26 December Panchang: आज के दिन के पंचांग के साथ दिन की पूरी कुंडली के साथ एकादशी पर विशेष सूचना और जानकारी, दिन का शुभ मुहूर्त और राहु काल के बारे में दी गई है जिन्हें उपयोग करके आप अपने दिन को और मंगल और शुभ बनाए..आइए जानते है क्या है पूरी जानकारी…अधिक पढ़े.
26 December Panchang: ~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞
- दिनांक – 26 दिसम्बर 2024
- दिन – गुरुवार
- विक्रम संवत् – 2081
- अयन – दक्षिणायन
- ऋतु – शिशिर
- मास – पौष
- पक्ष – कृष्ण
- तिथि – एकादशी रात्रि 12:43 दिसम्बर 27 तक, तत्पश्चात द्वादशी
- नक्षत्र – स्वाती शाम 06:09 तक तत्पश्चात विशाखा
- योग – सुकर्मा रात्रि 10:24 तक, तत्पश्चात धृति
- राहु काल – दोपहर 02:01 से दोपहर 03:21 तक
- सूर्योदय – 07:22
- सूर्यास्त – 05:57
- दिशा शूल – दक्षिण दिशा में
- ब्राह्ममुहूर्त – प्रातः 05:32 से 06:25 तक
- अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:19 से दोपहर 01:02 तक
- निशिता मुहूर्त – रात्रि 12:14 दिसम्बर 27 से रात्रि 01:07 दिसम्बर 27 तक
- व्रत पर्व विवरण – मण्डला पूजा, सफला एकादशी
⛅विशेष – एकादशी को सिम्बी (सेम) खाने से पुत्र का नाश होता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
26 December Panchang: एकादशी(ग्यारस) में क्या करना और क्या नहीं करना है ?
1.एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से श्री विष्णुसहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l
2. `ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ इस द्वादश अक्षर मंत्र अथवा गुरुमंत्र का जप करना चाहिए ।
4. चोर, पाखण्डी और दुराचारी मनुष्य से बात नहीं करना चाहिए, यथा संभव मौन रहें ।
4. एकादशी के दिन भूल कर भी चावल नहीं खाना चाहिए न ही किसी को खिलाना चाहिए । इस दिन फलाहार अथवा घर में निकाला हुआ फल का रस अथवा दूध या जल पर रहना लाभदायक है ।
5. व्रत के (दशमी, एकादशी और द्वादशी) – इन तीन दिनों में काँसे के बर्तन, मांस, प्याज, लहसुन, मसूर, उड़द, चने, कोदो (एक प्रकार का धान), शाक, शहद, तेल और अत्यम्बुपान (अधिक जल का सेवन) – इनका सेवन न करें ।
6. फलाहारी को गोभी, गाजर, शलजम, पालक, कुलफा का साग इत्यादि सेवन नहीं करना चाहिए । आम, अंगूर, केला, बादाम, पिस्ता इत्यादि अमृत फलों का सेवन करना चाहिए ।
7. जुआ, निद्रा, पान, परायी निन्दा, चुगली, चोरी, हिंसा, मैथुन, क्रोध तथा झूठ, कपटादि अन्य कुकर्मों से नितान्त दूर रहना चाहिए ।
8. भूलवश किसी निन्दक से बात हो जाय तो इस दोष को दूर करने के लिए भगवान सूर्य के दर्शन तथा धूप-दीप से श्रीहरि की पूजा कर क्षमा माँग लेनी चाहिए ।
9. एकादशी के दिन घर में झाडू नहीं लगायें । इससे चींटी आदि सूक्ष्म जीवों की मृत्यु का भय रहता है ।
10. इस दिन बाल नहीं कटायें ।
11. इस दिन यथाशक्ति अन्नदान करें किन्तु स्वयं किसी का दिया हुआ अन्न कदापि ग्रहण न करें ।
12. एकादशी की रात में भगवान विष्णु के आगे जागरण करना चाहिए (जागरण रात्र 1 बजे तक) ।
13. जो श्रीहरि के समीप जागरण करते समय रात में दीपक जलाता है, उसका पुण्य सौ कल्पों में भी नष्ट नहीं होता है ।














