Bikaner News Today : बीकानेर में भगवान परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में गौशाला में हुआ भव्य पोस्टर विमोचन। गौ माता की आरती, कीर्तन, प्रसादी के साथ शुरू हुई शोभायात्रा की आध्यात्मिक तैयारी। जानें आयोजन की पूरी जानकारी।
“गौ आरती, कीर्तन और प्रसादी के साथ हुआ शोभायात्रा का शुभारंभ, बीकानेर में उमड़ी आस्था की लहर”
मुख्य बातें :
- बीकानेर की गौशाला में भगवान परशुराम शोभायात्रा के पोस्टर का भव्य विमोचन
- गौ माता की आरती, परिक्रमा और प्रसादी वितरण से शुरू हुई आध्यात्मिक तैयारी
- 27 अप्रैल को निकाली जाएगी ऐतिहासिक शोभायात्रा, समाजसेवियों का भरपूर सहयोग
भगवान परशुराम जयंती की भव्य तैयारी शुरू
बीकानेर में भगवान परशुराम जयंती को लेकर तैयारियां ज़ोरों पर हैं। 27 अप्रैल को भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर निकाली जाने वाली ऐतिहासिक शोभायात्रा से पहले श्री गंगा जुबली पिंजरा प्रोल गौशाला में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में गौ माता की आरती, परिक्रमा और प्रसादी वितरण के साथ शोभायात्रा के पोस्टर का भव्य विमोचन किया गया।
गौ माता की सेवा से हुई शुरुआत, बांटी गई पवित्र प्रसादी
कार्यक्रम की शुरुआत गौ माता की सेवा और पूजा के साथ हुई। सभी श्रद्धालुओं ने गौ माता की परिक्रमा की, कीर्तन किया और फिर पवित्र गौ प्रसादी ग्रहण की। आयोजन का उद्देश्य भगवान परशुराम की शोभायात्रा को सफल बनाने के लिए गौ माता का आशीर्वाद प्राप्त करना था। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं ने इस पवित्र आयोजन को एक अध्यात्मिक महोत्सव का रूप दे दिया।
बाल संत और समाजसेवियों ने किया पोस्टर विमोचन
इस आयोजन की शोभा और बढ़ गई जब बाल संत छैल बिहारी जी महाराज और प्रसिद्ध समाजसेवी नित्यानंद पारीक ने विधिवत रूप से शोभायात्रा का पोस्टर विमोचन किया। परम गौ भक्त देवकिशन चांडक के सान्निध्य में गौसेवा का यह दिव्य आयोजन संपन्न हुआ। उन्होंने इस अवसर पर सभी सनातन धर्म प्रेमियों से अपील की कि वे शोभायात्रा में पूरे उत्साह से भाग लें और इसे ऐतिहासिक बनाएं।
श्रद्धालुओं की गरिमामयी उपस्थिति ने किया माहौल भावुक
इस कार्यक्रम में नरसिंह दास व्यास, विजय उपाध्याय, इंद्र कुमार जाजड़ा, पृथ्वीसिंह पंवार, इंदु वर्मा, राधा खत्री, लोकेश अरोड़ा, श्याम सुंदर सोनी समेत अनेक श्रद्धालुओं और गौ भक्तों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इन सभी ने एक स्वर में भगवान परशुराम के प्रति अपनी आस्था प्रकट की और शोभायात्रा की सफलता के लिए प्रार्थना की।
शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने की हो रही है तैयारी
शोभायात्रा समन्वय समिति के संयोजक रवि कलवानी और उनकी पूरी टीम—जिसमें नरेश जोशी, रविकांत छंगानी, जेठमल किरायत, महेश ओझा, वीरेंद्र छंगानी, मनीष देराश्री, इंदर पुरोहित, अंकित कलवानी, विनीत छंगानी सहित अनेक विप्र जन शामिल हैं—ने इस आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई।
रवि कलवानी ने बताया कि इस वर्ष की शोभायात्रा को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए प्रत्येक मोहल्ले और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से संपर्क किया जा रहा है। जनमानस का आशीर्वाद प्राप्त किया जा रहा है और शोभायात्रा को जन-जन का पर्व बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकता का भी संदेश
गौशाला में हुए इस पावन आयोजन ने जहां धार्मिक श्रद्धा को प्रकट किया, वहीं समाज में सद्भाव, एकता और आध्यात्मिक चेतना का भी संदेश दिया। इस तरह के कार्यक्रम केवल धार्मिक नहीं होते, वे समाज को जोड़ने और एक सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का कार्य करते हैं।
निष्कर्ष: परशुराम जयंती केवल एक उत्सव नहीं, सनातन संस्कृति का गौरव है
इस आयोजन ने स्पष्ट कर दिया है कि परशुराम जयंती केवल एक धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के गौरव का उत्सव है। गौ माता की सेवा, संतों का सान्निध्य, और समाज का एकजुट प्रयास—ये सभी बातें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि भारत की आत्मा आज भी जीवित है।
बीकानेर में होने वाली यह शोभायात्रा निश्चित ही एक ऐतिहासिक क्षण बनने जा रही है। यदि आप सनातन धर्म से जुड़ाव रखते हैं, तो इस आयोजन का हिस्सा बनें और परशुराम जयंती को धर्म, संस्कृति और एकता के महापर्व के रूप में मनाएं।











