Health : गर्मी के मौसम में सबसे ज़्यादा बिकने वाला फल – तरबूज – अब सेहत के लिए खतरे की घंटी बनता जा रहा है। बाजार में मिलने वाला ये मीठा और रसीला फल अब इतना ‘साफ-सुथरा’ नहीं रहा जितना हम सोचते हैं। उदयपुर और राजस्थान के अन्य हिस्सों से आई रिपोर्ट्स इस बात का खुलासा कर रही हैं कि तरबूजों में जानलेवा केमिकल्स की मिलावट की जा रही है। ये मिलावट सिर्फ रंग दिखाने के लिए नहीं, बल्कि आपकी सेहत को धीरे-धीरे बर्बाद करने वाली है।
Health : तरबूज में मिलाया जा रहा है ज़हर?
हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बाजार से लिए गए तरबूज के नमूनों की जांच की, जिसमें ‘एरिथ्रोसिन बी’ (Erythrosine B) नामक रंग पाए गए। यह एक खतरनाक सिंथेटिक फूड कलर है जिसे तरबूज को अत्यधिक लाल और ताज़ा दिखाने के लिए मिलाया जाता है। लेकिन यह रंग मानव शरीर के लिए ज़हर से कम नहीं।
“इस रंग के सेवन से व्यक्ति को पेट दर्द, उल्टी, दस्त, लीवर डैमेज, यहां तक कि फूड पॉयजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं”, उदयपुर के वरिष्ठ डॉक्टर डॉ. आर. एन. अग्रवाल का कहना है।
मिलावटी तरबूज की पहचान ऐसे करें
यदि आप तरबूज खाते हैं या खरीदने जा रहे हैं, तो ये सावधानियां ज़रूर बरतें:
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कपड़े या रुई से रगड़ें: तरबूज के गूदे को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर उस पर लाल रंग निकल आता है, तो वह मिलावटी है।
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पानी में मिलाएं रस: थोड़ा गूदा निकालकर पानी में डालें। अगर पानी का रंग बदल जाए, तो समझ लें – इसमें मिलावट है।
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गूदा अगर बहुत ज्यादा लाल या चमकीला हो – तो वह नेचुरल नहीं है।
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अजीब गंध या स्वाद – अगर स्वाद थोड़ा कड़वा या गंध अलग लगे, तुरंत फेंक दें।
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कटे हुए तरबूज न खरीदें – खुले में रखे गए फल सबसे ज़्यादा मिलावट के शिकार होते हैं।
सबसे ज़्यादा खतरा किन्हें?
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बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा होता है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
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लीवर और किडनी के मरीजों के लिए मिलावटी तरबूज सीधे अंगों को प्रभावित कर सकते हैं।
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गर्भवती महिलाओं को भी ऐसे फल से दूर रहना चाहिए।
मिलावट की सूचना कहां दें?
अगर आपको किसी फल या सब्जी में मिलावट का शक हो तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को जानकारी दें या पास की हेल्थ अथॉरिटी से संपर्क करें। आप FSSAI हेल्पलाइन 1800112100 पर भी शिकायत कर सकते हैं।
उपभोक्ता के लिए अलर्ट
बाजार की भागदौड़ में जब सेहत से समझौता होने लगे, तो जागरूकता ही एकमात्र उपाय है। तरबूज को सिर्फ ठंडक और स्वाद के लिए न खाएं, बल्कि जांच के बाद ही खरीदें। किसी भी चमकते लाल फल को खरीदने से पहले 2 मिनट सोचें – कहीं आप सेहत नहीं, बीमारी तो नहीं खरीद रहे?
लेखक की सलाह:
अब सिर्फ सरकारी अभियान पर निर्भर रहना काफी नहीं, हर ग्राहक को अपनी जिम्मेदारी खुद निभानी होगी। अगली बार जब आप बाजार जाएं तो आंखों से नहीं, समझदारी से खरीदारी करें।













