Kota News Today : राजस्थान के कोटा जिले से एक सनसनीखेज और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक ट्रेलर चालक ने RTO इंस्पेक्टर को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि उसका चालान काटा गया था। यह घटना शनिवार दोपहर को कोटा-झालावाड़ हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग-52) पर गोपालपुरा गांव के पास हुई।
Kota : चालान बना मौत की वजह
मृतक RTO इंस्पेक्टर की पहचान नरेश कुमार के रूप में हुई है, जो अपने दस्ते के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक ट्रेलर को रोका गया और उसके दस्तावेज अधूरे पाए जाने पर चालान काटा गया। चालान से बौखलाए चालक ने गुस्से में आकर इंस्पेक्टर नरेश को ट्रेलर से कुचल दिया। यह हादसा इतना भयानक था कि नरेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में एक अन्य व्यक्ति घायल
हादसे के दौरान वहां खड़ी बोलेरो गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई और उसका ड्राइवर देवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे, बवाल का माहौल
घटना की सूचना मिलते ही कोटा ग्रामीण पुलिस, जिला कलेक्टर डॉ. रविंद्र गोस्वामी और एसपी सुजीत शंकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और हालात को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
घटना के बाद परिवहन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में भारी आक्रोश देखा गया। वे इस बात से बेहद नाराज़ थे कि ड्यूटी के दौरान एक ईमानदार अफसर की हत्या कर दी गई और उनकी सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
परिवार में कोहराम, हत्या का मामला दर्ज
इंस्पेक्टर नरेश कुमार की मौत की सूचना जब उनके परिजनों को मिली तो अस्पताल में कोहराम मच गया। परिजन विलाप करते हुए इंसाफ की मांग करने लगे। पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर पर आरोपी ट्रेलर ड्राइवर के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
ट्रांसपोर्ट विभाग में मची अफरा-तफरी
परिवहन विभाग में यह खबर आग की तरह फैल गई। कई कर्मचारी घटना के विरोध में हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि जब तक विभागीय अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक वो फील्ड ड्यूटी पर नहीं जाएंगे।
क्या बोले अधिकारी?
परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। इंस्पेक्टर नरेश को जानबूझकर कुचला गया। हम सरकार से मांग करते हैं कि दोषी को फांसी की सजा दी जाए और विभागीय अधिकारियों की सुरक्षा के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू किए जाएं।”
क्या है पुलिस की अगली कार्रवाई?
पुलिस ने हाईवे पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही आरोपी ट्रेलर चालक की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी मौके से ट्रेलर छोड़कर फरार हो गया था।
ड्यूटी करते हुए जान गंवाना कहां तक जायज?
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी कर्मचारियों की फील्ड ड्यूटी के दौरान सुरक्षा को लेकर सरकार कितनी गंभीर है। जब एक अधिकारी, जो कानून लागू करने के लिए सड़कों पर तैनात हो, वह खुद ही कानून तोड़ने वालों का शिकार बन जाए – तो आम नागरिक की सुरक्षा की उम्मीद करना मुश्किल हो जाता है।
जनता में भी नाराज़गी
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने रोष जताया। ट्विटर और फेसबुक पर कई यूजर्स ने हैशटैग #JusticeForNareshKumar के साथ पोस्ट करते हुए आरोपी के लिए सख्त सजा की मांग की है। वहीं कुछ लोगों ने सरकार से विभागीय अधिकारियों के लिए बुलेटप्रूफ गाड़ियाँ और बॉडी कैमरा जैसे आधुनिक उपकरण देने की भी मांग की।
निष्कर्ष :
कोटा में घटित यह घटना न सिर्फ एक दर्दनाक हादसा है बल्कि सिस्टम की असुरक्षा की पोल भी खोलती है। इंस्पेक्टर नरेश कुमार की शहादत व्यर्थ न जाए, इसके लिए अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन कितनी गंभीरता से इस मामले पर कार्रवाई करता है।











