Jhalawad News: मनोहरथाना में चाईनीज मांजा पर कोई रोक-टोक नहीं पक्षी पर्यावरण को बड़ा खतरा नहीं हो रही सख्ती जन जागरण संदेश जितेंद्र सिंह राजपूत मनोहरथाना,मकर संक्रांति पर पतंग महोत्सव जैसे बड़े स्तर कस्बे में हर छतों मकान से पतंग बाज़ी हो रही है, लेकिन जहां जरूरत है जागरूकता पैदा करना चाहिए था, जिला कलेक्टर द्वारा स्पष्ट रूप से दिशानिर्देश बावजूद अभी तक स्थानीय प्रशासन द्वारा किसी दुकानदार को चाईनीज मांजा पर कोई कार्रवाई नहीं होने से बचें धड़क फायदा उठा रहे ..आइए जानते है क्या है पूरा मामला… पढ़े पूरी खबर.
Jhalawad: चाइनीज़ माँझे पर प्रतिबंध फिर भी बिक्री और ख़रीद है ख़तरनाक
अखिल भारतीय गौ रक्षा महासंघ राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह पंवार प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों से आदेश दे सरकार क्षेत्र मनोहरथाना में अनेक पक्षी पर्यावरण में पोलीथीन से बनी पतंग जो अभिश्राप बन रही है सायंकाल में घर वापसी में पक्षी घायल हो रहें हैं, आम आदमी जिन्दगी का खतरा बन रहे हैं वहीं बच्चे समझ नहीं पा रहे, किसी का शौक बन रही है, जहां पुर्व समय लकड़ी से गील्ली डंडा लेके लोग धार्मिक गौ माता के दान पुण्य में समर्पित थे। आज वही लोग पतंगबाजी नेता, तथा फिल्म जगत कि दुनिया में खो से गए हैं, विनाश का कार्य बंद हो तथा सख्त कार्यवाही हेतु आग्रह क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमी व्यक्तियों द्वारा किया गया है।
क्यों हो जाती है चाइनीज मांझे से मौत? जाने
साधारण डोर धागे से बनती है और चाइनीज मांझा नाइलान, शीशा समेत कई अन्य केमिकल से बना होता है. नतीजतन इसकी जद में आने वाले का घायल होना तय है. पतंग लोग ऊंचाई वाले इलाके से उड़ाते हैं और जब भी कोई पतंग कटती है या गिरती है तो दोपहिया सवार इसकी चपेट में आते हैं. चलती बाइक पर अगर यह मांझा गर्दन पर आ गया तो घायल होने के साथ कई बार मौत भी हो जाती है।
इसलिए अब भी बिक रहा चाइनीज मांझा!
पतंग का सामान्य धागा और चाइनीज मांझा की कीमतों में अंतर होता है. यह सामान्य धागे से थोड़ा मंहगा होता है. यह पतंगबाजों के लिए काटने का मजबूत साधन है तो व्यापारियों के लिए ज्यादा आय का स्रोत।
दिल्ली के नागलोई इलाके में एक मासूम बच्ची कि मौत के बाद पुलिस ने सात लोगों को तीन दिन पहले गिरफ्तार किया है. इनके पास भारी मात्रा में माँझा मिला है. दिल्ली में इस साल जनवरी से अब तक चार मौतें सामने आ चुकी हैं. जब कहीं किसी मौत का मामला सामने आता है तो पुलिस सक्रिय होती है. वहाँ भी जहां प्रतिबंध है और वहां भी जहां नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने दो सितंबर 2022, 10 फरवरी 2023 और एनजीटी ने 21 जनवरी 2020 को अपने-अपने ऑर्डर में स्पष्ट कहा है कि पतंगबाज केवल कॉटन के धागे से ही पतंग उड़ा सकते हैं।
चाइनीज मांझा कि बिक्री, स्टोरेज, इस्तेमाल पर अनिवार्य रूप से प्रतिबंध रहेगा. एनजीटी के आदेश का संदर्भ लेते हुए दिल्ली के पुलिस कमिश्नर ने 20 जुलाई 2023 को एक आदेश जारी किया है, जिसमें पूरे दिल्ली में इस तरह के मांझे कि बिक्री, स्टोरेज पर प्रतिबंध सख्ती से लागू करने को कहा है।
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