Rahul Gandhi Fake News Video — देश की राजनीति में उस समय उबाल आ गया जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और केरल कांग्रेस ने विदेश मंत्री एस जयशंकर का एक कथित वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में दावा किया गया कि भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पहले पाकिस्तान को जानकारी दे दी थी। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने इस वीडियो को फर्जी करार दे दिया है।
अब सवाल ये है कि जब सच्चाई पहले ही सामने थी, तो फिर राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता ने यह फेक वीडियो क्यों शेयर किया? क्या यह राजनीतिक मंशा थी या फिर जानबूझकर भ्रामक खबर फैलाना?
वायरल हुआ वीडियो और विपक्षी आरोप
केरल कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें कहा गया था कि एस जयशंकर ने खुद स्वीकार किया है कि पाकिस्तान को पहले से ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी गई थी। राहुल गांधी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“अगर सरकार ने पाकिस्तान को पहले से ऑपरेशन की जानकारी दी, तो किसने यह अनुमति दी? और इसके चलते वायुसेना को कितना नुकसान हुआ?”
इस ट्वीट ने राजनीति में हलचल मचा दी। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर बहस छिड़ गई और कई लोग इसे सच्चाई मान बैठे।
PIB की सख्त चेतावनी: यह वीडियो है फर्जी!
जब यह वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, तब PIB Fact Check यूनिट ने आगे आकर स्पष्ट किया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। PIB ने यह भी कहा कि यह दावा पूरी तरह से गलत, भ्रामक और तथ्यहीन है।
“सोशल मीडिया पोस्ट में विदेश मंत्री के हवाले से कहा जा रहा है कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पाकिस्तान को पहले से सूचना दी थी। यह जानकारी गलत है।”
PIB ने लोगों को आगाह किया कि इस तरह के भ्रामक वीडियो से दूर रहें और किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर प्रामाणिक स्रोतों से पुष्टि करें।
Social media posts quoting EAM @DrSJaishankar are implying that India gave advance information to Pakistan about #OperationSindoor#PIBFactCheck
▶️ EAM is being misquoted, and he has not made this statement
🔗https://t.co/DQriAgE56e https://t.co/05OiwE3kdV
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) May 16, 2025
राहुल गांधी की चुप्पी सवालों के घेरे में
जब PIB का फैक्ट चेक सामने आ गया, उसके बाद भी राहुल गांधी ने अपना ट्वीट डिलीट नहीं किया और न ही माफ़ी मांगी। इससे सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या यह जानबूझकर किया गया राजनीतिक प्रोपेगेंडा था? क्या राहुल गांधी और कांग्रेस इस मुद्दे पर युवाओं की भावनाओं को भड़काना चाहते थे?
इस घटना ने दिखा दिया कि कैसे आज के समय में राजनीति में फेक न्यूज का इस्तेमाल एक हथियार की तरह हो रहा है, और जब यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बातों पर हो, तब यह और भी खतरनाक हो जाता है।
क्या कहता है ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक गुप्त रक्षा अभियान था जिसे भारत की वायुसेना ने अंजाम दिया। इसकी जानकारी सीमित लोगों तक ही थी। पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी। ऐसे में यह दावा कि पाकिस्तान को इसकी सूचना दी गई थी, सीधे-सीधे देशद्रोह के समान आरोप है।
क्या ये वीडियो AI Generated था?
एक बड़ा सवाल ये भी खड़ा हुआ कि क्या यह वीडियो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया था? एक्सपर्ट्स का मानना है कि आजकल एआई टेक्नोलॉजी से चेहरों और आवाजों की हूबहू नकल की जा सकती है।
केरल कांग्रेस ने यह भी पूछा था कि क्या यह AI वीडियो है? लेकिन यह कहकर वह खुद ही यह मान रहे थे कि वीडियो की प्रामाणिकता संदिग्ध है — फिर भी इसे सोशल मीडिया पर फैलाया गया।
Rahul Gandhi Fake News Video: फेक न्यूज से कैसे निपटे?
PIB का यह उदाहरण एक बार फिर साबित करता है कि सरकारी फैक्ट चेकिंग यूनिट का महत्व कितना बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर हर दिन सैकड़ों फर्जी खबरें वायरल होती हैं और इनमें से कई राजनीति और सुरक्षा से जुड़ी होती हैं।
यहां कुछ उपाय दिए जा रहे हैं जिनसे आप फेक न्यूज से बच सकते हैं:
- किसी भी खबर को शेयर करने से पहले PIB Fact Check या अन्य अधिकृत फैक्ट चेकर्स से पुष्टि करें।
- वीडियो के मेटाडेटा और स्रोत की जांच करें।
- यदि कोई खबर आपको अत्यधिक भड़काऊ या अविश्वसनीय लगे, तो उस पर सोच-समझकर प्रतिक्रिया दें।
निष्कर्ष: राजनीति की सस्ती चाल या लापरवाही?
राहुल गांधी द्वारा एक फर्जी वीडियो शेयर करना और फिर PIB के खंडन के बावजूद उस पर कोई सफाई न देना, उनकी राजनीतिक नैतिकता पर सवाल खड़े करता है।
यह मामला केवल एक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा है। आम जनता को ऐसी खबरों से गुमराह करना एक गंभीर अपराध के दायरे में आता है।
अब देखना यह है कि राहुल गांधी इस झूठे वीडियो पर कब माफ़ी मांगते हैं और कांग्रेस पार्टी इस घटना पर क्या रुख अपनाती है। एक जिम्मेदार विपक्ष का यह कर्तव्य होता है कि वह सत्य के आधार पर सरकार से सवाल करे, न कि फर्जी वीडियो के जरिए देश को गुमराह करे।













