Rajasthan : राजस्थान की धरती पर शर्मनाक कांड – बहू और देवर ने मिलकर बुजुर्ग को बना दिया कैदी!, वीडियो वायरल, इंसाफ की मांग, अमानवीयता की हदें पार करने वाली घटना!

Rajasthan

Rajasthan News Today : राजस्थान के जालोर जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ मानवता को शर्मसार किया, बल्कि समाज के संवेदनहीन हो जाने की भी तस्वीर पेश की। जालोर के भीनमाल क्षेत्र के मिंडावास गांव में 63 वर्षीय विधवा महिला पारू देवी को उनकी बहू और देवर ने मिलकर पेड़ से जंजीरों में बांध दिया। यह घटना देवी-प्रकोप का बहाना बनाकर की गई, लेकिन इसकी असली वजह और भी ज्यादा दर्दनाक है।

Rajasthan News Today : घटना का पूरा विवरण

रविवार रात मिंडावास गांव में यह अमानवीय कृत्य अंजाम दिया गया। पारू देवी को पेड़ से लोहे की जंजीरों से बांधा गया और पूरी रात वहीं छोड़ दिया गया। पड़ोसियों ने जब महिला की चीखें सुनीं और परिवार से पूछा, तो जवाब मिला – “उस पर देवी का असर है।”

सोमवार सुबह जब हालात बदतर दिखे तो गांव के ही एक पड़ोसी अमरदान ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को मुक्त करवाया। इसके बाद बहू सीता को हिरासत में ले लिया गया।

महिला की हालत और आरोप

पारू देवी ने रोते हुए पुलिस को बताया कि उन्हें तीन दिन से खाना नहीं दिया गया था और बहू उनसे मारपीट करती थी। उनकी आंखों में डर साफ दिखाई दे रहा था और शरीर पर चोट के कई निशान भी पाए गए।

महिला का बेटा मनीष मुंबई में नौकरी करता है, और घर पर केवल पारू देवी और बहू सीता रहती हैं। इस दौरान महिला के देवर की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।

देवी प्रकोप या अत्याचार का बहाना?

भारत में कई बार अंधविश्वास के नाम पर लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। इस घटना में भी “देवी का असर” एक ऐसा ही बहाना बनाकर महिला को प्रताड़ित किया गया। लेकिन असल में यह एक बुजुर्ग महिला के साथ घरेलू हिंसा का घिनौना चेहरा था।

वीडियो वायरल और सोशल मीडिया पर गुस्सा

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में पारू देवी जंजीरों में बंधी रोती दिखाई दे रही हैं। यह वीडियो जैसे ही सामने आया, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सोशल मीडिया पर #JusticeForParuDevi ट्रेंड कर रहा है और इंसाफ की मांग उठ रही है।

यह भी पढे- Personal Loan 2025 : बैंक का डर खत्म! 2025 में बदल गया लोन का खेल! – RBI की नई नीति ने सबको चौंकाया!

यह भी पढे- Credit Card Limit Rule 2025 : RBI ने बदले नियम Credit Card वालों के लिए नई आफत – लिमिट घटाने का नया कानून लागू, जानें बचाव का तरीका!

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस ने बहू सीता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। देवर को भी जल्द ही तलब किया जाएगा। प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लिया है और महिला की मेडिकल जांच करवाई जा रही है। साथ ही बुजुर्ग महिला की सुरक्षा के लिए अस्थायी इंतजाम भी किए गए हैं।

समाज में संवेदनहीनता की तस्वीर

यह घटना सिर्फ एक घरेलू विवाद नहीं, बल्कि यह दर्शाती है कि कैसे समाज में संवेदनशीलता खत्म होती जा रही है। एक बुजुर्ग महिला को देवी का बहाना बनाकर बंधक बनाना, उसे खाना न देना और शारीरिक प्रताड़ना देना न सिर्फ कानूनन अपराध है बल्कि नैतिक रूप से भी बेहद शर्मनाक है।

क्या कहता है कानून?

भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 342 और 506 के तहत इस तरह की मारपीट, बंधक बनाना और डराना-धमकाना अपराध की श्रेणी में आता है। अगर आरोप सिद्ध होते हैं तो दोषियों को कठोर सजा हो सकती है।

बीमा, स्वास्थ्य योजना और महिला सुरक्षा

इस घटना के माध्यम से यह भी जरूरी हो जाता है कि बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य बीमा और महिला सुरक्षा योजनाएं कारगर रूप से लागू की जाएं। सरकार द्वारा चलाई जा रही “वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा योजना” और “प्रधानमंत्री महिला सुरक्षा योजना” जैसी योजनाएं यदि सही से लागू हों, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

निष्कर्ष :

जालोर की यह घटना सिर्फ एक महिला के साथ अन्याय नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता का एक आईना है। अब वक्त आ गया है कि अंधविश्वास और घरेलू हिंसा के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। वीडियो वायरल होना सिर्फ सोशल मीडिया पर चर्चा के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक और सामाजिक चेतना जाग्रत करने का माध्यम बनना चाहिए।

Join WhatsApp

Join Now