उदयपुर, राजस्थान – 25 जुलाई की रात एक हिला देने वाली घटना ने राजस्थान के शैक्षणिक जगत को झकझोर कर रख दिया। पैसिफिक डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, भीलों का बेदला, उदयपुर में बीडीएस फाइनल ईयर की छात्रा श्वेता सिंह (25) ने अपने हॉस्टल रूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
श्वेता का सुसाइड नोट जितना भावुक है, उतना ही कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। श्वेता ने कॉलेज स्टाफ पर पैसे के बदले मानसिक प्रताड़ना, परीक्षाएं रोकने, और मनमाने ढंग से फेल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुसाइड नोट में किए गए गंभीर खुलासे: “जो पैसा नहीं देता, उसको मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं”
श्वेता ने अपने आखिरी खत में लिखा:
“नैनी मैम और भगवत सर हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। जो पैसा नहीं देता, उसका खून पीते रहते हैं। हमसे जबरदस्ती अटेंडेंस और प्रैक्टिकल के नाम पर वसूली की जाती थी।”
सुसाइड नोट में यह भी खुलासा हुआ कि कॉलेज की व्यवस्थाएं इतनी खराब हैं कि एक ही बैच के कुछ छात्र इंटर्नशिप कर रहे हैं, जबकि बाकी अब भी फाइनल ईयर में फंसे हुए हैं।
“हमारी परीक्षाएं जानबूझकर टाली जाती हैं, जिससे डिग्री पूरी करने में देरी हो।”
छात्रों का गुस्सा फूटा, कॉलेज गेट किया बंद, धरने पर बैठे छात्र
घटना के बाद शुक्रवार सुबह सैकड़ों छात्रों ने कैंपस के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य गेट बंद कर दिया और ‘नैनी मैम और भगवत सर को गिरफ्तार करो’, ‘श्वेता को न्याय दो’, जैसे नारे लगाए।
छात्रों का कहना था:
- “श्वेता की मौत आत्महत्या नहीं, यह सिस्टम की हत्या है।”
- “हमारे साथ भी वही हो सकता है, अगर आवाज न उठाएं।”
कॉलेज प्रशासन की सफाई और कार्रवाई: दो स्टाफ सस्पेंड
पैसिफिक ग्रुप के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने कहा कि वे इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिन दो स्टाफ सदस्यों (नैनी मैम और भगवत सर) पर सुसाइड नोट में आरोप लगे हैं, उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है।
“हम निष्पक्ष जांच कराएंगे। अगर कोई भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमॉर्टम पिता के आने के बाद
श्वेता जम्मू-कश्मीर की निवासी थीं। उनके पिता वहां पुलिस कॉन्स्टेबल हैं। उदयपुर पुलिस ने बताया कि:
- पोस्टमॉर्टम श्वेता के पिता के आने के बाद किया जाएगा।
- प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
- कॉलेज स्टाफ से पूछताछ की जा रही है।
यह केवल एक मौत नहीं, सिस्टम पर तमाचा है
इस घटना ने एक बार फिर भारत की मेडिकल और डेंटल शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठा दिए हैं:
| मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| मानसिक स्वास्थ्य | छात्रों के लिए काउंसलिंग और हेल्पलाइन की भारी कमी |
| मनमानी फीस और वसूली | बिना रसीद वसूली, अटेंडेंस के नाम पर जबरदस्ती |
| परीक्षा प्रणाली में खामियां | जानबूझकर देरी, छात्रों का भविष्य अटकाना |
| छात्र सुरक्षा | हॉस्टल और कैंपस में कोई निगरानी व्यवस्था नहीं |
श्वेता की कहानी देश के हर छात्र की कहानी बन सकती है
श्वेता की मौत ने हजारों छात्रों को झकझोर दिया है। सोशल मीडिया पर #JusticeForShweta ट्रेंड कर रहा है। छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि:
- मेडिकल/डेंटल कॉलेजों में पारदर्शिता लाई जाए
- सभी कॉलेजों में काउंसलिंग सेल अनिवार्य किया जाए
- UGC और DCI को छात्र शिकायतों के लिए पोर्टल बनाना चाहिए
जरूरी जानकारी
- मृतक छात्रा: श्वेता सिंह (25), फाइनल ईयर बीडीएस
- कॉलेज: Pacific Dental College, Udaipur
- आरोपित स्टाफ: Naini Ma’am और Bhagwat Sir (दोनों सस्पेंड)
- मूल निवास: जम्मू-कश्मीर
- पुलिस थाना: सुखेर, उदयपुर











