Bikaner : आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंजेगी बीकानेर की पावन भूमि, जोत भारती जी की 68वीं पुण्यतिथि पर आयोजित होगा शिव महापुराण कथा का दिव्य आयोजन
बीकानेर, राजस्थान की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक नगरी एक बार फिर आध्यात्मिक जागरण की ओर अग्रसर होने जा रही है। श्रावण मास के पावन अवसर पर, 27 जुलाई से 2 अगस्त 2025 तक, शिवबाड़ी स्थित जोत भारती जी के धोरे पर श्री शिव महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
इस दिव्य कथा आयोजन की जानकारी समाजसेवी नित्यानंद पारीक ने दी। उन्होंने बताया कि यह आयोजन स्वामी श्री जोत भारती जी महाराज की 68वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में रखा गया है। आयोजन का उद्देश्य है — जन-जन में शिव उपासना के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना का जागरण।
Bikaner : कथा का संपूर्ण विवरण:
- तारीख: 27 जुलाई से 2 अगस्त 2025
- समय: प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक
- स्थान: जोत भारती जी का धोर, शिवबाड़ी, बीकानेर
- कथा वाचक: पूज्य भाई श्री संतोष सागर जी महाराज, प्रसिद्ध पुराण चिंतक
- विशेष सानिध्य: श्री नारायण भारती जी महाराज
- आयोजक: शिव भक्त समुदाय एवं नित्यानंद पारीक
कथा के प्रमुख प्रसंग जो होंगे शामिल:
- शिवलिंग महिमा
- रुद्राक्ष एवं भस्म की महिमा
- नारद चरित्र व सृष्टि वर्णन
- कुबेर चरित्र
- सती चरित्र एवं पार्वती जन्म कथा
- शिव विवाह
- गंगा अवतरण
- समुद्र मंथन
- अर्धनारीश्वर कथा
- कार्तिकेय एवं गणपति प्राकट्य
- शिव अवतारों की कथा (जैसे दुर्वासा, हनुमान, भैरव अवतार)
- तुलसी विवाह
- शिव भक्तों के चरित्र
- महामृत्युंजय मंत्र की महिमा
- पंचाक्षर मंत्र विधान
- शिव साधना प्रसंग
श्रद्धा का केंद्र बनेगा जोत भारती जी का धोर
बीकानेरवासियों के लिए यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक महत्व भी रखता है। स्वामी श्री जोत भारती जी महाराज, जिन्होंने अपने जीवन को समाज सेवा और अध्यात्म को समर्पित किया, उनके पुण्यस्मरण में यह आयोजन उनके अनुयायियों के लिए एक भावुक अवसर है।
जन सहभागिता से होगा सफल आयोजन
नित्यानंद पारीक ने अपील की है कि शहर और ग्रामीण अंचलों के श्रद्धालु इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने बताया कि हर दिन कथा से पूर्व भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन भी होगा, जिससे वातावरण में भक्ति और शांति का संचार होगा।
सार:
श्रावण मास के इस पावन अवसर पर बीकानेर की पुण्य भूमि एक बार फिर शिव उपासना के रंग में रंगेगी। शिव महापुराण कथा के माध्यम से न केवल भक्तों को शिव महिमा का ज्ञान मिलेगा, बल्कि जीवन में धर्म, नीति, संयम और भक्ति का मार्ग भी प्रशस्त होगा











