Vaishno Devi : श्रीवैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने कटड़ा से सांझीछत तक रोपवे परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से उन श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी जो बुजुर्ग दिव्यांग और शारीरिक रूप से अक्षम हैं । केबल कार में सवार हो कर श्रद्धालु मात्र 6-8 मिनट में ताराकोट से सांझीछत तक पहुंच सकेंगे। यह परियोजना करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से दो साल में पूरी होगी..आइए जानते है पूरा मामला क्या है…अधिक पढ़े
Vaishno Devi में स्थानीय लोग और व्यापारी हुए रोप-वे के खिलाफ
वहीं दुःखद पहलू ये हैं कि श्रीवैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा कटरा से माता Vaishno Devi के मंदिर परिसर तक बनाए जाने वाले रोपवे को ले कर स्थानीय लोगों और व्यापारियों का रोष बढ़ता जा रहा है। रोपवे के खिलाफ अब यात्रा के लिए घोड़ा, पिट्ठू और पालकी वाले भी आ गए हैं। श्राइन बोर्ड द्वारा ताराकोट मार्ग से माता वैष्णो देवी मंदिर परिसर तक बनाए जाने वाले रोपवे के खिलाफ घोड़ा पिट्टू और पालकी सेवाएं देने वाले लोगों ने अपनी 72 घंटे की हड़ताल को सोमवार तक बढ़ा दिया है।
श्रीवैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर यात्रियों के लिए घोड़ा, पिट्ठू और पालकी चलाने वाले लोगों के साथ-साथ यात्रा मार्ग पर दुकान व्यापार कर रहे व्यापारियों ने भी श्राइनबोर्ड के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन किया।
Vaishno Devi में 250 करोड़ कि लागत से बन रहा रोप-वे
ज्ञात रहे कि वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड द्वारा कटरा में ताराकोट मार्ग और सांझी छत के बीच 12 किलोमीटर के मार्ग पर 250 करोड़ रुपए की लागत से रोपवे का निर्माण करवा रहा है।
Vaishno Devi आने वाले श्रद्धालुओं को खच्चर और पालकीवाले मंदिर दर्शन कराने ले जाते हैं। ये उन के कमाई का जरिया है। इसलिए वे इस का विरोध कर रहे है।
रियासी के एसएसपी परमवीर सिंह ने बताया कि ‘लोग पिछले तीन दिनों से यहां विरोध कर रहे हैं और हम स्थिति को संभाल रहे हैं। आज उन में से कुछ ने पुलिस टीम पर पथराव किया। हम स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।’
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी निर्माणाधीन जम्मू तवी रिवरफ्रंट परियोजना के स्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा- 90% काम पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि यह जनवरी तक पूरा हो जाएगा। कटरा में चल रहे विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा घोषित रोपवे परियोजना का उद्देश्य तीर्थयात्रियों के लिए तेज और सुरक्षित यात्रा प्रदान करना है।












