Udaipur College Exam Fire Incident : “उदयपुर के Arts College में परीक्षा के दौरान लगी आग, 1000 छात्र बिना बिजली के बैठे एग्जाम में! Nagar Nigam ने दिया नोटिस”

Udaipur College Exam Fire Incident

Udaipur College Exam Fire Incident : शिक्षा के मंदिर में लापरवाही की आग एक बार फिर धधक उठी है। राजस्थान के उदयपुर जिले में स्थित सुविवि (SUK – Sukhadiya University) से संबद्ध Arts College में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब परीक्षा के दौरान कॉलेज के विद्युत मीटर में अचानक आग लग गई। 3 से 6 बजे की परीक्षा पारी में शामिल करीब 1000 विद्यार्थी बिना बिजली-पंखे के एग्जाम देने को मजबूर हो गए। हालात इतने बिगड़ गए कि विद्युत आपूर्ति तत्काल काटनी पड़ी। इस गंभीर लापरवाही के खिलाफ अब नगर निगम ने यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है।

उदयपुर के आर्ट्स कॉलेज में परीक्षा के दौरान लगी आग से छात्रों की जान पर बन आई। अग्निशमन व्यवस्था नहीं थी, ना ही DG सेट। नगर निगम ने विश्वविद्यालय को नोटिस भेजा। जानिए पूरी खबर।

परीक्षा के बीच लगी आग, हज़ारों छात्रों की जान खतरे में!

शुक्रवार को उदयपुर के सुविवि से संबद्ध Arts College में चल रही परीक्षा के दौरान अचानक बिजली मीटर में आग लग गई। यह घटना उस वक्त हुई जब परीक्षा केंद्र में हजारों छात्र-छात्राएं परीक्षा में व्यस्त थे। विद्युत मीटर से उठता धुआं और जलती हुई चिंगारियों ने छात्रों और स्टाफ के बीच दहशत फैला दी।

हालांकि, कॉलेज प्रशासन की सूझबूझ से आग फैलने से पहले ही विद्युत कनेक्शन को काट दिया गया। लेकिन इसका सीधा असर परीक्षा पर पड़ा, क्योंकि सैकड़ों छात्रों को बिना पंखे और लाइट के परीक्षा देनी पड़ी।

“Expertise Gusher” नहीं, ना ही DG सिस्टम – College की तैयारियों की पोल खुली

सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि कॉलेज में न तो कोई “एक्सपर्टाइज गशर” (Agnisaman व्यवस्था) थी और ना ही कोई डिजल जेनरेटर (DG Set)। यानी आपात स्थिति में कॉलेज में न तो आग बुझाने के उपकरण थे और न ही बिजली के वैकल्पिक साधन। ऐसे में ये सवाल उठता है कि इतना बड़ा कॉलेज कैसे बिना सुरक्षा मानकों के चल रहा है?

सूत्रों के अनुसार, सुविवि के सभी कॉलेजों में Arts College सबसे बड़ा कॉलेज माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद यहां अग्निशमन के नाम पर कुछ भी मौजूद नहीं था।

Nagar Nigam का एक्शन – University को भेजा नोटिस

इस घटना के बाद उदयपुर नगर निगम ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस भेजा है। इसमें यह स्पष्ट किया गया है कि यूनिवर्सिटी ने अभी तक अग्निशमन मानकों (Fire Safety Compliance) की पालना नहीं की है।

निगम अधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी के चलते यह नोटिस भेजा गया है। यदि समय पर अग्निशमन की व्यवस्था नहीं की गई तो अगली बार कोई बड़ा हादसा हो सकता है जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी।

छात्रों में आक्रोश, परीक्षा देने के दौरान हुआ शारीरिक असुविधा का सामना

गर्मी के मौसम में बिजली और पंखे के बिना तीन घंटे की परीक्षा देना छात्रों के लिए किसी “टॉर्चर” से कम नहीं था। कई छात्रों ने शिकायत की कि उन्हें सिर दर्द, घबराहट और चक्कर जैसी समस्याएं होने लगीं।

छात्रों ने यह भी कहा कि परीक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ा, क्योंकि बिना पंखे और लाइट के लिखना मुश्किल हो गया था। कई परीक्षार्थी तो प्रश्नपत्र अधूरा छोड़कर ही चले गए।

क्या कहता है कॉलेज प्रशासन?

कॉलेज प्रशासन ने आग लगने की घटना को “तकनीकी खराबी” बताते हुए कहा कि “सुरक्षा के लिहाज से तुरंत कनेक्शन काट दिया गया था और फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी गई थी।”

लेकिन कॉलेज प्रशासन यह नहीं बता पाया कि इतनी बड़ी यूनिट में अब तक फायर सेफ्टी ऑडिट क्यों नहीं हुआ? और अग्निशमन उपकरण क्यों नहीं लगे?

फायर सेफ्टी के अभाव में भविष्य में हो सकता है बड़ा हादसा!

इस घटना ने राजस्थान के उच्च शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। बिना फायर ऑडिट, इमरजेंसी सिस्टम, और DG Backup के यह कॉलेज एक ticking time bomb की तरह है।

अगर समय रहते कनेक्शन नहीं काटा जाता, तो यह आग एक बड़ा हादसा बन सकती थी। सौभाग्य से कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन क्या अगली बार भी किस्मत साथ देगी?

Udaipur College Exam Fire Incident : सरकार और UGC को लेना होगा संज्ञान

इस घटना से स्पष्ट है कि राजस्थान के कई सरकारी कॉलेजों में बेसिक सेफ्टी मापदंड तक पूरे नहीं किए गए हैं। इस मामले को लेकर अब छात्र संगठन भी एक्टिव हो गए हैं और उन्होंने University Grants Commission (UGC) और राज्य सरकार से जांच की मांग की है।

निष्कर्ष: एक चेतावनी, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

उदयपुर के आर्ट्स कॉलेज की यह घटना सिर्फ एक स्थानीय खबर नहीं बल्कि एक गंभीर चेतावनी है – कि हमारे शिक्षा संस्थान कितने असुरक्षित हैं। नगर निगम का नोटिस पहला कदम है, लेकिन जब तक यूनिवर्सिटी प्रशासन जागरूक नहीं होगा और अग्निशमन व सुरक्षा उपायों को अपनाएगा नहीं, तब तक छात्रों की जान जोखिम में बनी रहेगी।

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