Never Give Up Campaign Yojana 2025 : 30 जून तक नहीं हटाया नाम तो पड़ेगा भारी! राशन कार्ड वालों के लिए आई इस जगह से बड़ी चेतावनी! – जुर्माना और FIR दोनों तय… अब क्या करे और कैसे बचे? – जानिए पूरा उपाय

Never Give Up Campaign Yojana 2025

Never Give Up Campaign Yojana 2025 : खाद्य सुरक्षा योजना में अपात्र नामों की उलटी गिनती शुरू! खैरथल-तिजारा जिले में 30 जून 2025 के बाद नाम नहीं हटाने पर बाजार दर से वसूली और FIR होगी। जानें ‘गिव अप अभियान’ की पूरी जानकारी।

अगर आप राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत सस्ती दरों पर राशन ले रहे हैं लेकिन अब आपकी आर्थिक स्थिति ठीक हो गई है – तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में जिला प्रशासन ने “गिव अप अभियान” शुरू किया है, जिसका मकसद है – अपात्र लोगों को योजना से बाहर करना। अगर आपने अब तक अपना नाम स्वेच्छा से नहीं हटवाया है, तो 30 जून 2025 के बाद आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है।


Never Give Up Campaign Yojana 2025 : क्या है ‘गिव अप अभियान’?

‘गिव अप अभियान’ सरकार की तरफ से चलाई जा रही एक नैतिक पहल है। इसका उद्देश्य है:

  • योजना का लाभ सिर्फ वास्तविक गरीबों तक पहुंचे।
  • जो लोग अब सरकारी मदद के लिए पात्र नहीं हैं, वे खुद योजना से बाहर हों।
  • इससे नए पात्र लोगों को भी मौका मिल सकेगा।

खैरथल-तिजारा जिला रसद अधिकारी राकेश सोनी के अनुसार, अभी भी कई ऐसे लोग सस्ती दरों पर राशन उठा रहे हैं जो आयकरदाता हैं, जिनके पास चारपहिया वाहन है या सरकारी कर्मचारी हैं। ये सभी अपात्र की श्रेणी में आते हैं।


अंतिम तारीख – 30 जून 2025

  • पहले 31 मई 2025 अंतिम तारीख तय की गई थी।
  • अब इसे बढ़ाकर 30 जून 2025 कर दिया गया है।
  • इसके बाद नाम नहीं हटाने वाले अपात्र व्यक्तियों पर:
  • बाजार दर से राशन की वसूली की जाएगी।
  • एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या होगी कानूनी कार्रवाई?

  1. धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज हो सकता है।
  2. जो व्यक्ति वर्षों से अपात्र होते हुए भी राशन ले रहे हैं, उनसे पूरा राशन का मुआवजा बाजार दर पर वसूला जाएगा।
  3. FIR की स्थिति में जेल और जुर्माना दोनों संभावित हैं।

कैसे की जा रही है अपात्रों की पहचान?

जिला प्रशासन ने बताया कि:

  • हर सप्ताह 20 अपात्र लाभार्थियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
  • नोटिस के बावजूद अगर नाम नहीं हटाया गया तो कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी।
  • जिला रसद अधिकारी राकेश सोनी खुद फील्ड में जाकर निगरानी कर रहे हैं।
  • प्रतिदिन 5 से 8 उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण किया जा रहा है।

नाम हटाने की प्रक्रिया – कैसे हटाएं योजना से खुद को?

अगर आप समझते हैं कि अब आपकी आर्थिक स्थिति खाद्य सुरक्षा योजना के लिए पात्र नहीं है, तो ये करें:

  1. अपने क्षेत्र के उचित मूल्य दुकानदार (राशन डीलर) से संपर्क करें।
  2. वहां से एक गिव अप फॉर्म प्राप्त करें।
  3. फॉर्म भरकर जमा करें – इसमें आपका नाम, आधार नंबर, कारण और हस्ताक्षर होता है।
  4. जमा करने के बाद आपका नाम योजना से स्वेच्छा से हट जाएगा।

नए पात्रों के लिए जरूरी सूचना

जिन लोगों ने योजना में नाम जोड़ने के लिए ई-मित्र पर आवेदन किया है लेकिन अभी तक उनका आवेदन पेंडिंग है, वे:

  • फिर से आवश्यक दस्तावेजों के साथ ई-मित्र सेंटर जाकर आवेदन सबमिट करें।
  • इससे पात्रता की पुष्टि होगी और जल्दी से योजना में नाम जुड़ सकेगा।

कौन-कौन माने जाएंगे अपात्र?

  • आयकरदाता
  • सरकारी कर्मचारी या पेंशनर
  • जिनके पास चारपहिया वाहन है
  • 100 वर्गगज से ज्यादा का पक्का घर या फ्लैट
  • 1 लाख से ऊपर बैंक बैलेंस

ध्यान दें: अगर आपके परिवार की स्थिति अब इन मानकों में आती है, तो आपको गिव अप फॉर्म जरूर भरना चाहिए।


इस अभियान का असर क्या है?

  • प्रशासन का कहना है कि कई लोग अब खुद आगे आकर नाम हटवा रहे हैं।
  • इससे सच्चे पात्र लोगों को फायदा मिलना शुरू हो गया है।
  • इस तरह की पहल से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष: ईमानदारी से दें योजना का लाभ आगे

योजना का फायदा लेना अधिकार है, लेकिन जरूरतमंद से छीनना अपराध है।
अगर आपकी आय या जीवन स्तर अब इतना अच्छा हो चुका है कि आप राशन योजना में नहीं आते, तो आज ही ‘गिव अप’ फॉर्म भरें।

याद रखें – 30 जून 2025 के बाद जुर्माना और एफआईआर दोनों निश्चित हैं।

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