Sawai Madhopur : 19 नाबालिग लड़कियां कैद, 4 महिलाओं ने बनाया था गंदे धंधे का अड्डा! सवाई माधोपुर में छापेमारी से सनसनी

Sawai Madhopur

Sawai Madhopur Latest News: राजस्थान के सवाई माधोपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां 19 नाबालिग लड़कियों को जबरन गंदे काम में धकेलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस और नई दिल्ली की संस्था ‘एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन’ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस बड़े देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान 19 डरी-सहमी नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया गया, वहीं इस गंदे कारोबार को चलाने वाली चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।

Sawai Madhopur : विनोबा बस्ती में चल रहा था गंदा धंधा

जानकारी के अनुसार, सवाई माधोपुर के जिला मुख्यालय स्थित विनोबा बस्ती में यह गंदा धंधा बेधड़क चल रहा था। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने एनजीओ के साथ मिलकर गुप्त रूप से छानबीन शुरू की और शनिवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस टीम को वहां से बड़ी मात्रा में अश्लील सामग्री भी मिली है, जिससे गिरोह की असली सच्चाई सामने आ गई। अंदेशा है कि इन लड़कियों को मानव तस्करी के जरिए यहां लाया गया था और फिर जबरन गंदे धंधे में धकेला गया।

डर से सहमी थी लड़कियां, पुलिस भी रह गई दंग

छापेमारी के समय पुलिस को 19 लड़कियां मिलीं जो काफी डरी और सहमी हुई थी। इन बच्चियों को चार महिलाओं द्वारा डरा-धमकाकर गंदे काम के लिए मजबूर किया जा रहा था। पुलिस ने सभी लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया है।

अब पुलिस उनकी पहचान करने और परिवार तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल लड़कियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी है कि वे किस राज्य या क्षेत्र से लाई गई हैं।

एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन की अहम भूमिका

नई दिल्ली की संस्था ‘एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन’ ने इस गंदे कारोबार का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था के सीनियर डायरेक्टर मनीष शर्मा के नेतृत्व में टीम ने सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को सफल बनाया।

उनकी सूचना के आधार पर ही पुलिस ने विनोबा बस्ती में अचानक छापा मारा और बड़ा खुलासा हुआ।

चार महिलाएं गिरफ्तार, गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी

पुलिस ने मौके से चार महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इन महिलाओं से पूछताछ जारी है ताकि इस पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी मिल सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लड़कियों को कौन और कहां से सप्लाई कर रहा था। गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, इसकी तलाश तेजी से जारी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई छोटा मोटा मामला नहीं है, बल्कि एक संगठित देह व्यापार का बड़ा रैकेट हो सकता है, जिसकी जड़ें राज्य के बाहर तक फैली हुई हो सकती हैं।

बच्चियों की दुर्दशा देख हर किसी का दिल पसीज गया

जिन हालात में इन मासूम बच्चियों को बरामद किया गया, उसे देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। बच्चियों के चेहरे पर डर साफ नजर आ रहा था। वे बेहद खराब परिस्थितियों में रह रही थी और मानसिक रूप से भी काफी परेशान थीं।

अब पुलिस और चाइल्ड लाइन मिलकर बच्चियों की काउंसलिंग कर रही है ताकि उन्हें मानसिक रूप से राहत दी जा सके और भविष्य में बेहतर जीवन मिल सके।

निष्कर्ष :

सवाई माधोपुर में हुए इस खुलासे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समाज में मानव तस्करी और देह व्यापार जैसी कुरीतियां किस हद तक पैर पसार चुकी हैं। पुलिस और समाज को मिलकर ऐसे अपराधों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की जरूरत है, ताकि किसी मासूम की जिंदगी यूं बर्बाद न हो।

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