफीकी मुरीद, रहमियारखान, सुकूर और चललाल जैसे ठिकाने शामिल थे। पाकिस्तान को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
पाकिस्तानी मीडिया भले ही इस बात को छुपा रहा हो, लेकिन उनके रक्षा विशेषज्ञ खुद मान चुके हैं कि भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की एयर डिफेंस की पोल खुल गई है।
फोन करके मांगी शांति – क्या हुई बातचीत?
शनिवार सुबह पाकिस्तान की ओर से भारत में DGMOs (Director General of Military Operations) के स्तर पर कॉल किया गया। यह कॉल भारत के सैन्य मुख्यालय में रिसीव किया गया। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी अधिकारी ने भारत से कहा कि पाकिस्तान अब तनाव को और नहीं बढ़ाना चाहता और बातचीत के जरिए मसले को हल करना चाहता है।
यह फोन कॉल इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले पाकिस्तान आक्रामक रुख अपनाए हुए था। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के सटीक वारों ने उसे बैकफुट पर ला दिया।
भारत की रणनीति: जवाब भी, नियंत्रण भी
भारत सरकार और सेना ने अभी तक संयम और नियंत्रण दोनों का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय, रक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। भारत ने यह साफ किया है कि हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन देश की सुरक्षा से कोई समझौता भी नहीं होगा।
ऑपरेशन सिंदूर की चोट ने बदली बाजी
भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में सिर्फ मिसाइलों का ही नहीं बल्कि साइबर अटैक और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का भी इस्तेमाल किया गया। पाकिस्तान के संचार केंद्र, ड्रोन कंट्रोल बेस और फॉरवर्ड ऑपरेशन पोस्ट्स को निशाना बनाया गया।
इस हमले की सटीकता इतनी जबरदस्त थी कि पाकिस्तान की एयरफोर्स अपने ही रडार में गड़बड़ी बताकर एयर स्पेस बंद करने को मजबूर हो गई।
पाकिस्तान की संसद में रोता दिखा सांसद
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान एक सांसद रो पड़ा और कहा कि “हमें भारत से नहीं उलझना चाहिए था।” इससे यह स्पष्ट होता है कि पाकिस्तान के अंदर अब युद्ध को लेकर भय और अनिश्चितता है।
ब्लैकआउट और हाई अलर्ट – भारत की तैयारी पूरी
राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में ब्लैकआउट और हाई अलर्ट घोषित किया गया है। जैसलमेर, श्रीगंगानगर, बाड़मेर और बीकानेर में सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है। रेलवे ने भी कई ट्रेनों को रद्द किया है। वहीं, सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं।
क्या अब होगी बातचीत?
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत पाकिस्तान की इस शांति पहल को स्वीकार करेगा या फिर और सख्ती दिखाई जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब दबाव की स्थिति में नहीं बल्कि डिप्लोमैटिक और सैन्य तौर पर ऊपरी पायदान पर है। ऐसे में भारत की हर रणनीतिक चाल पाकिस्तान पर भारी पड़ेगी।
सीमावर्ती जिलों में राहत योजना और बीमा कवर की तैयारी शुरू
भारत-पाक तनाव के कारण राजस्थान, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में सरकार ने आपदा राहत योजनाओं, फसल बीमा, और रक्षा परिवारों के लिए विशेष लोन स्कीम्स की घोषणा की है। युद्ध जैसे हालात में किसानों को आर्थिक नुकसान न हो इसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम प्रक्रिया को तेज किया गया है। साथ ही, डिफेंस पर्सनल लोन स्कीम भी शुरू की जा रही है जिससे जवानों के परिवारों को वित्तीय सहायता मिल सके।













