Jodhpur : राजस्थान का खूबसूरत शहर जोधपुर एक बार फिर अपराध की आग में झुलस उठा है। शनिवार की आधी रात, जब पूरा शहर गहरी नींद में था, तभी नारवा इन्द्रोका इलाके में अचानक ‘धांय-धांय’ की आवाजों ने सबको चौंका दिया। दो गुटों के बीच हुई इस खूनी फायरिंग में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना ने न केवल लोगों की नींद उड़ा दी, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर ला दिया है।
आधी रात का खौफ: कैसे हुआ गोलीकांड
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात लगभग 12 बजे के आसपास नारवा इन्द्रोका क्षेत्र में दो गुटों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते यह विवाद फायरिंग में बदल गया। इस वारदात में 50 वर्षीय भौम सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी शैलेन्द्र सिंह घायल हो गया। उन्हें तुरंत मथुरादास माथुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने भौम सिंह को मृत घोषित कर दिया और शैलेन्द्र का इलाज जारी है।
Jodhpur : अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा है मामला?
पुलिस सूत्रों की मानें तो यह गोलीकांड अवैध शराब के कारोबार को लेकर पुरानी रंजिश का परिणाम हो सकता है। हालांकि, फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह से यह फायरिंग हुई है, उससे साफ जाहिर होता है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। अपराधियों ने पहले से ही योजना बनाकर इस हमले को अंजाम दिया।
सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की सक्रियता
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस के साथ-साथ अन्य थानों की पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। इलाके की नाकाबंदी की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने लगे। मगर अब तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है ताकि हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
मृतक भौम सिंह की कुंडली खंगाल रही है पुलिस
इस घटना के बाद पुलिस ने मृतक भौम सिंह के पुराने रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसकी किन-किन लोगों से दुश्मनी थी। क्या वह पहले भी किसी अपराध में शामिल रहा है? क्या उसका भी कोई आपराधिक रिकॉर्ड है? ये तमाम सवाल अब जांच का हिस्सा बन चुके हैं।
अस्पताल में सुरक्षा कड़ी, बढ़ती भीड़ से तनाव
मथुरादास माथुर अस्पताल में इस घटना के बाद भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मृतक के परिजनों और परिचितों की भीड़ जमा हो रही है, जिससे माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी संभावित बवाल को रोकने के लिए पूरी तैयारी में है।
जोधपुर में क्यों बढ़ रहे हैं अपराध?
पिछले कुछ महीनों में जोधपुर में अपराध की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। चाहे वह अवैध शराब का धंधा हो, रंजिश के चलते फायरिंग हो या फिर गैंगवार – शहर की शांत फिजाओं में अब डर का माहौल बनने लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि –
- पुलिस की गश्त में कमी
- अपराधियों में कानून का खौफ न होना
- अवैध कारोबार पर लगाम न लग पाना
ये तीन मुख्य वजहें हैं जिनके चलते जोधपुर का क्राइम ग्राफ ऊपर जा रहा है।
सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल
एक ओर सरकार ‘सुरक्षित राजस्थान’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे लगातार होने वाले अपराध इस दावे को खोखला साबित कर रहे हैं। जोधपुर जैसे पर्यटक शहर में अगर आधी रात को खुलेआम गोलियां चलेंगी, तो यह न केवल आम लोगों के लिए बल्कि पर्यटन व्यवसाय के लिए भी एक खतरे की घंटी है।
जनता क्या कह रही है?
स्थानीय लोगों में डर और गुस्से का माहौल है। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमने सोचा था कि जोधपुर सुरक्षित शहर है, लेकिन अब हर दिन डर के साए में जीना पड़ रहा है। आधी रात को अगर गोलियां चलेंगी तो बच्चों और बुजुर्गों का क्या होगा?”
निष्कर्ष: कब रुकेगा यह खूनी खेल?
जोधपुर की यह घटना न केवल एक इंसान की मौत की कहानी है, बल्कि यह एक चेतावनी भी है – सरकार, पुलिस और आम नागरिकों के लिए। अब समय आ गया है कि अपराध के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
आखिर कब तक जोधपुर ‘धांय-धांय’ की आवाज़ों से कांपता रहेगा?
अगर आप जोधपुर या राजस्थान के किसी अन्य शहर में रहते हैं, तो कृपया सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। आप अपनी सुरक्षा के लिए घर, दुकान और वाहन के लिए इंश्योरेंस जरूर करवाएं।











