Jaipur News : जयपुर की बदहाली – राजस्थान की राजधानी राजधानी के बीचोंबीच “कोलिया की कोठी” डूबी गंदगी में, जनता बेहाल — प्रशासन मौन!!

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Jaipur News Today : राजस्थान की राजधानी जयपुर, जिसे ‘पिंक सिटी’ कहा जाता है और जो देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, आज खुद गंदगी, सीवरेज और सरकारी लापरवाही का शिकार बन चुकी है। वार्ड 81 के कोलिया की कोठी क्षेत्र में रहने वाले लोग इन दिनों नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। यहां की गलियां गंदे पानी में डूबी हुई हैं। हर तरफ गंदगी का साम्राज्य है, और लोग बीमारी, बदबू और असहनीय हालात में जीने को मजबूर हैं।

Jaipur News : यह तस्वीरें सिर्फ फोटो नहीं, बल्कि सिस्टम पर करारा तमाचा हैं

तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि घरों के आगे तक गंदा पानी जमा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसी गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह हालात कई हफ्तों से बने हुए हैं लेकिन न नगर निगम ने सुध ली और न ही स्थानीय विधायक ने।

स्थान: वार्ड 81, कोलिया की कोठी, जयपुर
विधायक: रफीक़ खान
समस्या: सीवरेज जाम, गंदा पानी, संक्रामक बीमारियों का खतरा, प्रशासनिक लापरवाही

प्रमुख समस्याएं:

  • सीवरेज पूरी तरह जाम: घरों से निकलने वाला पानी गलियों में बह रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू और बीमारी फैली है।
  • स्कूल जाने में परेशानी: गली में इतना गंदा पानी भरा है कि छोटे बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे।
  • बुजुर्ग और महिलाएं कैद: बुजुर्ग लोग गंदगी के डर से घर से निकल ही नहीं पा रहे।
  • संक्रमण का खतरा: इस सीवरेज और जलभराव से मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड जैसे गंभीर रोगों का खतरा बढ़ गया है।
  • प्रशासनिक चुप्पी: नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।

जनता का सवाल — वोट लेने वाले कहां हैं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन समस्या आने पर कोई भी नज़र नहीं आता। विधायक रफीक़ खान को लेकर लोगों में नाराज़गी है। उनका कहना है कि न विधायक आए, न कोई पार्षद। जो जनता उन्हें वोट देकर सत्ता में लाई, वही अब उनके हालात से बेखबर है।

सरकार और निगम की नाकामी का ये है जीता-जागता सबूत

राजधानी में इस प्रकार का जल प्रलय और सीवरेज सिस्टम का फेल होना पूरे सिस्टम पर सवाल उठाता है। राजस्थान सरकार जहां पूरे प्रदेश में स्मार्ट सिटी और विकास के दावे करती है, वहीं उसकी राजधानी में ऐसे हालात हैं कि लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं।

बच्चों का भविष्य खतरे में

गंदे पानी में गिरकर बच्चे घायल हो चुके हैं। स्कूल यूनिफॉर्म गंदी हो जाती है, बीमारियों का डर हर वक्त बना रहता है। कई अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है क्योंकि रास्ते में पानी इतना है कि गिरने का डर बना रहता है।

बुजुर्गों और महिलाओं के लिए “कैद” बन चुका है मोहल्ला

70 वर्षीय रईसा बेगम बताती हैं, “पहले तो चलना ही मुश्किल था, अब बाहर निकलना भी डरावना है। ना कोई सुनता है, ना कोई आता है देखने। हमको यहीं सड़ना है क्या?”

नगर निगम की “कामचलाऊ” सफाई

कई बार सफाई की शिकायत की गई, मगर कर्मचारी सिर्फ दिखावे के लिए झाड़ू लगाकर चले जाते हैं। नाले अब भी जाम हैं, और पानी लगातार जमा हो रहा है। कॉल करने पर निगमकर्मी यह कहकर टाल देते हैं कि “गाड़ी अभी व्यस्त है”।

यह सिर्फ एक मोहल्ले की कहानी नहीं — यह है जयपुर का कड़वा सच

राजधानी जयपुर में यदि लिया की कोठी जैसे इलाके में इतनी लापरवाही है, तो अंदाजा लगाइए कि पूरे राजस्थान में हालात कैसे होंगे। अगर अब भी सरकार नहीं जागी, तो यह समस्या महामारी का रूप ले सकती है।

जनता की मांग:

  1. तत्काल सीवरेज सफाई और जलनिकासी की पुख्ता व्यवस्था की जाए।
  2. इलाकों में क्लोरीन छिड़काव और सैनिटाइजेशन हो।
  3. विधायक और निगम अधिकारियों की ज़िम्मेदारी तय हो।
  4. एक जनसुनवाई शिविर का आयोजन कर जनता की बात सुनी जाए।

यह है “तूफानी खबर” की पहल

हमारी खबर का उद्देश्य सिर्फ दिखाना नहीं, बदलाव लाना है। अगर आप इस क्षेत्र से हैं, या जयपुर के निवासी हैं तो इस खबर को साझा करें, ताकि जिम्मेदार अफसर और प्रतिनिधि हरकत में आएं।

आपने अगर वोट दिया है, तो सवाल पूछने का भी अधिकार रखते हैं। अब चुप मत रहिए।

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