Udaipur Murder Mystery : उदयपुर शहर इन दिनों एक ऐसी खौफनाक और रहस्यमयी वारदात की चर्चा में है जिसने आम जनता से लेकर पुलिस तक को हैरानी में डाल दिया है। एक फोटोग्राफर की हत्या की यह घटना अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई है – मिर्ची, हथौड़ी और एक फोन कॉल… इन तीन सुरागों ने पूरे केस को गहरी रहस्यमयी मिस्ट्री में बदल दिया है।
Udaipur : क्या है पूरा मामला?
राजस्थान के उदयपुर जिले के उदयसागर झील के पास शनिवार सुबह एक पार्क में एक युवक की लाश मिली। मृतक की पहचान फोटोग्राफर शंकर डांगी के रूप में हुई, जो कुराबड़ के छोटा गुड़ा गांव का निवासी था। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि शव के पास एक हथौड़ी और मिर्ची भी पड़ी हुई थी।
एक फोन कॉल और फिर…
शंकर के परिजनों ने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे उसके पास एक कॉल आया था। इसके बाद वह अपनी बाइक लेकर घर से निकल गया। लेकिन वह रातभर वापस नहीं लौटा। शनिवार सुबह 6 बजे के आसपास उसकी बाइक उदयसागर झील के पास मिली और पास ही पार्क में उसकी लाश पड़ी थी।
मिर्ची और हथौड़ी ने बढ़ाया सस्पेंस
पुलिस को जब शव मिला तो उसके गले और हाथ पर धारदार हथियारों से हमले के निशान थे। लेकिन जो चीज़ सबसे ज्यादा चौंकाने वाली थी, वह थी शव के पास मिली लाल मिर्ची और एक भारी हथौड़ी। शुरू में यह माना गया कि हथौड़ी से हमला किया गया होगा, लेकिन बाद में सामने आया कि हथौड़ी का इस्तेमाल शायद नहीं हुआ, बल्कि केवल मिर्ची का छिड़काव किया गया था। अब सवाल यह है कि मिर्ची वहां क्यों थी? क्या यह किसी रिवेंज प्लान का हिस्सा था या किसी अंधविश्वास से जुड़ा मामला?
पुलिस जांच के सभी एंगल खोल रही है
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा ने बताया कि पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है। हत्या के पीछे की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है। मृतक की कलाई पर गहरे कट थे और शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियारों से चोट के निशान थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।
परिवार की मांग और दर्द
शंकर डांगी की मौत ने उसके परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिजनों और रिश्तेदारों ने उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की मांग की है ताकि तीन साल की बच्ची का भविष्य सुरक्षित रह सके। शुरू में उन्होंने पोस्टमार्टम करवाने से भी इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में प्रशासन के समझाने पर देर शाम अंतिम संस्कार किया गया।
कोई दुश्मनी नहीं, फिर क्यों?
परिजनों के अनुसार, शंकर का किसी से कोई विवाद या झगड़ा नहीं था। वह ‘लविश स्टूडियो’ नामक फोटोग्राफी का काम करता था और शांत स्वभाव का व्यक्ति था। ऐसे में यह हत्या और भी रहस्यमयी बन जाती है। क्या यह रंजिश थी, या कोई पेशेवर रंजिश? या फिर इसके पीछे कोई गहरा अंधविश्वास छिपा है?
निष्कर्ष:
उदयपुर की यह मर्डर मिस्ट्री केवल एक हत्या नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के टूटने की कहानी है। एक मासूम बच्ची अपने पिता के बिना रह गई, एक पत्नी का सहारा छिन गया, और एक शहर एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री में उलझ गया। अब देखना यह होगा कि पुलिस मिर्ची और हथौड़ी जैसे सुरागों को जोड़कर इस गुत्थी को सुलझा पाती है या नहीं।











