Cold Home Desi Remedies : मौसम बदला नहीं कि सबसे पहले सर्दी, ज़ुखाम और खांसी की आवाज़ सभी घरों से आनी लगती है। जुखाम को नजला या cough भी कहते हैं। यह श्वसन तंत्र का संक्रमण के कारण होने वाला रोग है। ये छूने से फैलनेवाली बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से आसानी से फैलती है। जुखाम या फ्लू ऐसे वायरस से होता है, जो श्वासनली को प्रभावित करते हैं।

लेकिन जुखाम में दवाईयां लेने से बेहतर है कि घर में रखी घरेलू चीज़ों से देसी इलाज करें क्योंकि ये शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। तो आइए जानते हैं कुछ देसी उपाय जुखाम से निपटने के :
रात को हल्दी दूध लेवे
एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच हल्दी पाउडर डालकर रात को पीने से राहत मिलती है। इससे बंद नाक और गले की खराश में आराम मिलता है। नाक से पानी बहना भी बंद हो जाता है।
तुलसी व अदरक का सेवन
छोटे बच्चों में जुखाम होने पर अदरक और तुलसी के रस की 6-7 बूंदों को शहद में मिलाकर चटाएं। यह बंद नाक को खोलने और बहती नाक को रोकने दोनों में सहायक है। बक़ायदा कोरोना काल में हम सभी ने इसका सेवन किया और लाभ भी प्राप्त किए।
मेथी और अलसी का गर्म पानी
मेथी और अलसी को 4-5 ग्राम की मात्रा में लेकर एक गिलास पानी में उबालें। जब अच्छी तरह उबल जाए, तब इसकी 4-4 बूंदें दोनों नाक में डालें। इससे जुकाम में आराम मिलता है।
हल्दी, अजवायन और गुड का सेवन
10 ग्राम हल्दी और 10 ग्राम अजवायन को एक कप पानी में डालकर पकाएं। जब पानी आधा रह जाए, तब इसमें थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर पिएं। इससे जुखाम में तुरंत आराम मिलता है, और नाक से पानी बहना कम हो जाता है।
काली मिर्च, शहद और मिश्री का उपयोग
काली मिर्च के चूरण को शहद के साथ चाटने से जुकाम से आराम मिलता है, और नाक से पानी बहना कम होता है साथ ही आधा चम्मच काली मिर्च का चूर्ण और एक चम्मच मिश्री मिलाकर एक गिलास गर्म दूध के साथ दिन में दो बार पिएं।
सरसों का तेल व बादाम का तेल
सोते समय दोनों नाक के दोनों छिद्र में 2-2 बूंदे बादाम रोगन या सरसों के तेल की डालकर सोएं। इससे नाक का किसी भी प्रकार का रोग नहीं होता।
अदरक, कालीमिर्च और लौंग का सेवन
कफयुक्त खांसी में दूध में अदरक उबालकर पिएं। अदरक के रस में शहद मिलाकर चाटने से भी जुकाम में आराम मिलता है। 1-2 अदरक के छोटे-टुकड़े, 2 काली मिर्च, 4 लौंग और 5-7 तुलसी की ताजी पत्तियां पीसकर एक गिलास पानी में उबालें। जब यह उबलकर आधा गिलास रह जाए, तब इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं। अदरक के छोटे-छोटे टुकड़ों को देसी घी में भूनकर दिन में 3-4 बार पीसकर खाएं। इससे नाक से पानी बहने की समस्या से आराम मिलता है।
भुने हुए लहसुन का सेवन
लहसुन में पाया जाने वाला एलिसिन नामक रसायन एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फंगल होता है। यह सर्दी-जुखाम के संक्रमण को दूर करता है। इसके लिए 6-8 लहसुन की कलियों को घी में भूनकर खाएं।
गाय का देसी घी
गाय के शुद्ध देसी घी को पिघलाकर दो बूंद सुबह नाक में डालें। ऐसा नियमित रूप से तीन महीने तक करें। इससे पुराना से पुराना जुखाम भी ठीक हो जाता है।
मुनक्का का गर्म पानी
8- 10 मुनक्कों को पानी में डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए तब मुनक्कों को निकालकर खाएं और पानी को पी लें। इससे बहती नाक की समस्या से आराम मिलता है।













