Government Loan 2025-26: मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बाजार से 15 लाख करोड़ रुपये का सरकारी कर्ज (Government Loan) लेने की योजना बनाई है। इसमें से 8 लाख करोड़ रुपये का लोन पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में जुटाया जाएगा। यह राशि सिक्योरिटीज नीलामी और ग्रीन बॉन्ड्स के जरिए आएगी। आइए समझते हैं कि यह सरकारी उधारी कहां से आएगी और इसका इस्तेमाल कहां होगा।
मोदी सरकार का सरकारी कर्ज प्लान
फोटो साभार: सरकार की आधिकारिक वेबसाइट
मुख्य बिंदु:
- 8 लाख करोड़ का सरकारी लोन: 2025-26 की पहली छमाही में उधारी
- कुल कर्ज लक्ष्य: पूरे साल के लिए 15 लाख करोड़ रुपये
- 26 सिक्योरिटीज नीलामी: बाजार से पैसा जुटाने की रणनीति
नई दिल्ली: केंद्र सरकार अपने खर्चों को पूरा करने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 में भारी सरकारी कर्ज (Government Loan) लेने जा रही है। आधिकारिक बयान के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर तक 8 लाख करोड़ रुपये का लोन दीर्घकालीन सिक्योरिटीज के जरिए जुटाया जाएगा। यह राशि राजस्व घाटे को पाटने के लिए होगी। पूरे साल के लिए सरकार ने 14.82 लाख करोड़ रुपये का सरकारी कर्ज लेने का लक्ष्य रखा है।
सरकारी कर्ज की जरूरत क्यों?
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बताया कि 2025-26 में राजस्व घाटे को पूरा करने के लिए 14.82 लाख करोड़ रुपये का सरकारी लोन लिया जाएगा। राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) इस साल GDP का 4.4% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.8% से कम है। कुल मिलाकर, सरकार को 15,68,936 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। इसमें से शुद्ध बाजार कर्ज 11.54 लाख करोड़ रुपये होगा, बाकी छोटी बचत और अन्य स्रोतों से आएगा।
सरकार की कुल प्राप्तियां और खर्च
2025-26 में सरकार की कुल प्राप्तियां 34.96 लाख करोड़ रुपये और खर्च 50.65 लाख करोड़ रुपये अनुमानित हैं। शुद्ध कर प्राप्तियां 28.37 लाख करोड़ रुपये होंगी। इस अंतर को पूरा करने के लिए सरकारी कर्ज (Government Loan) अहम भूमिका निभाएगा।
सरकारी लोन कहां से आएगा?
यह राशि 26 साप्ताहिक सिक्योरिटीज नीलामी के जरिए जुटाई जाएगी। हर नीलामी में 25,000 से 36,000 करोड़ रुपये की सिक्योरिटीज जारी होंगी। ये सरकारी कर्ज 3, 5, 7, 10, 15, 30, 40 और 50 साल की अवधि के होंगे। इसमें 10,000 करोड़ रुपये ग्रीन बॉन्ड्स (Green Government Loan) से आएंगे, जो पर्यावरणीय परियोजनाओं के लिए होंगे।
सरकारी कर्ज की हिस्सेदारी
- 3 साल: 5.3%
- 5 साल: 11.3%
- 7 साल: 8.2%
- 10 साल: 26.2%
- 15 साल: 14%
- 30 साल: 10.5%
- 40 साल: 14%
- 50 साल: 10.5%
ज्यादा बोली का लाभ
‘ग्रीन शू ऑप्शन’ के तहत हर सिक्योरिटी पर 2,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त बोली स्वीकार की जा सकती है। इससे निवेशकों को अधिक मौका मिलेगा।
सरकारी कर्ज का खर्च कहां?
यह सरकारी लोन राजकोषीय घाटे को भरने, इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सामाजिक कल्याण योजनाओं और अन्य सरकारी खर्चों के लिए होगा। ग्रीन बॉन्ड्स से जुटाई राशि पर्यावरण संरक्षण और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में लगेगी।














