Bikaner Powerlifter News : राजस्थान के बीकानेर में एक दर्दनाक हादसे में वेटलिफ्टिंग की नेशनल चैंपियन यष्टिका आचार्य की मौत हो गई। अभ्यास के दौरान 270 किलो की रॉड उनके हाथों से छूटकर गर्दन पर गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा बड़ा गणेश जी मंदिर के पास स्थित एक निजी जिम में हुआ, जहाँ यष्टिका नियमित रूप से प्रशिक्षण लेती थीं। हादसे के बाद उन्हें पीबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Bikaner News : कैसे हुआ हादसा?
बीकानेर के आचार्य चौक इलाके में रहने वाली यष्टिका आचार्य, जो राष्ट्रीय स्तर की पावरलिफ्टर थीं, मंगलवार शाम करीब 7 बजे रोजाना की तरह जिम में अभ्यास कर रही थीं। कोच की मौजूदगी में उन्होंने 270 किलो वजन के साथ स्क्वाट लगाने की कोशिश की, लेकिन अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और रॉड उनके हाथ से छूटकर सीधे गर्दन पर गिर गई।
Bikaner News : कोच और खिलाड़ियों ने बचाने की कोशिश की
आसपास मौजूद कोच और अन्य खिलाड़ियों ने तुरंत रॉड हटाने की कोशिश की, लेकिन तब तक यष्टिका बेहोश हो चुकी थीं। कोच ने उन्हें सीपीआर (CPR) देकर होश में लाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद तुरंत उन्हें पीबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Bikaner News : कौन थीं यष्टिका आचार्य?
यष्टिका आचार्य, पुत्री ऐश्वर्य आचार्य (धिंगाणिया महाराज), बीकानेर की रहने वाली थीं और राष्ट्रीय स्तर की पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी थीं।
Bikaner News : गोल्ड मेडलिस्ट थीं यष्टिका
यष्टिका ने हाल ही में Rajasthan स्टेट पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित 29वीं राजस्थान स्टेट सब-जूनियर एवं सीनियर मेन एंड वुमेन इक्विप्ड बेंच प्रेस चैंपियनशिप, अलवर में गोल्ड मेडल जीता था।
- उन्होंने गोवा में आयोजित 33वीं नेशनल बेंच प्रेस चैंपियनशिप में इक्विप्ड कैटेगरी में गोल्ड मेडल और क्लासिक कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था।
परिवार में खेल का जुनून
यष्टिका तीन बहनों में से एक थीं और उनकी एक बहन भी पावरलिफ्टिंग करती हैं। उनके पिता ऐश्वर्य आचार्य (50) एक कॉन्ट्रैक्टर हैं।
Bikaner News : क्या पुलिस कर रही है जांच?
Yashtika Acharya Death के मामले में अभी तक उनके परिवार ने कोई केस दर्ज नहीं कराया है। हालांकि, पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। जिम के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं हुई थी।
Bikaner News : क्या कहती हैं एक्सपर्ट्स?
फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार, वेटलिफ्टिंग और पावरलिफ्टिंग में उच्च स्तर की सावधानी बरतनी चाहिए।
- कोच की निगरानी अनिवार्य: इतने भारी वजन उठाने से पहले कोच को पूरी तरह से सुनिश्चित करना चाहिए कि खिलाड़ी संतुलन बना सकता है या नहीं।
- सुरक्षा उपकरणों का उपयोग: पावरलिफ्टिंग के दौरान स्मिथ मशीन, सेफ्टी बार और स्ट्रैप्स का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
- अत्यधिक वजन उठाने से पहले तैयारी जरूरी: शरीर को भारी वजन उठाने के लिए पर्याप्त वार्म-अप और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की जरूरत होती है।
Bikaner News : इस खबर से क्या सबक मिलता है?
Yashtika Acharya Death ने जिम और फिटनेस प्रेमियों के बीच सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिम मालिकों और ट्रेनर्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि:
- भारी वजन उठाते समय सेफ्टी बार और सपोर्ट सिस्टम मौजूद हो।
- सीपीआर और फर्स्ट एड ट्रेनिंग सभी कोच और ट्रेनर्स को दी जाए।
- खिलाड़ियों को सही तकनीक सिखाई जाए, जिससे संतुलन बना रहे।
निष्कर्ष :
Bikaner में यष्टिका आचार्य की दर्दनाक मौत ने पावरलिफ्टिंग जगत को झकझोर कर रख दिया है। नेशनल चैंपियन होते हुए भी सुरक्षा उपायों की कमी के कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। यह घटना फिटनेस इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सबक है और इस तरह के हादसों को रोकने के लिए कड़े नियम और सुरक्षा उपाय अपनाने की जरूरत है।











