Kashmir Attack – जम्मू-कश्मीर के पहलगांव में आतंकवादियों द्वारा किए गए बर्बर हमले ने पूरे देश को हिला दिया है। इस दर्दनाक घटना के खिलाफ देशभर में आक्रोश फैल गया है। अब कांग्रेस सेवादल के दो वरिष्ठ नेताओं, नित्यानंद पारीक और नरसिंह दास व्यास, ने इस जघन्य हमले की कड़ी निंदा करते हुए मोदी सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग की है। दोनों नेताओं ने आतंकियों के खिलाफ ‘नेस्तनाबूद’ की नीति अपनाने की पुरजोर अपील की है।
कश्मीर में बर्बरता की सारी हदें पार, नेताओं ने जताया शोक
कश्मीर के पहलगांव में हुए इस हमले में निर्दोष नागरिकों की हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आतंकवाद ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। नित्यानंद पारीक और नरसिंह दास व्यास ने कहा कि केवल कैंडल मार्च और शोक व्यक्त करना काफी नहीं है — अब समय है निर्णायक कार्रवाई का।
उन्होंने कहा –
“ये हमला न सिर्फ कुछ लोगों पर, बल्कि भारत की अखंडता और सामाजिक समरसता पर हमला है। जो आतंकी और उनके आका POK में छिपे हैं, उन्हें बंकरों से खींच कर बाहर निकालो और एक-एक को नेस्तनाबूद करो!”
“मोदी सरकार ले कठोर निर्णय, पाकिस्तान समर्थित बंकर तुरंत तबाह हो” – पारीक
पारीक ने दो टूक कहा कि मोदी सरकार को अब ‘कड़ी निंदा’ से आगे बढ़ते हुए सर्जिकल स्ट्राइक जैसे एक्शन की ओर बढ़ना होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को तत्काल ध्वस्त किया जाए ताकि भारत में घुसपैठ और हमलों की संभावना को जड़ से खत्म किया जा सके।
“देश के प्रधानमंत्री के साथ आज हर भारतवासी खड़ा है। भारत अब चुप नहीं बैठेगा। पाकिस्तान को, उसके आतंकियों को और उन्हें पनाह देने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए,” – नित्यानंद पारीक।
श्रद्धांजलि नहीं, न्याय चाहिए – व्यास का भावुक संदेश
नरसिंह दास व्यास ने कहा कि शहीद हुए लोगों की केवल श्रद्धांजलि से आत्मा को शांति नहीं मिलेगी, जब तक उनके हत्यारों को सजा न मिले। उन्होंने कहा कि
“अब वक्त है सिर्फ मोमबत्ती जलाने का नहीं, बल्कि उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए एकजुट होने का।”
सामाजिक समरसता पर हमला, देश की एकता को चुनौती
नेताओं ने साफ कहा कि इस तरह के हमले सिर्फ जान लेने वाले नहीं होते, बल्कि वे भारत की सांस्कृतिक एकता, धार्मिक सहिष्णुता, और समाज की सामूहिक चेतना पर हमला करते हैं। यही वजह है कि अब हर नागरिक, हर दल, हर संस्था को आतंकवाद के खिलाफ एक सुर में खड़ा होना होगा।
‘बॉर्डर सील करो, सर्जिकल वार करो’ – बढ़ती मांगें
पारीक और व्यास जैसे नेताओं की मांगें अब केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम जनता में भी गूंज रही हैं। सोशल मीडिया पर हैशटैग #RevengeForPahalgam और #StrikeBackPakistan ट्रेंड कर रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं:
- कब तक हमारे लोग ऐसे मारे जाते रहेंगे?
- क्या सिर्फ निंदा से शांति आएगी?
- अब क्या मोदी सरकार सख्ती दिखाएगी?
Kashmir Attack : पूरा देश एकजुट – पार्टी नहीं, मातृभूमि पहले
इस मुद्दे पर एक बात स्पष्ट है – यह समय राजनीति करने का नहीं, बल्कि मातृभूमि की रक्षा के लिए एकजुट होने का है। नित्यानंद पारीक और नरसिंह दास व्यास ने अपनी पार्टी से परे जाकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दी है।
निष्कर्ष: अब वक्त है आतंक के खिलाफ ‘अंतिम युद्ध’ का!
पाकिस्तान समर्थित आतंकियों की बर्बरता के खिलाफ अब शब्द नहीं, एक्शन चाहिए। चाहे वो बंकर हो, फंडिंग हो या समर्थन – सबको खत्म करना ही भारत की असली जीत होगी।
कश्मीर में हुई इस नृशंस घटना ने हमें फिर याद दिलाया है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी बाकी है। और इस लड़ाई में हमें कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहना होगा – सिर्फ निंदा नहीं, अब ‘जवाबी वार’ जरूरी है।












