Meerut Viral News : मेरठ में हाईवे किनारे बैठे एक ही परिवार के 5 लोगों ने की अजीब हरकतें, कीचड़ फेंका, दिव्य शक्ति का दावा किया। वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाई सनसनी। पुलिस जांच में जुटी।
मेरठ में हाईवे किनारे ‘दिव्य शक्ति’ का ड्रामा! पूरा परिवार बना तमाशा
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो परतापुर क्षेत्र के हाईवे किनारे का है, जिसमें एक ही परिवार के पांच सदस्य – दो महिलाएं और तीन पुरुष – सड़क किनारे कीचड़ में बैठकर अजीब हरकतें करते नजर आ रहे हैं।
क्या है वायरल वीडियो में?
वीडियो में देखा जा सकता है कि पांचों लोग कीचड़ में लथपथ हैं और किसी अनजान भाषा में जोर-जोर से बातें कर रहे हैं। राहगीरों के अनुसार ये लोग खुद को दिव्य शक्ति से युक्त बता रहे हैं और कभी गाड़ियों पर कीचड़ फेंक रहे हैं, तो कभी राहगीरों से उलझ रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ वाहनों को नुकसान भी पहुंचाया गया है।
पूरा परिवार हुआ बेकाबू – दिव्यता का दावा या मानसिक भ्रम?
राहगीरों और स्थानीय लोगों के अनुसार यह परिवार पहले भी कब्रिस्तान में जाकर तंत्र-मंत्र और टोने-टोटकों से जुड़ी गतिविधियों में लिप्त पाया गया था। कुछ दिन पहले भी यही हरकतें इन्होंने की थीं, तब पुलिस इन्हें समझाकर वापस भेज चुकी थी।
पर इस बार यह मामला और ज्यादा अजीब हो गया, जब इन्होंने हाईवे को ही तांडव का मैदान बना लिया।
लोगों ने बुलाई पुलिस – क्या है कानूनी कार्रवाई?
घटना की सूचना मिलते ही लोगों ने 112 पर कॉल कर पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सभी को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की।
पुलिस के अनुसार मामला पहली नजर में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा लग रहा है, लेकिन फिर भी सभी पहलुओं की जांच की जा रही है – खासकर यह देखा जा रहा है कि कहीं इसमें किसी तरह की साजिश या धोखाधड़ी तो नहीं छिपी है।
सोशल मीडिया पर वायरल, यूजर्स कर रहे हैं तरह-तरह के कमेंट
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तूफान आ गया। कुछ लोग इसे ‘सस्ती पब्लिसिटी’ का हथकंडा बता रहे हैं, तो कुछ इसे एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य का मामला मान रहे हैं। वहीं कुछ अंधविश्वासियों ने इस परिवार की हरकतों को ‘ईश्वरीय संकेत’ तक कह डाला।
एक यूजर ने लिखा:
“लगता है ये लोग किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं, या फिर ये कोई तांत्रिक रियलिटी शो है!”
कौन है यह परिवार? जानिए इनकी पृष्ठभूमि
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, ये लोग मेरठ शहर के निवासी हैं और इनमें से एक युवक ‘मिस्टर मेरठ’ भी रह चुका है। परिवार सामाजिक रूप से सामान्य दिखता है, लेकिन पिछले कुछ समय से इनकी गतिविधियाँ असामान्य हो गई थीं।
परिवार के पड़ोसियों ने बताया कि ये लोग पिछले कुछ महीनों से धार्मिक और तांत्रिक गतिविधियों में गहराई से लिप्त थे। उनकी बातों और व्यवहार से कुछ लोग डरते भी थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि ये लोग सार्वजनिक जगहों पर इस हद तक जा सकते हैं।
क्या मानसिक बीमारी है वजह?
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसी हरकतें किसी गंभीर साइकोटिक एपिसोड (psychotic episode) का हिस्सा हो सकती हैं। जब व्यक्ति वास्तविकता से कट जाता है और भ्रम में जीने लगता है, तो वह खुद को भगवान, राक्षस या दिव्य शक्ति वाला मान सकता है।
समाज में जागरूकता की कमी
भारत में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अभी भी जागरूकता की भारी कमी है। लोग मानसिक बीमारियों को ‘पगला जाना’ या ‘बुरी आत्माओं का असर’ मानते हैं, जबकि ये गंभीर चिकित्सीय समस्याएं होती हैं, जिनका इलाज संभव है।
क्या कहती है पुलिस?
पुलिस ने प्रेस को बताया कि फिलहाल प्राथमिक जांच की जा रही है। परिवार को मेडिकल चेकअप के लिए भेजा गया है और यदि आवश्यकता पड़ी तो मानसिक चिकित्सकों से भी सलाह ली जाएगी। फिलहाल इस मामले में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन वाहन क्षति और सार्वजनिक अशांति को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
निष्कर्ष :
मेरठ की यह घटना न सिर्फ अजीब है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है – कि अंधविश्वास, मानसिक बीमारी और सोशल मीडिया की सनसनीखेजी मिलकर कैसे असामान्य घटनाओं को जन्म देती हैं। यह जरूरी है कि हम ऐसे मामलों को हंसी में न उड़ाएं, बल्कि इनके पीछे के कारणों को समझें और समय रहते उचित इलाज और मार्गदर्शन की दिशा में कदम बढ़ाएं।












