Rajasthan Crime News: प्रेमिका की हत्या कर आरोपी ने गूगल पर खोजा – ‘पुलिस से कैसे बचें’, 10 घंटे शव के साथ घूमता रहाराजस्थान के उदयपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक शादीशुदा युवक ने अपनी प्रेमिका की हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के तरीके गूगल पर सर्च किए। इस मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
श्मशान में अधजला शव मिलने से खुला राज
घटना 11 फरवरी की रात की है, जब उदयपुर के मदार गांव स्थित श्मशान घाट में कुछ लोगों ने एक महिला का जलता हुआ शव देखा। पहले तो लोग घबरा गए, लेकिन जब पास जाकर देखा, तो महिला का ऊपरी शरीर जला हुआ था, जबकि पैरों में पायल और बिछिया मौजूद थीं। इससे अंदाजा लगाया गया कि वह शादीशुदा थी।
पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद एसपी योगेश गोयल के नेतृत्व में बड़गांव थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों और 100 से अधिक मोबाइल नंबरों की जांच की।

गूगल पर सर्च कर बना प्लान, 10 घंटे शव के साथ घूमता रहा
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दिल्ली की रहने वाली आरती कुमारी, जो उदयपुर में रह रही थी, लापता है। महिला के प्रेमी विनोद टांक को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिसने कबूल किया कि उसने ही आरती की हत्या की थी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को ठिकाने लगाने के तरीके गूगल पर सर्च किए। उसने गूगल पर यह खोजा:
- हत्या के बाद शव को कैसे ठिकाने लगाएं?
- हत्या के बाद पुलिस से कैसे बचा जाए?
हत्या करने के बाद आरोपी 2 घंटे तक शव के पास बैठा रहा। फिर उसने शव को कार में डालकर 10 घंटे तक इधर-उधर घुमाया। अंत में, रात करीब 9 बजे, उसने पेट्रोल डालकर शव को जला दिया।
हत्या की वजह – प्रेमिका की बढ़ती मांगें
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शादीशुदा था, लेकिन दिल्ली निवासी आरती से उसका अवैध संबंध था। दोनों उदयपुर में साथ रह रहे थे। कुछ दिनों से आरती, विनोद से लगातार अलग-अलग चीजों की मांग कर रही थी, जिससे वह परेशान हो गया था।
11 फरवरी की सुबह दोनों के बीच झगड़ा हुआ और गुस्से में आकर विनोद ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद, उसने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई और गूगल पर सर्च किया।
पुलिस ने ऐसे पकड़ा आरोपी
- 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच
- 100 से अधिक मोबाइल नंबरों की ट्रैकिंग
- सैकड़ों लोगों से पूछताछ
इन सब जांचों के बाद पुलिस को आरोपी का सुराग मिला और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल चेक किया, जिसमें उसके गूगल सर्च हिस्ट्री से हत्या के बाद के प्लान का पता चला।
निष्कर्ष
यह घटना समाज में बढ़ती अपराध प्रवृत्ति और डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग को उजागर करती है। आरोपी ने अपने गुनाह को छिपाने के लिए इंटरनेट का सहारा लिया, लेकिन पुलिस की सतर्कता से वह पकड़ा गया। यह मामला एक चेतावनी है कि अपराध कितनी भी चालाकी से किया जाए, लेकिन क़ानून से बचना नामुमकिन है।











