Aaj Ka Panchang: आज के दिन का पंचांग के साथ दिन की पूरी कुंडली, साथ ही श्रीमद् भगवदगीता माहात्म्य का ज्ञान और नौकरी मिलने में समस्या के लिए धार्मिक उपाय की जानकारी शास्त्रों के अनुसार दी गई है आज के दिन का शुभ मुहूर्त और राहु काल के बारे में दी गई है जिन्हें उपयोग करके आप अपने दिन को और मंगल और शुभ बनाए..आइए जानते है क्या है पूरी जानकारी…अधिक पढ़े.
Aaj Ka Panchang: आज का हिन्दू पंचांग शास्त्रों के अनुसार
दिनांक – 05 जनवरी 2025
दिन – रविवार
विक्रम संवत् – 2081
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शिशिर
मास – पौष
पक्ष – शुक्ल
तिथि – षष्ठी रात्रि 08:15 तक, तत्पश्चात सप्तमी
नक्षत्र – पूर्व भाद्रपद रात्रि 08:18 तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद
योग – व्यतिपात सुबह 07:32 तक, तत्पश्चात वरियान प्रातः 04:51 जनवरी 06 तक
राहु काल – शाम 04:48 से शाम 06:09 तक
सूर्योदय – 07:25
सूर्यास्त – 06:04
दिशा शूल – पश्चिम दिशा में
ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:36 से 06:29 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:24 से दोपहर 01:07 तक
निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:19 जनवरी 06 से रात्रि 01:12 जनवरी 06 तक
व्रत पर्व विवरण – स्कंद षष्ठी, त्रिपुष्कर योग, रवि योग, सर्वार्थसिद्धि योग (प्रातः 07:22 से प्रातः 07:22 जनवरी 06 तक)
विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
Aaj Ka Panchang: नौकरी मिलने में समस्या का धार्मिक उपाय
जिनको नौकरी नहीं मिलती या मिलती है पर छूट जाती है वे लोग आदित्य ह्रदय स्तोत्र का पाठ करें और पूजा की जगह पर शांत बैठो, अधीर मत बनो, डोरे धागे या तावीज बांधने के चक्कर में न पड़ो । शांत बैठ कर आज्ञा चक्र पर तिलक कर के बंद आँखों से उधर देखते हुए ” ॐ श्रीं नमः” “ॐ ह्रीं नमः” जपें और बैठ कर 15 मिनट पूज्य बापूजी की तस्वीर को एकटक देखें… ध्यान करें । फिर आँखों की पलकें बंद करके आज्ञा चक्र पर ध्यान केन्द्रित करो और शुभ संकल्प करो । और ओमकार का ध्यान करते हुए शांत बैठें मनोरथ सिद्ध होंगे बाहर का कोई सहारा लेने की कोई जरुरत नहीं ।
Aaj Ka Panchang: श्रीमद् भगवदगीता माहात्म्य का ज्ञान
जो मनुष्य भक्तियुक्त होकर नित्य एक अध्याय का भी पाठ करता है, वह रुद्रलोक को प्राप्त होता है और वहाँ शिवजी का गण बनकर चिरकाल तक निवास करता है ।
हे पृथ्वी ! जो मनुष्य नित्य एक अध्याय एक श्लोक अथवा श्लोक के एक चरण का पाठ करता है वह मन्वंतर तक मनुष्यता को प्राप्त करता है ।
जो मनुष्य गीता के दस, सात, पाँच, चार, तीन, दो, एक या आधे श्लोक का पाठ करता है वह अवश्य दस हजार वर्ष तक चन्द्रलोक को प्राप्त होता है । गीता के पाठ में लगे हुए मनुष्य की अगर मृत्यु होती है तो वह (पशु आदि की अधम योनियों में न जाकर) पुनः मनुष्य जन्म पाता है ।














